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आइसीएसआर की क्यूआर टीम ने किया कृषि विज्ञान केन्द्रों के कार्यों का मूल्यांकन

बीकानेर, 14 दिसम्बर। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पंचवर्षीय समीक्षा दल (क्यूआरटी) ने शुक्रवार को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय सहित तीन विश्वविद्यालयों के बीस कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा गत पाच वर्षों में किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया।
क्यूआरटी के चेयरमैन तथा महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर के पूर्व कुलपति डाॅ. एस. एल. मेहता ने कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा नवाचार किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी केवीके, आपस में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा रखें तथा एक-दूसरे का अनुसरण करते हुए बेहतर परिणाम देने के प्रयास करें।

कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने कहा कि क्यूआरटी सदस्यों द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों का कृषि विज्ञान केन्द्रों में अक्षरशः पालन हो। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलम्बी बनाना है। इस दिशा में कृषि विज्ञान केन्द्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
क्यूआरटी के सदस्य सचिव डाॅ. अरविंद कुमार ने स्वागत उद्बोधन दिया। इससे पहले अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। पहला प्रजेंटेशन स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. एस. के. शर्मा ने दिया। इसके बाद राजुवास एवं कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के प्रसार शिक्षा निदेशकों ने भी गत पांच वर्षों में किए गए कार्यों को प्रजेंट किया। इस दौरान एसकेआरएयू के सात, कृषि विश्वविद्यालय जोधुपर के छह और सात अन्य कृषि विज्ञान केन्द्रों सहित 20 केवीके द्वारा किए गए कार्यों का प्रजेंटेशन दिया गया।

इस दौरान प्रसार शिक्षा उपनिदेशक प्रो. सुभाष चंद्र सहित कृषि विज्ञान केन्द्रों के प्रभारी मौजूद रहे। क्यूआरटी द्वारा शनिवार को कृषि विज्ञान केन्द्र जैसलमेर तथा रविवार को कृषि विज्ञान केन्द्र बाड़मेर प्रथम एवं द्वितीय का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान टीम द्वारा किसानों से भी संवाद किया जाएगा।
*अतिथियों ने किया पुस्तकों का विमोचन*
इस दौरान क्यूआर टीम के सदस्यों और कुलपति प्रो. सिंह ने कृषि विज्ञान केन्द्र जैसलमेंर द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘आंकाक्षी जिला जैसलमेर में कृषि कल्याण अभियानः कृषक आय बढ़ाने हेतु महत्त्वपूर्ण आयाम एवं उपलब्धियां’ तथा कृषि विज्ञान केन्द्र, चांदगोठी (चूरू) द्वारा प्रकाशित ‘डेयरी इकाई का नाभिक बीजः बछड़े एवं बछड़ियां’ तथा ‘चूरू जिले की खरीफ की मुख्य दलहन एवं तिलहन’ का विमोचन किया।
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