– 3 करोड की लागत से और होंगे विकास कार्य-भाटी
बीकानेर, 30 अक्टूबर। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने शुक्रवार को देशनोक नगर पालिका द्वारा कराएं गए 3 करोड़ 25 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण तथा लगभग 3 करोड़ के विकास कार्यों की आधार शिला रखी।
देशनोक नगर पालिका परिसर में आयोजित लोकापर्ण समारोह में उन्होंने कहा कि देशनोक कस्बा विकास की ओर अग्रसर है। नगर पालिका प्रशासन राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए बजट को जरूरमंद के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में खर्च करें। सभी वार्डों में बिना भेदभाव के विकास कार्य करवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्हांेने कहा कि लोकार्पित विकास कार्य और होने वाले विकास कार्य से देशनोक में नए आयाम स्थापित होंगे। उन्होंने देशनोक को उप तहसील बनाने की मांग पर कहा कि इस संबंध में प्रयास किए जायेंगे।

नगर पालिका के प्रशासक धर्मपाल मीना ने बताया कि नगर पालिका देशनोक द्वारा वार्डांे में नाली निर्माण, सीसी सडक निर्माण, सीविर लाइन का निर्माण ,देशनोक नगर पालिका की चारदीवारी निर्माण, गैराज का निर्माण, नाला निर्माण, टीनशेड एवं चबुतरा निर्माण, पेवर सड़क का निर्माण आदि के 40 कार्य हुए है। उन्होंने बताया कि 3 करोड़ की लागत के शिलान्यास कार्याें में ट्रांसफार्मर, बीटी सड़क निर्माण,आंगनबाड़ी केन्द्र, कब्रिस्तान एवं श्मशान भूमि की चारदीवारी निर्माण, पार्क की चारदीवारी निर्माण, नालों का निर्माण आदि के 24 कार्य करवाएं जायेंगे।
उपनिदेशक क्षेत्रीय निकाय कन्हैया लाल सोनगरा ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीकरणी मंदिर निजी प्रन्यास के अध्यक्ष गिरिराज सिंह बारठ, नगर पालिका की सहायक अभियन्ता सुरेन्द्र चैधरी, शंकर दान चारण, नायब तहसीलदार कैलाशदान, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष कानाराम सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

कोरोना जागरूकता रथ को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना- उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने नगर पालिका देशनोक द्वारा कोरोना जागरूकता अभियान के तहत तैयार प्रचार रथों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने मास्क का भी वितरण किया।
भाटी ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के लिए मास्क सबसे अधिक प्रभावी है। उन्होंने कहा कि मास्क इस बीमारी को रोकने में 90 प्रतिशत तक प्रभावी है। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन की जो शुरूआत की है वह काफी असरकारी है। इसके परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। नो मास्क-नो एन्ट्री स्लोगन भी सार्थक एवं जनजागृति में प्रभावशाली साबित हो रहा है। वास्तव में लोग मास्क नहीं तो प्रवेश नहीं का पालन कर कोरोना महामारी को रोक सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के विरूद्ध जन आंदोलन अभियान का हम सभी को अनुसरण करना है। उन्होंने कहा कि जहां विशेषज्ञों के द्वारा वैक्सीन को भी 50-60 प्रतिशत तक असरकारी बताया जा रहा है वहीं मास्क को 90 प्रतिशत तक असरकारी बताया गया है।
उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए तन की सुरक्षा और मन की मजबूती आवश्यक है। सोशल डिस्टेसिंग,मास्क और सेनिटाइजेशन की पालना कर कोरोना की रोकथाम कर सकते हैं।