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एएनएम-आशा का बने विजिटिंग कार्ड: जिला कलेक्टर

स्थानांतरण से खाली हुई पीएचसी संभालेंगे आयुष चिकित्सक
दीपावली पर सभी अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित

बीकानेर। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही बड़ा नवाचार करते हुए जिले की सभी एएनएम व आशा सहयोगिनियों को उनके विजिटिंग कार्ड बनवाकर देगा। घर-घर भ्रमण के दौरान सम्बंधित क्षेत्र के प्रत्येक घर तक इसे पहुँचाया जाएगा ताकि समुदाय व स्वास्थ्य विभाग के बीच पुख्ता संवाद कायम हो और स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार हो सके। ये आइडिया और किसी का नहीं बल्कि जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष यानिकी कलेक्टर कुमार पाल गौतम का है। इस प्रोजेक्ट को लागू करने का जिम्मा विभाग के आई.ई.सी. प्रकोष्ठ को सौंपा गया है।
शुक्रवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने इस बाबत निर्देश दिए। प्रथम तिमाही में एएनसी पंजीकरण की कम प्रगति व सम्पूर्ण टीकाकरण में आ रही समस्याओं के पीछे मूल कारण निकल कर आया कि घरों में सम्बंधित आशा व एएनएम का संपर्क सूत्र नहीं होता और कई सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान नहीं हो पाता। जिला कलेक्टर द्वारा उत्कृष्ट कार्य वाली एएनएम की यूनीफोर्म पर आदर्श एएनएम का तगमा लगाने का भी सुझाव दिया गया।
हालिया तबादलों के दौर में जिले के खाली हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की कमान अब आयुष चिकित्सक संभालेंगे। जहाँ एलोपैथी चिकित्साधिकारी पदस्थापित है वहां से आयुष को हटाकर खाली पीएचसी पर लगाया जाएगा जब तक कि वहां नई नियुक्ति नहीं हो जाती। बैठक के दौरान सीएमएचओ डॉ बी.एल. मीणा ने इस बाबत अध्यक्ष से अनुमोदन करवाया। गौतम द्वारा दीपावली के मौके पर दुर्घटनाओं की गुंजाइश के चलते सभी अस्पतालों को अलर्ट रखने, डेंगू-मलेरिया-ब्रुसेलोसिस जैसी मौसमी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम करने, सेक्टर बैठकों का टाइम टेबल जारी करने और सेक्टर बैठकों की गुणवत्ता पर नजर रखने के निर्देश दिए गए।
इससे पहले कि स्वाइन फ्लू जिले में दस्तक दे सीएमएचओ द्वारा इसके उपचार की गाइडलाइन को अक्षरशः लागू करने के निर्देश बैठक में दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन्फ्लुएंजा के बी 1 व बी 2 श्रेणी के मरीजों को तुरंत टेमी फ्लू से उपचार शुरू करना है जबकि सी श्रेणी के मरीज को सीधा जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाना है। बैठक में मिसाल रैंकिंग के बिन्दुओं पर आधारित समीक्षा की गई।

बैठक में डिप्टी सीएमएचओ डॉ इंदिरा प्रभाकर, डॉ योगेन्द्र तनेजा, डॉ नवलकिशोर गुप्ता, डीपीएम सुशील कुमार, डीएनओ मनीष गोस्वामी, डीएएम राजेश सिंगोदिया, डॉ आशुतोष उपाध्याय, आई.ई.सी. समन्वयक मालकोश आचार्य सहित समस्त बीसीएमओ, बीपीएम व ग्रामीण चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।

ब्रुसेलोसिस, कांगो फीवर व स्क्रब टायफस सम्बन्धी पम्फलेट का हुआ विमोचन
डीएचएस बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने ब्रुसेलोसिस, कांगो फीवर व स्क्रब टायफस सम्बन्धी पम्फलेट का विमोचन किया। जिला आई.ई.सी. समन्वयक द्वारा डिजायन पम्फलेट में पशुओं से फैलने वाली इन तीनो बीमारियों के कारण, लक्षण, बचाव व उपचार की जानकारी समाहित की गई है। जिला कलेक्टर ने इन्हें पशु चिकित्सा विभाग के मार्फत प्रत्येक पशुओं के बाड़े तक पहुंचाने के निर्देश दिए क्योंकि रोकथाम का प्राथमिक कार्य पशुपालकों को ही करना है।