-सोनार किले की शक्ल में शहर से लगभग 18 किमी दूर बने सूर्यागढ़ होटल के 10 किमी दायरे में आबादी नगण्य है। इतना अभेद्य है कि सुरक्षा को लेकर कोई चूक की गुंजाइश नहीं रखी है।

जयपुर/जैसलमेर। सोनार किले की शक्ल में शहर से लगभग 18 किमी दूर बने सूर्यागढ़ होटल के 10 किमी दायरे में आबादी नगण्य है। इतना अभेद्य है कि सुरक्षा को लेकर कोई चूक की गुंजाइश नहीं रखी है। मुख्यंमत्री सहित विधायकों के यहां पहुंचने से पहले ही पुलिस-प्रशासन पांवों पर दौडऩे लगा है। सरकार के जैसलमेर आते ही शुक्रवार को यह अस्थाई राजधानी बन गया। संयोग से शुक्रवार को ही इस ऐतिहासिक नगर का 865वां स्थापना दिवस भी है। सरकार की मौजूदगी जैसाण को राजधानी का अहसास करवा रही है।

30 किमी तक सुरक्षा
जैसलमेर के सिविल एयरपोर्ट से होटल सूर्यागढ़ तक लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा में पुलिस, आरएसी और होमगार्ड के साथ ही सीआइडी के लगभग 600 अधिकारी और जवान लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री का शगुन
गहलोत सरकार इन दिनों पूरी तरह से घिरी है। सचिन पायलट का विरोधी खेमा, भीतरघात का भय, हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका और भाजपा की सरकार गिराने की कोशिश के बीच गहलोत का शगुन भी इस अभेद्य दुर्ग से जुड़ा है और वे जयपुर से विधायकों को यहां ले आए हैं।

चर्चित रहा है होटल
बीते साल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद यहां एक शादी में आए तब अमेरिका सुरक्षा एजेंसियों ने इसे अभेद्य रखा था।
इस होटल में कड़ी सुरक्षा में पहला समलैंगिक विवाह हुआ था
होटल में पूर्व में एमपी के सीएम शिवरासिंह, पूर्व सीएम वसुंधराराजे भी रुके थे।
अभिनेता अक्षयकुमार की फिल्म हाऊसफुल-4 की एक महीने तक यहां शूटिंग हुई थी।

सूर्यागढ़
90 कमरे
15-20 हजार प्रतिदिन सामान्य कमरे का किराया
35 हजार तक के हैं सुईट रूम
05 सितारा के समकक्ष है होटल की व्यवस्थाएं
18 किमी दूर है जैसलमेर शहर से, इसलिए सुरक्षित
01 हैलीपेड की सुविधा

अब ये ‘पहरेदार’
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी एवं अल्पसंख्यक मामलात मंत्री शाले मोहम्मद को जिम्मा दिया गया है। जैसलमेर विधायक रूपाराम भी मेहमाननवाजी में लगे हैं। नाजुक दौर में जैसलमेर पहुंचे विधायकों की सुरक्षा और किसी बाहरी को उन तक न पहुंचने देने के पुख्ता प्रबंध पुलिस व अन्य एजेंसियों ने किए हैं। जैसलमेर एयरपोर्ट और होटल सूर्यागढ़ पर अचूक बंदोबस्तों के चलते किसी को विधायकों के पास जाने की अनुमति नहीं थी। स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ भी भीतर नहीं जा पाए। ऐसे ही अन्य किसी को अनुमति नहीं दी गई।