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ऑडिट नहीं करवाने वाली सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों के खिलाफ       होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

बीकानेर /ऑडिट नहीं करवाने वाली सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों के खिलाफ होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
विशेष लेखा परीक्षक, कार्यालय बीकानेर ने माह अक्टूबर 2019 तक के ऑडिट के आंकडों की समीक्षा करके यह पाया है कि 203 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में से मात्र 40 ग्राम सेवा सहकारी समितियों ने ही अभी तक ऑडिट करवाकर रिपोर्ट उनको प्रस्तुत की है। 163 ग्राम सेवा सहकारी समितियों ने रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है अर्थात ऑडिट नहीं करवाई है जबकि राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा 54 एवं 25 के अंतर्गत प्रत्येक समिति को गत वित्त वर्ष के आंकडों की ऑडिट करवाकर और आमसभा में आक्षेप पूर्ति करवाकर तीस सितम्बर तक ऑडिट रिपोर्ट मय अनुपालना रिपोर्ट उनको प्रस्तुत करनी चाहिए थी, इस प्रकार इन 163 ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों ने ऑडिट के कार्य में घोर लापरवाही बरती और अपनी सोसायटी के कार्य निष्पादन को धीमा किया।
देव शर्मा, विशेष लेखा परीक्षक, बीकानेर ने बताया कि इस प्रकार इन समितियों के व्यवस्थापकों ने गंभीर दुराचरण किया है। अतः उन्होंने जिला स्तरीय परामर्शदात्री एवं जांच समिति के संयोजक एवं सदस्य सचिव तथा अधिशाषी अधिकारी, केन्द्रीय सहकारी बैंक लि0 बीकानेर को इन व्यवस्थापकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ करने हेतु पत्र लिखा है।
गंभीर दूराचरण में दोषी पाए जाने पर व्यवस्थापक की संचित रूप से वेतन वृद्धियाँ रोकी जाने या सेवा से बर्खास्तगी इत्यादि के प्रावधान हैं।