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किसी भी देश की पहचान उसकी शिक्षा व संस्कारवान नागरिकों से होती है-डोटासरा

बीकानेर, 16 दिसम्बर। शिक्षा राज्यमंत्री (प्राथमिक एवं माध्यमिक) गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा है कि किसी भी देश की पहचान उसकी शिक्षा और संस्कारवान नागरिकों से होती है। शिक्षा की भव्य इमारत होने से अच्छी शिक्षा मिलती हो, ऐसा नहीं है वरन उसमें दी जाने वाली शिक्षा से होती हैं।
शिक्षा राज्यमंत्री डोटासरा सोमवार को पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में 27 वां राज्य स्तरीय शिक्षा विभागीय मंत्रालिक एवं सहायक कर्मचारी सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा एवं चिकित्सा दो ऐसे विभाग है जहां सेवा के साथ-साथ उसका फल भी मिलता है। समाज में शिक्षक का सम्मान बडे आदर के साथ लिया जाता है। अच्छे शिक्षक की वजह से समाज में चिकित्सक सहित अन्य पदों पर हम आसीन होते है। उन्होंने कहा कि कोई कितने ही बडे पद पर क्यों न आसीन हो जाए, वह अपने शिक्षक को कभी नहीं भूलते। गुरूजनों के मिलने पर हम उनका बडे आदर भाव से स्वागत और सत्कार करते है। उन्होंने कहा कि हमें बड़ी खुशी होती है जब हमारे काम की वजह से हमें पहचान मिलती है।

आज जिन 40 लोगों को राज्य स्तर पर पुरूस्कृत किया गया है उन्होंने विभाग का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में एनसीआटी सलैब्स को पुनः लागू किया गया है। बच्चों को इतिहास कीे सही जानकारी मिले, इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। साथ ही शिक्षकों की विभिन्न मांगों को पूरा करते हुए शिक्षा विभाग ने समय सारणी ,कलेण्डर जारी किया है।
डोटासरा ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में अधिकाधिक नामांकन बढ़े, इसके लिए सार्थक प्रयास किए गए। उन्हांेंने बताया कि निजी विद्यालयों की ओर बढ़ते रूझान को रोकने के लिए गरीब एवं जरूरमंद बच्चांे को अंग्रेजी मीडियम में शिक्षा दिलाने का निर्णय इस सरकार ने किया। जो कार्य 70 साल में नहीं हुआ, इस सरकार ने करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयन्ती के अवसर पर राज्य के 33 जिलों में महात्मा गांधी इंग्लिस मीडियम स्कूल प्रारंभ की गई है। इन स्कूलों में पारदर्शीता के साथ छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया गया है। लगभग 11 हजार 800 बच्चों ने इन विद्यालयों में प्रवेश लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि इंग्लिस मीडियम स्कूलों का दायरा बढ़ाया जाए। शिक्षा विभाग के अथक प्रयास और लगन की वज़ह से सरकारी विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम इस बार निजी विद्यालयों से अच्छा रहा है।
विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के लिए 1581 करोड़ रूपये का प्रावधान-शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की सरंचना पर 1581 करोड़ रूपये खर्च किए जायेंगे। इस राशि से विद्यालयों में कक्षा कक्ष, शौचालय तथा स्टाॅफ सहित अन्य निर्माण कार्य करवाएं जायेंगे।

मिड-डे-मील की मानसिकता को बदला-शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों से आमजन की दूरी को कम करने पूरे प्रयास किए जा रहे है। उन्हांेने कहा कि समाज में एक ऐसा वातावरण बन गया था कि सरकारी विद्यालय मिड-डे मील खाने के लिए ही है। उन्होंने कहा कि लोगों की इस धारणा को बदलने के लिए बाल सभा गांव की चैपाल में आयोजित कर, शिक्षकों ने लोगों को बताया कि बच्चों को इन विद्यालयों में तराशने का कार्य किया जाता है,संस्कारित शिक्षा दी जाती है। ग्रामीणों ने विभाग की इस पहल को पसंद किया। बहुत से भामाशाह विद्यालयों से जुड़े और उन्होंने आर्थिक सहयोग भी किया। उन्होंने कहा कि विभाग की 10 वीं व 12 वीं की स्कूलों में वार्षिक समारोह आयोजित करने के लिए प्रत्येक स्कूल को 10-10 हजार रूपये दिए गए है। खेल और पुस्तकालय के लिए भी राशि उपलब्ध कराई गई है।
करतल ध्वनि से आभार- शिक्षा राज्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के आगामी राज्य स्तरीय मंत्रालयिक एवं सहायक कर्मचारी पुरस्कार सम्मान समारोह में प्रशस्ती पत्र के साथ 11 हजार रूपये की नगद राशि से सम्मानित करने की घोषणा की, तो प्रेक्षागृह में मौजूद सभी कार्मिक एवं अधिकारी वर्ग ने करतल ध्वनि से मंत्री का आभार व्यक्त किया। करीब 5 मिनट तक कार्मिकों ने तालियां बजाकर, प्रेक्षागृह को गुंजायेमान कर दिया।
महिला कार्मिकों कीे संख्या बढाई जाए- शिक्षा राज्यमंत्री ने आज सम्मानित होने वाले 40 कार्मिकों में से मात्र 2 महिला कर्मचारी और सहायक कर्मचारियों की संख्या को कम बताया और कहा कि आगामी समारोह में इस वर्ग से और अधिक कार्मिकों शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्मिकों से पुरस्कार के लिए आॅनलाइन आवेदन लिए जाए ताकि कार्मिक अपनी उपलब्धि स्वयं प्रस्तुत कर सके। इससे पुरस्कार में पारदर्शिता बढ़गी।

इस अवसर पर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) हिमांशु गुप्ता ने पुरस्कृत होने वाले कार्मिकों को बधाई दी और कहा कि विभाग टीम भावना के साथ शिक्षा के उन्नति के लिए कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि जो समस्याएं निदेशायलय स्तर पर हल होनी होगी, उसके लिए कार्मिकों को अन्यत्र नहीं जाना पडे़गा। उन्होंने कहा कि मेरे स्तर पर हल होने वाली समस्या के समाधान के लिए दो मिनट भी नहीं लगेगा।
इस अवसर पर सहायक प्रशासनिक अधिकारी के.सी.व्यास ने कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत की। समारोह में शिक्षा राज्यमंत्री डोटासरा, निदेशक गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक रचना भाटिया, वित्त नियंत्रक माध्यमिक शिक्षा ब्रह्दत शर्मा, संयुक्त निदेशक कार्मिक नूतनबाला, संयुक्त निदेशक प्रकाश, संस्थापन अधिकारी रूप चंद जीनगर और वित्त सलाहकार प्रा.शि. ज्योति बाला व्यास ने कार्मिकों को प्रशस्ती पत्र, शाॅल ओढाकर सम्मानित किया। इससे पहले महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत पेश किया।