Uncategorized

कृषक, पशुपालक और विद्यार्थी हित में मिलकर कार्य करेंगे जिले के चारों विश्वविद्यालय

– एसकेआरएयू की पहल, साझा प्रयासों के हुए एमओयू
बीकानेर, 31 दिसम्बर। जिले के चारों विश्वविद्यालय कृषक, पशुपालक तथा विद्यार्थियों के हितों के लिए मिलकर कार्य करेंगे। सभी विश्वविद्यालय अपने संसाधनों एवं मेनपावर का आवश्यकता के अनुरूप समन्वित उपयोग कर सकेंगे तथा समन्वय रखते हुए सकारात्मक परिणाम देंगे।
स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी.सिंह की पहल से जुड़ते हुए मंगलवार को बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय और महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय ने भी ऐसे एमओयू पर हस्ताक्षर किए। पहला कार्यक्रम एसकेआरएयू कुलपति सचिवालय में हुआ। इस दौरान प्रो. सिंह के साथ बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एच. डी. चारण ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। प्रो. चारण ने कहा कि एक स्थान पर अलग-अलग क्षेत्रों में कार्य करने वाले विश्वविद्यालय अपनी विशेषज्ञ सेवाओं का हस्तांतरण करेंगे तो लाभ के अवसर बढ़ेंगे। संसाधनों का अधिकतम उपयोग होगा। उन्होंने कहा कि आज हर समस्या का समाधान तकनीक के पास है। ऐसे में कृषि अभियांत्रिकी के क्षेत्र में बीटीयू प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

इस अवसर पर एसकेआरएयू प्रसार शिक्षा निदेशक प्रो. एस. के. शर्मा, आइएबीएम निदेशक प्रो. एन. के. शर्मा, अधिष्ठाता स्नात्तकोतर प्रो. विमला डुकवाल, बीटीयू से डाॅ. वाई. एन. सिंह, डाॅ. एस. के. बंसल, डाॅ. प्रकाश सिंह, डाॅ. कपिल पांडे, डाॅ. अजीत पूनिया, डाॅ. रुमा भदौरिया, डाॅ. अल्का स्वामी तथा डाॅ. प्रीति पारीक आदि मौजूद रहे।
*एमजीएसयू से भी हुआ एमओयू*
वहीं दूसरा कार्यक्रम महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय कुलपति सचिवालय में हुआ। इस दौरान एमजीएसयू के कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह बिजारणिया ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि सभी संस्थान एक साथ काम करने की ओर बढ़े हैं, यह क्षेत्र के लिए भी सकारात्मक पहल है। एमजीएसयू इस दिशा में सदैव अग्रणी भूमिका में रहेगा। उन्होंने दोनों विश्वविद्यालयों के साथ कार्य करने की संभावनाओं पर भी मंथन किया। इस दौरान एमजीएसयू के डाॅ. गिरिराज हर्ष और डाॅ. जसवंत सिंह खींचड़ मौजूद रहे।

कुलपति प्रो. सिंह की है पहल
सभी विश्वविद्यालयों एवं आइसीएआर संस्थानों के साझा प्रयासों की पहल स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी.सिंह ने की। इसकी संभावनाएं तलाशने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा 13 दिसम्बर को विश्वविद्यालय परिसर में बैठक हुई। इस दौरान सभी संस्थानों ने साझा प्रयासों की सहमति जताई। इसकी क्रियान्विति स्वरूप सोमवार को राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र और राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ करार हुए। इसी श्रृंखला में दो और विश्वविद्यालय मंगलवार को साथ आए। कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि साझा कार्य करने के यह प्रयास अनवरत जारी रहेंगे तथा निकट भविष्य में अन्य स्तरीय संस्थानों को भी इससे जुड़ने का आग्रह किया जाएगा।
—–