– संक्रमण से पॉजिटिव नहीं पाया गया एक भी व्यक्ति,
– कलक्टर-एसपी ने आमजन से की समझाईश

बीकानेर, 20 मार्च। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के मद्देनजर शुक्रवार को आयोजित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की वीसी में जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने बीकानेर जिले में इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अपनाए जा रहे विशेष उपायों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर आयोजित वी.सी. में संभागीय आयुक्त सी.एल. श्रीमाली, महानिरीक्षक पुलिस जोस मोहन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

गौतम ने बताया कि वायरस के संक्रमण के प्रति आमजन में जागरूकता लाने के लिए प्रचार प्रसार की विशेष गतिविधियां आयोजित की गई है। साथ ही वायरस संक्रमण का संदिग्ध पाए जाने की स्थिति में आइसोलेशन के लिए भी कुछ स्थान चयनित कर सभी व्यवस्थाएं चाक-चैबंद की गई है। गौतम ने बताया कि अभी तक बीकानेर में कोई भी व्यक्ति इस संक्रमण से पॉजिटिव नहीं पाया गया है, लेकिन जिला प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए लगातार सक्रिय है किसी भी आपात स्थिति से निपटने की भी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। गौतम ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर हैंड सेनीटाइजर रखे गए हैं। लोगों को घरों से कम से कम और अति आवश्यक होने पर ही निकलने की एडवाइजरी भी जारी करते हुए धारा 144 की अनुपालना सुनिश्चित करवाई जा रही है।

जिला कलक्टर ने बताया कि अब तक 98 हजार 85 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है। स्क्रीनिंग का कार्य 91 संस्थानों के माध्यम से किया जा रहा है, साथ ही बीकानेर में कुल 200 टीमों द्वारा अब तक 57 हजार 737 घरों का सर्वे किया गया है। इन टीमों में एएनएएम, आशा, नर्सिंग विद्यार्थी शामिल हैं। इसी तरह 42 होटलों की भी स्क्रीनिंग की गई, जहां रूके हुए 9 हजार 215 पर्यटकों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। इनमें 6 हजार 1 भारतीय तथा 3 हजार 214 विदेशी पर्यटक विभिन्न होटलों में रूके हुए थे। होटलों की स्क्रीनिंग करने वाली टीम में चिकित्सक, आयुष चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ शामिल थे।
जिला कलक्टर ने बताया कि कोविड-19 के संदिग्ध 46 व्यक्तियों को होम आईसोलेशन में रखा गया। इनमें 27 यात्री और 19 व्यक्ति वे थे जो संदिग्ध के सम्पर्क में आए थे। उन्होंने बताया कि बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के पास स्थित महेश्वरी धर्मशाला को क्वारनटाईन फैसेलिटी के रूप में विकसित किया गया है, यहां 120 कमरे हैं, आवश्यकता होने पर इसका उपयोग किया जा सकता है। साथ ही 10 ऐसे भवन भी चिन्ह्ति किए गए हैं जो जिला मुख्यालय से 10-15 किलोमीटर की दूरी पर हैं, इन्हें भी जरूरत के मुताबिक उपयोग में लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 8 प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सेनेटाईजर रखे गए हैं, जिनसे आम आदमी अपने हाथ धो रहा है। सेनेटाईजर रखने के पीछे आम लोगों को हाथ धोने के लिए प्रेरित करने की मंशा के साथ साथ आमजन को जागरूक किया जा रहा है।
गौतम ने बताया कि जिले के सभी राजस्व अधिकारियों, विकास अधिकारियों सहित सभी उपखण्ड मुख्यालय पर कार्यरत चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक वीडियो कांफ्रेसिंग का आयोजन किया गया, जिसमें सभी को कोरोना वायरस के बचाव, उपाय के बारे में विस्तार से बताया जिससे चलते सभी अधिकारी-कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र में भी आईईसी गतिविधियों का बेहतर तरीके से सम्पादन कर रहे हैं। जिले में 1 लाख 50 हजार पैम्पलेट का वितरण किया जा रहा है। अबतक 90 हजार से अधिक पैम्पलेट घरों तक पहुंचाए गए हैं। साथ ही जिला मुख्ययालय पर 5 जागरूकता रथ के माध्यम से तथा सभी तहसीलों में 1-1 ई-रिक्सा के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा है।

कलक्टर-एसपी ने आमजन से की समझाईश
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम तथा पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने शहर के अन्दरूनी भाग फड़ बाजार का भ्रमण किया तथा आम लोगों से बातचीत कर उन्हें कोरोना वायरस के लक्षण से उत्पन्न खतरों व मामलों को ध्यान में रखते हुए कहा कि वे इससे भयभीत ना हो । खांसते और छीकते समय अपने नाक व मुंह को हाथ से रुमाल से ढक कर रखें, हाथ को बार-बार धोने, जहां तक संभव हो सके भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें । उन्होंने कहा कि यदि जाना हो तो मास्क का इस्तेमाल करें। अगर किसी व्यक्ति को खांसी-जुखाम और बुखार हो तो वह व्यक्ति जहां तक संभव हो सके तो अपने घर पर ही रहें ।
जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक ने फड़ बाजार में आमजन से बातचीत करते हुए कहा कि खांसी-जुखाम या फ्लू से ग्रसित व्यक्तियों से हाथ मिलाने से यथासंभव बचें । खांसी जुखाम या फ्लू की स्थिति में अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करवाएं तथा चिकित्सक की सलाह की पालना करें । उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। सामूहिक कार्यक्रमों को यथासंभव स्थगित किया जाए, यदि अति आवश्यक कार्यक्रमों का आयोजन करना हो तो सभी लोगों को सूचित किया जाए कि सर्दी जुकाम और फ्लू के लक्षणों वाले व्यक्ति इन कार्यक्रमांे में भाग न लें। गौतम व मोहन ने फड़बाजार में ठेलों पर शब्जी बेच रहे व्यक्तियों व राहगीरों से से बातचीत कर कोरोना और धारा 144 के बारे में समझाईस की तथा कहा कि आप लोग मुंह पर मास्क लगाकर रखें, अगर मास्क न हो तो रूमाल या अन्य किसी कपड़े से भी मुंह व नाक को ढ़क कर रखें।

वी.सी. में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त इंदीवर दूबे, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुनीता चैधरी, प्राचार्य एसपी मेडिकल काॅलेज एस एस राठौड़, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल डाॅ पी के बेरवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ बी एल मीणा, सैटेलाइट अस्पताल के पीएमओ डाॅ बी एल हटीला भी मौजूद थे।Thar post
कोरोना वायरस को लेकर मुख्यमंत्री ने की वीसी,
बीकानेर में 200 टीमें कर रहीं हैं स्क्रीनिंग का कार्य,
संक्रमण से पॉजिटिव नहीं पाया गया एक भी व्यक्ति,
कलक्टर-एसपी ने आमजन से की समझाईश

बीकानेर, 20 मार्च। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के मद्देनजर शुक्रवार को आयोजित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की वीसी में जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने बीकानेर जिले में इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए अपनाए जा रहे विशेष उपायों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर आयोजित वी.सी. में संभागीय आयुक्त सी.एल. श्रीमाली, महानिरीक्षक पुलिस जोस मोहन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
गौतम ने बताया कि वायरस के संक्रमण के प्रति आमजन में जागरूकता लाने के लिए प्रचार प्रसार की विशेष गतिविधियां आयोजित की गई है। साथ ही वायरस संक्रमण का संदिग्ध पाए जाने की स्थिति में आइसोलेशन के लिए भी कुछ स्थान चयनित कर सभी व्यवस्थाएं चाक-चैबंद की गई है। गौतम ने बताया कि अभी तक बीकानेर में कोई भी व्यक्ति इस संक्रमण से पॉजिटिव नहीं पाया गया है, लेकिन जिला प्रशासन और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए लगातार सक्रिय है किसी भी आपात स्थिति से निपटने की भी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। गौतम ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर हैंड सेनीटाइजर रखे गए हैं। लोगों को घरों से कम से कम और अति आवश्यक होने पर ही निकलने की एडवाइजरी भी जारी करते हुए धारा 144 की अनुपालना सुनिश्चित करवाई जा रही है।
जिला कलक्टर ने बताया कि अब तक 98 हजार 85 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है। स्क्रीनिंग का कार्य 91 संस्थानों के माध्यम से किया जा रहा है, साथ ही बीकानेर में कुल 200 टीमों द्वारा अब तक 57 हजार 737 घरों का सर्वे किया गया है। इन टीमों में एएनएएम, आशा, नर्सिंग विद्यार्थी शामिल हैं। इसी तरह 42 होटलों की भी स्क्रीनिंग की गई, जहां रूके हुए 9 हजार 215 पर्यटकों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। इनमें 6 हजार 1 भारतीय तथा 3 हजार 214 विदेशी पर्यटक विभिन्न होटलों में रूके हुए थे। होटलों की स्क्रीनिंग करने वाली टीम में चिकित्सक, आयुष चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ शामिल थे।
जिला कलक्टर ने बताया कि कोविड-19 के संदिग्ध 46 व्यक्तियों को होम आईसोलेशन में रखा गया। इनमें 27 यात्री और 19 व्यक्ति वे थे जो संदिग्ध के सम्पर्क में आए थे। उन्होंने बताया कि बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के पास स्थित महेश्वरी धर्मशाला को क्वारनटाईन फैसेलिटी के रूप में विकसित किया गया है, यहां 120 कमरे हैं, आवश्यकता होने पर इसका उपयोग किया जा सकता है। साथ ही 10 ऐसे भवन भी चिन्ह्ति किए गए हैं जो जिला मुख्यालय से 10-15 किलोमीटर की दूरी पर हैं, इन्हें भी जरूरत के मुताबिक उपयोग में लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 8 प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सेनेटाईजर रखे गए हैं, जिनसे आम आदमी अपने हाथ धो रहा है। सेनेटाईजर रखने के पीछे आम लोगों को हाथ धोने के लिए प्रेरित करने की मंशा के साथ साथ आमजन को जागरूक किया जा रहा है।

गौतम ने बताया कि जिले के सभी राजस्व अधिकारियों, विकास अधिकारियों सहित सभी उपखण्ड मुख्यालय पर कार्यरत चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक वीडियो कांफ्रेसिंग का आयोजन किया गया, जिसमें सभी को कोरोना वायरस के बचाव, उपाय के बारे में विस्तार से बताया जिससे चलते सभी अधिकारी-कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र में भी आईईसी गतिविधियों का बेहतर तरीके से सम्पादन कर रहे हैं। जिले में 1 लाख 50 हजार पैम्पलेट का वितरण किया जा रहा है। अबतक 90 हजार से अधिक पैम्पलेट घरों तक पहुंचाए गए हैं। साथ ही जिला मुख्ययालय पर 5 जागरूकता रथ के माध्यम से तथा सभी तहसीलों में 1-1 ई-रिक्सा के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जा रहा है।
कलक्टर-एसपी ने आमजन से की समझाईश
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम तथा पुलिस अधीक्षक प्रदीप मोहन शर्मा ने शहर के अन्दरूनी भाग फड़ बाजार का भ्रमण किया तथा आम लोगों से बातचीत कर उन्हें कोरोना वायरस के लक्षण से उत्पन्न खतरों व मामलों को ध्यान में रखते हुए कहा कि वे इससे भयभीत ना हो । खांसते और छीकते समय अपने नाक व मुंह को हाथ से रुमाल से ढक कर रखें, हाथ को बार-बार धोने, जहां तक संभव हो सके भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें । उन्होंने कहा कि यदि जाना हो तो मास्क का इस्तेमाल करें। अगर किसी व्यक्ति को खांसी-जुखाम और बुखार हो तो वह व्यक्ति जहां तक संभव हो सके तो अपने घर पर ही रहें ।
जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक ने फड़ बाजार में आमजन से बातचीत करते हुए कहा कि खांसी-जुखाम या फ्लू से ग्रसित व्यक्तियों से हाथ मिलाने से यथासंभव बचें । खांसी जुखाम या फ्लू की स्थिति में अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच करवाएं तथा चिकित्सक की सलाह की पालना करें । उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। सामूहिक कार्यक्रमों को यथासंभव स्थगित किया जाए, यदि अति आवश्यक कार्यक्रमों का आयोजन करना हो तो सभी लोगों को सूचित किया जाए कि सर्दी जुकाम और फ्लू के लक्षणों वाले व्यक्ति इन कार्यक्रमांे में भाग न लें। गौतम व मोहन ने फड़बाजार में ठेलों पर शब्जी बेच रहे व्यक्तियों व राहगीरों से से बातचीत कर कोरोना और धारा 144 के बारे में समझाईस की तथा कहा कि आप लोग मुंह पर मास्क लगाकर रखें, अगर मास्क न हो तो रूमाल या अन्य किसी कपड़े से भी मुंह व नाक को ढ़क कर रखें।

वी.सी. में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त इंदीवर दूबे, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुनीता चैधरी, प्राचार्य एसपी मेडिकल काॅलेज एस एस राठौड़, अधीक्षक पीबीएम अस्पताल डाॅ पी के बेरवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ बी एल मीणा, सैटेलाइट अस्पताल के पीएमओ डाॅ बी एल हटीला भी मौजूद थे।