विरिष्ट पत्रकार – हरप्रकाश मुंजाल ,अलवर ।

समाचार पत्र मेंअपराधिक घटनाओं से जुड़ी खबरे अखबार की रीढ़ मानी जाती है ।विशेषकर सन्ध्याकालीन अखबार का तो सारा दारोमदार अपराधिक खबरों पर ही टिका रहता है । सांयकालीन अखबार बेचने के लिए तो अपराधिक खबरों को सनसनीखेज बनाकर पाठको को परोसा जाता है । हालाँकि सुबह के अखबारों में इन खबरों को कुछ कम महत्व दिया जाता है लेकिन इन खबरों के बिना अखबार अधूरा ही माना जाता है । अपराधिक खबरों को किस तरह पेश किया जाए जिससे समाज मे नेगेटिव सन्देश ना जाये । यह बहुत कुछ निर्भर करता है क्राइम रिपोर्टर पर । अपराधिक खबरों के लिए संजीदा रिपोर्टर का होना भी ज़रूरी है । तभी खबरों की विश्वसनीयता बनती है ।इसी संदर्भ में ऐसे क्राइम रिपोर्टर की चर्चा करने जा रहे हैं जो ना केवल संजीदा हैं बल्कि खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं , और खबरों का पीछा करना भी बखूबी जानते हैं । ये रिपोर्टर हैं ,राजस्थान पत्रिका के सुजीत कुमार । अलवर में जन्मे सुजीत कुमार को करीब डेढ़ दशक का समय हो गया है पत्रकारिता के क्षेत्र में आये ।इनकी कोशिश रहती हैं कि इनसे कोई भी अपराधिक खबरे छुटे नही ।इन्होंने ऐसी खबरों का भंडाफोड़ किया है जिसका समाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था । इन्होंनेआमजन से जुड़ी खबरों को प्रकाशित कर जिला प्रशासन का कई बार ध्यान आकर्षित किया है ।

इनकी पत्रकारिता की शुरुआत यो तो 12वीं कक्षा पास करने बाद कॉलेज में आते आते ही हो गई थी । वर्ष 2003 में राजस्थान टाइम्स और फिर दैनिक जागरण में अल्प समय के लिएकाम किया। इस दौरान इनके दिमाग मे आया कि पहले ग्रेजुएशन कर ली जाए बाद में पत्रकारिता में हाथ अजमा लेंगे पत्रकारिता के लिए भी ग्रेजुएशन जरूरी थी । इसलिये इन्होंने पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। फिर पत्रकारिता छोड़ ग्रेजुएशन की पढ़ाई में लग गए। ग्रेजुएशन करने के बाद इनकी पत्रकारिता की असली शुरुआत वर्ष 2006 में दैनिक भास्कर हरियाणा से हुई। दैनिक भास्कर में करीब डेढ़ साल काम किया। जिसमें शुरुआत में फतेहाबाद और फिर हिसार जिले में रहे। इसी दौरान हरियाणा के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की मास्टर डिग्री ली। जुलाई 2007 में राजस्थान पत्रिका अलवर में ज्वाइन किया। 2008-09 में क्राइम रिपोर्टिंग की इन्हें जिम्मेदारी मिली। करीब चार-पांच साल तक डिप्टी चीफ रिपोर्टर के पद पर भी रहे। वर्ष 2015 में इन्हें विधानसभा कवरेज का भी मौका मिला। मई 2016 में इनका तबादला भरतपुर हो गया। फरवरी 2017 में वापस अलवर स्थानांतरण हुआ और क्राइम रिपोर्टर की जिम्मेदारी निभा रहे है । सुजीत कुमार हंसमुख, विनम्रता से लबरेज हैं । अहंकार से कोसो दूर है । सदैव दोस्तो के सहयोग के लिए तत्पर रहते हैं । सुजीत जी के उज्ववल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएं । प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे इसी कामना के साथ ।