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ज्योतिष वास्तु ” फोरकास्ट विज़न ” कार्यशाला

बीकानेर,9 फरवरी।ज्योतिष ईश्वर की आंख है जिसकी दिव्य दृष्टि से कभी कुछ नहीं छुप सकता,वस्तुतः ज्योतिष कतिपय सूक्ष्म आधारों से किया जाने वाला अध्ययन है जिससे सब कुछ जाना जा सकता है। उत्तराखंड सरकार के पूर्व मंत्री दर्जा प्राप्त विख्यात ज्योतिषि एवं भृगुसंहिता मर्मज्ञ एवम द फोरकास्ट हाऊस के निदेशक डॉ पण्डित नंदकिशोर पुरोहित ने लक्ष्मीनाथ मंदिर स्थित सत्संग भवन में आयोजित फोरकास्ट विजन कार्यशाला में ये विचार व्यक्त किये।डॉ पुरोहित ने कहा कि ज्योतिष में भूत,भविष्य एवम वर्तमान की स्पष्ट स्थितियां होती है जिनका आकलन एवम अध्ययन करना आना ही अपने आपमें इस विषय की सफलता का दिग्दर्शन है।विख्यात ज्योतिर्विद पंडित घनश्याम आचार्य ने विभिन्न अनुभूत दृष्टान्त प्रस्तुत कर धर्म के अनुरूप आचरण करने को परमावश्यक बताया उन्होंने बताया कि ज्योतिष जीवन का आधार है और हमारे जो 16 संस्कार है वो पूर्णतया वैज्ञानिक और अध्यात्मिक जीवन की नीव है ।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि जोधपुर प्रान्त हिन्दू जागरण मंच के महामंत्री जेठानंद व्यास ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान में धर्म और ज्योतिष प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकता बने हुए है,इसके लिए यह आवश्यक है कि हम प्रत्येक कदम पर इस समझ को आत्मसात करते हुए जीवन जिएं। उन्होनें इस बात की आवश्यकता पर बल दिया कि पाठ्यक्रमों में भी जीवन जीने की शैली को धार्मिक अंदाज में प्रस्तुत किया जाए। विशिष्ट अतिथि हिन्दू जागरण मंच के प्रांतीय विधि प्रमुख एडवोकेट शैलेन्द्र शर्मा ने ज्योतिष को जीवन के मूल आधार से संयोजित बताते हुए कहा कि युग परिवर्तन के साथ बदले हुए परिदृश्यों की रोशनी में ज्योतिष का सामयिक विवेचन किया जाना प्रासंगिक है।उन्होंने देश, काल एवम स्थितियों की प्रासंगिकता का भी जिक्र किया।विशिष्ट अतिथि गणेश,ज्योतिष गुरु विष्णु व्यास ने ज्योतिष को जीवन का आवश्यक बताया।कार्यक्रम का संयोजन एवम संचालन करते हुए द फोरकास्ट हाऊस के सचिव महेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि फोरकास्ट विजन के रूप में समय समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जा कर सारगर्भित विवेचन प्रस्तुत करने के प्रयासों के तहत इस प्रकार के कार्यक्रमों को शुरू किया गया है ताकि मंथन से विशुद्द निष्कर्ष प्राप्त किया जा सके।उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम समय समय पर आयोजित किये जायेंगेकार्यक्रम में जुगल बिस्सा,विपिन, नारायण सेवग मुकेश पंडित केदारओझा श्याम गहलोत , आचार्य,गोपीकिशन,अशोक आचार्य,मानव,जयदीप,मीना पुरोहित,सहित अनेक लोग उपस्थित थे।