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तीन दिवस में 20 हजार काश्तकारों के आवेदन नूतन व्यवस्था, काश्तकार को नहीं निकालने पड़ें चक्कर


बीकानेर, 2 दिसम्बर। गत दिनों बेमौसम वर्षा, ओलावृष्टि तथा टिड्््डी से फसल को हुए नुकसान के बाद काश्तकारों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित कृषकों के नुकसान का आवेदन समय पर भरवाने और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ना जाना पड़े, इसके लिए जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम के निर्देश पर जिले की सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाकर आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत जिले के 19 हजार 891 काश्तकारों के आवेदन पूर्ण करवा लिए गए। इस नूतन व्यवस्था से काश्तकारों को जहां अलग-अलग कार्यालयों में जाना नहीं पड़ा, वही सभी बीमित काश्तकारों के आवेदन तत्काल ही पूर्ण हो गए।
जिला कलक्टर गौतम ने बताया कि 3 दिन तक सभी ग्राम पंचायतों में संयुक्त टीम द्वारा भ्रमण कर आवेदन प्राप्त किए गए। टीम में राजस्व पटवारी, कृषि पर्यवेक्षक, भू अभिलेख निरीक्षक एवं ग्राम विकास अधिकारी की संयुक्त टीम थी जिसमें बीमित फर्म एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड का प्रतिनिधि भी शामिल था। इस टीम द्वारा ग्राम पंचायत मुख्यालय के राजीव गांधी सेवा केंद्र पर उपस्थित रहकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत सूचना सह-दावा प्रपत्र जिसे व्यक्तिगत आधारित आवेदन कहा जाता है, भरवाया गया। उन्होंने बताया कि बीकानेर जिले की नोखा तहसील में सर्वाधिक आवेदन भरे गए। यहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 4 हजार 250 बीमित काश्तकारों ने अपने आवेदन संयुक्त टीम को प्रस्तुत किए। तीन दिवसीय इस अभियान के तहत सबसे कम आवेदन जिले की लूणकरनसर तहसील में जमा हुए यहां 593 काश्तकारों ने अपने आवेदन प्रस्तुत किए।

जिला कलक्टर ने बताया कि बेमौसम वर्षा व ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान के बाद चलाए गए इस तीन दिवसीय अभियान के तहत बीकानेर तहसील की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 3 हजार 871 काश्तकारों ने अपने आवेदन जमा कराएं। श्री डूंगरगढ़ तहसील के 3 हजार 101 काश्तकारों ने तथा जिले की कोलायत तहसील के प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 2 हजार 35 काश्तकारों ने, पूगल के 1 हजार 780, छतरगढ़ के 1 हजार 645, खाजूवाला के 1 हजार 3 तथा तहसील बज्जू के 1 हजार 613 काश्तकारों के आवेदन पत्र उनकी ग्राम पंचायत में स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र में लिए गए।
गौतम ने बताया कि रबी तथा खरीफ की फसल में हुए नुकसान के बाद भरवाए हुए समस्त आवेदन पत्रों की सूची तैयार कर ली गई है और यह सूची सहायक कृषि अधिकारी द्वारा सोमवार, 2 दिसंबर को उपनिदेशक कृषि विस्तार कार्यालय में जमा करवा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फॉर्म एकत्रित करते समय ही इस बात का ध्यान रखा गया था कि सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएं। इसी लिए फॉर्म लेने वाली टीम में इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि को भी शामिल किया गया था। इसी तरह जिन ग्राम पंचायतों में अधिक नुकसान हुआ है, उन ग्राम पंचायतों के आवेदन प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किए जाएंगे। किसी भी काश्तकार का आवेदन न छूट,े इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगातार काश्तकारों के संपर्क में रहकर आवेदन भरवाए हैं।
जिला कलक्टर की नूतन व्यवस्था, काश्तकारों को नहीं निकालने पड़े चक्कर
वर्तमान व्यवस्था के तहत काश्तकारों को अपनी फसल के नुकसान पर संबंधित पटवारी, गिरदावर, कृषि पर्यवेक्षक सहित बीमा कंपनी के यहां जाना पड़ता था। जिला कलक्टर की नूतन व्यवस्था के तहत पहलीबार ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पहुंचकर आवेदन लिए गए। इस तरह ग्रामीणों को अलग-अलग स्थानों पर जाना नहीं पड़ा, एक ही जगह सभी अधिकारी उपलब्ध हो गए और काश्तकारों को अपनी फसल खराबे के नुकसान का मुआवजा मिलना और आसान हो गया।
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