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थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई की आत्महत्या या हत्या???

-सोशल एक्टिविस्ट का आरोप…..

-आत्महत्या यां हत्या?

-जेल में चला सर्च अभियान ……

बीकानेर-ओम एक्सप्रेस न्यूज-राजस्थान के चूरू जिले की सादुलपुर तहसील मुख्यालय के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई ने आत्महत्या कर ली है।यह खबर बाजार में आग की तरह फैल गई।विष्णुदत्त विश्नोई क्षेत्र के आमजन का चाहेते थानाधिकारी रहे हैं।इस कारण राजगढ़ थाने के सामने काफी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई।
थानाधिकारी के आत्महत्या का मामला में डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा सीआई विष्णुदत्त बिश्नोई बेस्ट पुलिसकर्मचारियों में से एक थे।हर पुलिस अधिकारी उन्हे लेना चाहता था अपनी टीम में, पूरा पुलिस विभाग उनकी मौत से है दुखी है। उन्होंने कहा कि विष्णुदत्त विश्नोई बेस्ट पुलिसकर्मियों में से एक थे, यह पुलिस विभाग के लिए एक बड़ा लॉस है।सीआई विष्णुदत्त विश्नोई चूरू के राजगढ़ थाने में एसएचओ थे. शुक्रवार को इलाके में हुई एक हत्या के मामले में देर रात तक वह जांच कर रहे थे और उसके बाद में अपने सरकारी क्वार्टर में पहुंचे और वहां पर आत्महत्या कर ली है। सीआई विष्णुदत्त विश्नोई ने दो सुसाइड नोट भी लिखे हैं।एक में एसपी को संबोधित करते हुए उन्होंने तनाव और अपने ऊपर बढ़ता दबाव आत्महत्या का कारण बताया।वहीं उन्होंने यह भी लिखा कि वह कायर नहीं हैं।लेकिन मजबूरी के चलते यह कदम उठाना पड़ रहा है।वहीं, दूसरा पत्र उन्होंने अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए लिखा हालांकि उन्होंने किसी पर भी आरोप नहीं लगाया ।

सोशल एक्टिविस्ट का आरोप…..

आत्महत्या की घटना के बाद में एक सोशल एक्टिविस्ट ने एक दिन पहले व्हाट्सएप पर हुई चैट वायरल की, जिसमें लिखा था कि विष्णु दत्त दबाव में है और वह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेना चाहते है।सोशल एक्टिविस्ट का आरोप है कि विष्णुदत्त ने दबाव में आकर आत्महत्या की है, जिसकी जांच की जानी चाहिए. घटना के बाद में राजगढ थाने के बाहर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी जमा हो गई, जिन्होंने मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की।डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विष्णुदत्त बिश्नोई बेस्ट पुलिसकर्मियों में से एक थे।प्रदेश का हर पुलिस अधिकारी उन्हें अपनी टीम में लेना चाहता था।पूरा पुलिस विभाग उनकी मौत से दुखी है।हालांकि कुछ लोग सीआई की मौत पर विवाद भी खड़ा कर रहे हैं। डीजीपी ने साफ किया कि सीआई को पुलिस अधिकारियों ने किसी भी तरह का नोटिस नहीं दिया था, बल्कि हर कोई उनके अच्छे काम की तारीफ ही करता था।डीजीपी ने बताया कि आईजी रेंज और प्रभारी एडीजी राजीव शर्मा मौके पर गए है। वहीं, मामले की जांच क्राइम ब्रांच को दी गई है।क्राइम ब्रांच की ओर से एसपी विकास शर्मा जांच के लिए जयपुर से रवाना हो गए है।जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही मामले की स्थिति साफ हो पाएगी। क्राइम ब्रांच एडीजी बीएल सोनी मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

आत्महत्या यां हत्या?

चूरू राजगढ़ थाना अधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई द्वारा पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिए जाने के मामले को लेकर तरह -तरह की बातें निकल कर सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार विष्णुदत्त विश्नोई ने अपनी ईमानदारी के बल पर राजगढ़ थाना क्षेत्र में नई इबारत लिखी थी और इसी ईमानदारी को हजम नहीं करने के कारण कुछ कथित राजनेता उन्हें लगातार परेशान करते चले आ रहे थे। सूत्र यह भी बताते हैं कि विष्णुदत्त विश्नोई ने अपनी परेशानी से वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत करवाया था किंतु विगत काफी समय से उनकी कहीं सुनवाई नहीं होने के कारण कथित रूप से प्रताड़ित होकर बिश्नोई ने यह कदम उठाया है। इधर विष्णुदत्त विश्नोई द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने का समाचार मिलते ही न केवल संपूर्ण राजगढ़ थाना जार- जार रो रहा है बल्कि राजगढ़ के नागरिक भी अपने-अपने प्रतिष्ठान बंद करके थाने के सामने एकत्र हो गए हैं। और विष्णुदत्त बिश्नोई द्वारा आत्महत्या किए जाने को उनकी हत्या बताते हुए आरोपियों की तलाश कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं ।राजगढ़ के नागरिक थाना के समक्ष “हत्यारों को फांसी दो विष्णुदत्त विश्नोई अमर रहे ” जैसे नारे भी लगा रहे हैं। फिलहाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी राजगढ़ पहुंच रहे हैं और मामले में क्या नया मोड़ आता है यह शाम तक पता चल सकेगा।यहां यह उल्लेख करना भी उचित है कि विष्णुदत्त विश्नोई जहां कहीं भी रहे उन्होंने सर्वप्रथम उन थानों की रूपरेखा बदल कर आम नागरिकों के लिए सुविधाओं का प्रत्यारोपण किया। विश्नोई को सदैव थाना भवनों के सुधार की तरफ अग्रसर करने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाएगा। बीकानेर रेंज के आईजी जोस मोहन भी मोके पर पहुंच रहे हैं।पूर्व विधायक मनोज न्यांगली के नेतृत्व में राजगढ़ में धरना शुरू मामले की सीबीआई जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग

आईजी से वार्ता ….

संभाग के चूरु जिले के राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त बिश्नोई की आत्महत्या करने के मामले में स्थानीय लोगों ने थाने के सामने धरना लगा कर नारेबाजी शुरु कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संभाग के आईजी मौके पर पहुंचे और धरना देने वाले से वार्ता की वार्ता में धरनार्थियों ने तीन मांग सामने रखी है। जिसमें एफआईआर, सीबीआई जांच हो तथा उनके द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट को सार्वाजनिक किया जाये। जब तक ये तीन मांगे नहीं मानी जायेगी तब तक धरना जारी रहेगा। वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के संज्ञान में राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त बिश्नोई के आत्महत्या प्रकरण आते ही उन्होंने इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने डीजीपी से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। दिवंगत सीआई विष्णुदत्त विश्नोई के परिजन कुछ ही देर में राजगढ़ थाने पहुंचने वाले हैं। आईजी जोस मोहन ने बताया कि बीकानेर और उनके पैतृक गांव लूणेवाला से परिजन आने वाले हैं। बता दें कि पूर्व विधायक मनोज न्यांगली आदि ने मुख्य रूप से सीबीआई जांच, सुसाइड नोट सार्वजनिक करने की मांग की है। वहीं परिजनों के पहुंचने पर सभी निर्णय होने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि परिजन अगर मुकदमा चाहेंगे तो मुकदमा होगा व जांच भी जिस स्तर पर चाही जाएगी, करवाई जाएगी।

जेल में चला सर्च अभियान ……

चुरू के राजगढ़ में एक दिवस पूर्व फायरिंग-गोलीबारी से जुड़े है लारेंस विश्नोई के तार, लारेंस ने जेल से फोन किया था। इसकी इनपुट एसओजी को मिला था एसओजी लारेंस विश्नोई को आज शाम तक हिरासत में ले सकती है।चुरू के राजगढ़ सीआई के सुसाइड के मामले में भी लारेंस से पूछताछ की गई। इसी इनपुट पर जेल में देर रात्रि को सर्च ऑपरेशन अभियान चलाया गया।