विश्‍व धर्म चेतना मंच, तिरुपति (कोलकाता शाखा) ने गुरुदेव के 80वें
अवतरण दिवस पर मनाया ‘आनन्द महोत्सव, देश-दुनिया से उमड़े श्रद्धालु

कोलकाता । ‘हर व्यक्ति के लिए उसका जन्मदिन बड़ा विशेष अर्थ रखता है, अनमोल होता है और यह सही भी है क्योंकि र्इश्‍वर ने बिल्कुल तुम्हारे जैसा किसी और को नहीं बनाया । थोड़ा अंतर जरुर रखा है । इसलिए अब तुम्हारा यह दायित्व बनता है कि तुम अपने इस अनमोल जीवन को इतना सुंदर बनाओ कि आने वाले समय में तुम्हारा जन्मदिन हजारों-हजारों लोगों के लिए मायने रखे ।’ यह उद्गार आज न्यु टाउन के विश्‍व बांग्ला कन्वेनशन सेंटर में विश्‍व धर्म चेतना मंच, तिरुपति आश्रम की कोलकाता शाखा द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के 158वें अवतरण दिवस और श्री सिद्धेश्‍वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव के 80वें अवतरण दिवस पर आयोजित ‘आनन्द महोत्सव’ को अपना दिव्य सान्निध्य प्रदान करते हुए स्वयं श्री सिद्धेश्‍वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव ने यहां उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ को अपना शुभाशीष प्रदान करते हुए व्यक्त किये । स्वामी विवेकानन्द की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के पश्‍चात श्री गुरुदेव ने कहा कि आज जो लोग यहां पधारे हैं यह उनका परम सौभाग्य है कि वे एक ऐसे महापुरुष के जन्मोत्सव में शामिल हो रहे हैं जिन्होंने विश्‍व भर में भारतीय संस्कृति का परचम फैलाया ।
श्रद्धेय गुरुदेव ने कहा कि वे चाहते हैं कि आप सभी का जन्म दिवस भी हजारों लोगों के लिए मायने रखे और आपका जन्मदिन तब हजारों लोगों के लिए मायने रखेगा जब आप लोगों के लिए समर्पित हों, उनके लिए जिएं ।

जिसका जीवन जितना महत्वपूर्ण होता है, उसका जन्म दिवस भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है और मृत्यु दिवस भी । उन्होंने कहा कि इस जीवन में कष्ट-दु:ख व परेशानियां भी आयेंगी लेकिन इससे घबराने की जरुरत नहीं है, फिर से अच्छे दिन भी आयेंगे । इस संदर्भ में उन्होंने एक मूर्तिकार का प्रेरक प्रसंग बताते हुए कहा कि दु:ख में जो टूट जाता है वो सड़क का कंकर बन जाता है और जो दृढ़ रहता है वो मंदिर का शंकर बन जाता है । गुरुदेव ने कहा कि हर कोर्इ कीचड़ में ही जन्म लेता है लेकिन उसको कमल बन कर खिलना है यह उसका उद्देश्य होना चाहिए जिसके लिए वैसे कर्म करना जरुरी है । गुरुदेव ने सबको सुख-समृद्धि व आरोग्य का शुभाशीष प्रदान करते हुए कहा कि वर्तमान में लोगों को अपनी आत्मा को मजबूत करने की जरुरत है । आज 90 प्रतिशत बिमारियां आत्मा की कमजोरी से हो रही हैं । अध्ययन बता रहे हैं कि आत्मा की कमजोरी से शरीर में रोग बढ़ रहे हैं । हर 17वां व्यक्ति डिप्रेशन का तो 29 लोगों में से एक आदमी कैंसर का शिकार हो रहा है । तो इससे बचने के लिए तुरंत सचेत होने की जरुरत है ।

आज ज्योहिं गुरुदेव ने आयोजन स्थल पर प्रवेश किया, पूरा वातावरण ‘जय गुरुदेव’ के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा । श्री देवेन्द्र बैगानी ने अपने सुरीले कंठ से गुरु महिमा का गुणगान कर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया । गुरुदेव का माल्यार्पण कर स्वागत नरेन्द्र सुराणा परिवार ने किया जबकि स्वागत भाषण पन्नालाल कोचर ने दिया व मंच संचालन नवीन गिड़िया ने किया । विश्‍व धर्म चेतना मंच के अंतर्राष्ट्रीय संचालक अशोक संचेती, मंच की अंतर्राष्ट्रीय महिला अध्यक्षा सरला बोथरा, अंतर्राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष नवीन गिड़िया, राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम मोदी, युवा चेयरमैन महेन्द्र दफतरी सहित प्रखर गुलेचा, पारस कुमार, बी. के. श्रीवास्तव, रमेश सांखला आदि देश-विदेश के भक्त भी उपस्थित थे । विशिष्ट अतिथियों में भगवती प्रसाद गोपालिका, श्याम सुंदर बेरीवाल, सुशील ओझा, सुभाष मुरारका, प्रदीप रावलवासिया, हरि प्रसाद अग्रवाल, बिनोद जाजू, ॠषभ दास भंसाली, अशोक बिनोद मिन्नी, प्रदीप पटवा, सुरेश गुप्ता आदि ने गुरुदेव से आशीर्वाद प्राप्त किया । आयोजकों पन्नालाल कोचर, जीवराज सेठिया, निर्मल कानोड़िया, संजय-सिद्धार्थ मालू, रामकिशन लुहारीवाला, सुनील राखेचा, अशोक मूंधड़ा, अजीत सुराणा, जितेंद्र मेहता, प्रवीण चांद, केशव शर्मा इस पूरे महोत्सव को सफल बनाने में अपना अभ्ाूतपूर्व सहयोग दिया । न केवल कोलकाता-हावड़ा व आस-पास के क्षेत्रों से बल्कि टोरेंटो, दुबर्इ, चीन, स्वीडन, अमेरिका से भी कर्इ गुरुभक्तों ने आज के महोत्सव में हिस्सा लिया । महोत्सव का समापन श्रद्धालुओं द्वारा गुरु प्रसादी ग्रहण करने के साथ हुआ ।