अलवर के युवा पत्रकार चन्द्रशेखर शर्मा ने छोटी उम्र में ही कलम थामकर पत्रकारिता का सफर शुरू किया। किसी समय छपने वाले पाक्षिक ललकार इंडिया में खबरे लिखने का शौक लगा लेकिन यह शौक कब इनके जीवन का हिस्सा बन गया पता ही नहीं चला।अलवर के कंपनी बाग के सामने बाल विहार स्कूल से दसवीं, बारहवीं और कला कालेज से बीए की डिग्री ली । कालेज समय में राधेश्याम तिवाड़ी (अब अलवर भास्कर) इनके सीनियर रहे है।इनसे इन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला । अलवर से प्रकाशित दैनिक अलवर का झरोखा में इन्होंने सक्रिय पत्रकारिता की शुरुआत की। अखबार के सम्पादक राकेश असंक ने इन्हें शहर कोतवाली और अस्पताल व अन्य पुलिस थानों से खबरें लाना सिखाया। इसके बाद इनके कदम आगे बढ़ते चले गए।

राजस्थान टाइम्स अखबार के सम्पादक व वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश गुप्ता के निर्देशन में इन्हें सबसे ज्यादा सीखने का मौका मिला। इसके बाद प्रदेश स्तरीय अखबार महका भारत में भी इन्होंने कुछ समय काम किया। इनकी लगन और मेहनत के कारण ये दिल्ली से प्रकाशित होने वाले राष्ट्रीय अखबार वीर अर्जुन के भी ब्यूरो चीफ बने। प्रिंट मीडिया के बाद वर्तमान पीआरओ योगेंद्र भारद्वाज ने इन्हें अलवर से निकलने वाले पहले इलेक्ट्रॉनिक चैनल एसटीवी में ले लाये । यही से इन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पदार्पण किया । वरिष्ठ पत्रकार संदीप दुबे के सानिध्य में इन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इन्होंने एटीएल चैनल और माध्यम टीवी में भी रिपोर्टर के रूप में कार्य किया। जर्मनी महिला के साथ अलवर में हुए रेप मामले में इन की स्टोरी सबसे पहले स्टार न्यूज़ चैनल पर चली जो कि वर्तमान में एबीपी न्यूज़ के नाम से जाना जाता है । उस समय इन्हें चैनल की ओर से ₹25000 का चैक स्टोरी ब्रेक करने और विजुअल सहित भिजवाने के लिए दिए गए। इसके बाद राज्य स्तरीय चैनल एचबीसी के भी जिला संवाददाता बने। पत्रकारिता में अधिकांश समय देने और पत्रकारों की समस्याओं को उठाने का जज्बा होने के कारण इन्हें श्रमजीवी पत्रकार संघ का जिलाध्यक्ष भी बनाया गया। अलवर में चंद्रशेखर शर्मा ऐसे पहले अध्यक्ष बने हैं जिन्होंने प्रेस दिवस के उपलक्ष में पिछले 8 वर्षों से लगातार पत्रकारिता पर कार्यक्रम आयोजित किए हैं और वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान भी किया। इसके अलावा काले कानून के खिलाफ पहली बार अलवर में मौन जुलूस भी निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया और एकता का प्रदर्शन किया। इसके अलावा उन्होंने संगठन की अन्य गतिविधियां कर पत्रकारों की समस्याओं का निवारण करने का प्रयास किया। इनके नेतृत्व में किशनगढ़बास के पत्रकार दौलत भारती पर हुए हमले को लेकर भी जमकर विरोध किया गया।

श्रमजीवी पत्रकार संघ के लिए इन्होंने एक कार्यालय का भी आवंटन जिला प्रशासन से करवाया। जो कि अलवर के पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा जा सकता है। इस वर्ष इन्होंने संगठन के कार्यालय मीडिया सेंटर में निशुल्क प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया। जिसमें एडिटिंग, रिपोर्टिंग, एंकरिंग और वीडियोग्राफी का प्रशिक्षण दिया गया। कोरोना के शुरुआती दिनों में पत्रकारों के लिए काढ़ा पिलाने सहित सैनिटाइजर और मास्क का भी वितरण श्रमजीवी पत्रकार संघ की ओर से किया गया। चंद्रशेखर को राजस्थान पत्रिका की ओर सेआयोजित टॉक शो में बुलाया गया और अगले दिन इनकी फोटो छाप कर इनका वर्जन दिया गया। वर्तमान में चंद्रशेखर शर्मा a1tv राजस्थान चैनल के ब्यूरो चीफ हैं। चैनल के निदेशक वरिष्ठ पत्रकार और श्याम शर्मा है । ये अधिस्वीकृत पत्रकार भी हैं । चन्द्रशेखर के उत्तम स्वास्थ्य और उज्ववल भविष्य की कामना करते हैं।

हरप्रकाश मुंजाल , अलवर ।