जयपुर /पिंक सिटी जयपुर को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल किए जाने पर जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल के समक्ष आयोजित समारोह में यूनेस्को की महानिदेशक आंन्द्रे अजोले से नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री शांति कुमार धारीवाल जी तथा पर्यटन मंत्री श्री विश्वेंद्र सिंह जी के साथ ऊर्जा
कला और संस्कृति
मंत्री डॉ बी डी कल्ला ने प्रमाण पत्र प्राप्त किया।
इस उपलब्धि पर डॉ कल्ला ने कहा कि
जयपुर को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल किए जाने से प्रदेश के पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान की अपनी कला और संस्कृति की सतरंगी विरासत के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान है। हमारा प्रदेश कला और संस्कृति के माध्यम से टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए जाना जाता है। जयपुर तो पर्यटन के क्षेत्र में देश के ‘गोल्डन ट्रायंगल’ का हिस्सा है, देश में आने वाले विदेशी पर्यटक आगरा, दिल्ली और जयपुर अवश्य आते हैं। राजस्थान में बर्फ और समुद्र के अलावा सब कुछ है, प्रदेश ने देश की कला और संस्कृति की परंपराओं को समृद्ध बनाने में सदैव अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, यहां के किले, मंदिर हवेलियां और जल संरक्षण के लिए बनाई गई प्राचीन बावड़ियां आदि जीवंतता और शिल्प कला की अनुपम नजीर है।

वर्ष 2010 में जयपुर का जंतर मंतर पहली बार यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज सूची में शामिल किया गया। इसके बाद 2013 में रणथंभौर, जैसलमेर, चित्तौड़, कुंभलगढ़, गागरोन तथा आमेर के किले को वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल किया गया था। अब जयपुर को इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया जाना न केवल गुलाबी शहर बल्कि पूरे राजस्थान के लोगों के लिए गर्व की बात है।