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पहले सेल्फी प्वाइंट ‘‘आई लव बीकानेर’’ का लोकार्पण

बीकानेर, 20 अक्टूबर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने रविवार रात को पब्लिक पार्क में बीकानेर के पहले सेल्फी प्वाइंट ‘‘आई लव बीकानेर’’ का लोकार्पण किया। गौतम ने सेल्फी प्वाइंट की लाइट जलाकर और सेल्फी लेकर आमजन के लिए सेल्फी प्वाइंट प्रारंभ कर दिया। बीकानेर में बना यह पहला सेल्फी प्वाइंट होगा।

गौतम ने सेल्फी प्वाइंट के उद्घाटन के बाद सूरसागर झील को भी देखा। वह झील के भूतल पर गए और वहां मिट्टी बिछाने के कार्य को देखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि झील में मिट्टी बिछाने का कार्य सोमवार दोपहर तक पूरा कर दिया जाए, साथ ही उन्होंने इंदिरा फाउंटेन भी देखा और कहा कि फाउंटेन में प्रकाश व्यवस्था और लाॅन को दुरुस्त किया जाए और परिसर में बैंचेज लगाने का कार्य भी किया जाए, साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की मूर्ति के चारों और शिलालेख लगाई जाएं, जिनमें श्रीमती गांधी के जीवन परिचय को उकेरा जाए।

25 अक्टूबर तक आ जाएगा 6 इंच पानी
जिला कलेक्टर गौतम ने रविवार देर रात शिवसागर में चल रहे कार्यों का निरीक्षण के बाद यहां जमाई जा रही मिट्टी को कल सुबह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए, साथ ही उन्होंने कहा कि सूरसागर में सोमवार की शाम से पानी की आवक शुरू हो जानी चाहिए ताकि 25 अक्टूबर तक यहां कम से कम 6 इंच पानी आ जाए और दीपदान का कार्य सुगमता के साथ हो सके। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी अभिषेक सुराणा से कहा कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना और जलदाय विभाग के अभियंताओं से समन्वय स्थापित कर इस कार्य को तय समय में पूरा किया जाना सुनिश्चित करें।

भीमसेन सर्किल में लगे आधुनिक लाइट
न्यास अध्यक्ष गौतम ने पब्लिक पार्क सहित भीमसेन सर्किल तक का निरीक्षण किया उन्होंने अभिषेक सुराणा को निर्देश दिए कि भीमसेन सर्किल पर आधुनिक लाइटें लगाई जाए ताकि यह सर्किल भी आकर्षक बन सके, साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग से बीकानेर में प्रवेश करने वाले स्थानों पर ‘‘बीकानेर में आपका स्वागत है’’ लिखवाया जाए।
उन्होंने कहा कि पब्लिक पार्क में स्थित विभिन्न पार्कों में जरूरत के मुताबिक और बैंचेज लगाई जाए, साथ ही भ्रमण पथ के बाहर जो स्थान हैं, वहां की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और पब्लिक पार्क के विभिन्न क्षेत्रों में उगे हुए अनावश्यक झाड़ झंकारों को भी हटाया जाए।


क्या है सेल्फी
अपनी स्वयं की फोटो कैमरे से लेने को सेल्फी बोलते हैं। सबसे पहले रॉबर्ट कॉर्नियलस ने वर्ष 1839 में अमेरिका के फिलेडेल्फिया शहर में कैमरे के माध्यम से सेल्फी ली थी। वर्ष 1990 से जापान में मॉडर्न सेल्फी प्रारंभ हुई थी और वर्ष 1999 में पहला सेल्फी फोन जापान में ही बना था मोबाइल का नाम वीपी 210 था।