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पुलिस का बर्बर चेहरा ,बीमार मां की दबाई लेने बाजार जा रहे मेकेनिकल इंजीनियर से पुलिस ने पंचायत के मुखिया घर में जाकर की बेरहमी से पिटाई।

-पिटाई के दौरान इंजीनियर का सर फटा।

-पुलिस बर्बरतापूर्ण रवैये से स्थानीय मुखिया व ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त।

ओम एक्सप्रेस ब्यूरों रिपोर्ट( सुपौल)

जिले के त्रिवेणीगंज पुलिस की बर्बरता लॉकडॉन में साइड इफेक्ट बनकर सामने आ रही है। मंगलवार के दिन ब्लॉक से ड्यूटी कर लौट रहे आवास सहायक से मारपीट का मामला थमा भी नही हैं।अब ग्रामीण क्षेत्रों में घर में घुसकर लोगों की पिटाई करने से भी गुरेज नहीं कर रही है।ग्रामीण कहते हैं कि यहां आदमी कोविड 19 से नहीं बल्कि स्थानीय पुलिस की बर्बरता से भयभीत है।पुलिस की इस बर्बरतापूर्ण रवैये से स्थानीय मुखिया व ग्रामीणों में काफी आक्रोश व्याप्त हैं।ताजा मामला त्रिवेणीगंज थाना मुख्यालय क्षेत्र के लतौना दक्षिण पंचायत के मुखिया सुलेखा देवी के घर से जुड़ा है।

जहां बुधबार की संध्या में उक्त पंचायत के वार्ड नम्बर 11 निवासी किराना दुकानदार सूर्यनारायण गुप्ता का करीब 28वर्षीय पुत्र मेकेनिकल इंजीनियर चंदन कुमार अपने दोस्त के साथ बुधवार संध्या लगभग 6 बजे अपनी बीमार मां के लिए दवाई लेने त्रिवेणीगंज बाजार आ रहा था कि लतौना दक्षिण पंचायत की मुखिया सुलेखा देवी के घर के समीप जैसे हीं पहुंचा है कि त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार के नेतृत्व में लॉकडॉन की गश्ती कर रही पुलिस बल द्वारा उसे रोका गया।रोकने के साथ ही बिना कुछ सोचे समझे पुलिस बल अचानक ही उग्र रुप में आ गई और मेकेनिकल इंजीनियर चंदन कुमार को खदेड़ने लगा और पीड़ित इंजीनियर चंदन जान बचाने और पुलिस की क्रूरता से बचने के लिए मुखिया के घर में छिपने के लिए गया तो त्रिवेणीगंज पुलिस ने मुखिया के घर में प्रवेश कर बिना किसी वजह व कारण जाने इंजीनियर की बेरहमी से पिटाई कर दी।जिसमें इंजीनियर चंदन का सर फट गया शरीर पर पिटाई के कई जख्म के निशान पुलिस ने छोड़ दिए। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद पुलिस वहां से अपने बल के साथ रफ्फूचक्कर हो गए।इधर पुलिस की इस कार्यशैली से स्थानीय ग्रामीण दहशत के माहौल में हैं ग्रामीण कहते हैं कि यहाँ लोग कोरोना से नहीं पुलिस की बर्बरता से मर जाएगा।