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बीकानेर के तीन दूध विक्रताओं पर शास्ति लगाईप्रत्येक को जमा करवाना होगा 30-30 हजार रूपये

बीकानेर /मिलावटी दूध पाये जाने पर तीन दूध विक्रताओं पर शास्ति
प्रत्येक को जमा करवाना होगा 30-30 हजार रूपये
एडीएम (ए) ए.एच.गौरी ने सुनाया फैसला। न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 51 के अन्तर्गत बीकानेर के तीन दूध विक्रताओं पर शास्ति लगाई है। दूध विक्रेताओं को यह राशि एक माह में राज्य सरकार के आय मद 0210- चिकित्सा तथा लोक स्वास्थ्य में जरिये चालान से जमा करवानी होगी।

ए.एच.गौरी ने यह निर्णय खाद्य सुरक्षा अधिकारी महमूद अली मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीकानेर द्वारा दायर तीन मामलों में दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने श्रीमती शिवानी सोमरा पत्नी जयसिंह जाट ( विक्रता मालिक ) मैसर्स कान्हा डेयरी, नहर पुलिया के पास,वार्ड नम्बर 10,उदासर बीकानेर, धन्नाराम पुत्र आशाराम जाति जाट (विक्रता मालिक) मैसर्स मोनिका डेयरी फार्म, पुरानी गजनेर रोड चैखंूटी और श्रवणराम सियाग पुत्र रामरतन जाट (विक्रेता मालिक) मैसर्स जसनाथी दूध भण्डार, कुम्हारों की मोड़ गोपश्वर बस्ती ,गंगाशहर को धारा 2 (प्प्) खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 निमय 2011 के अन्तर्गत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इस के आधार पर संबंधित फर्म और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की दलील सुनने और प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर तीनों ही दूध विक्रताओं (अप्रार्थी) को खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 51 के तहत दोषी पाया है। उन्होंने तीनों की फर्माें पर 30-30 हजार रूपये की शास्ति आरोपित की है।

गौरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने उक्त फर्माें से दुध के नमूने लिए गए थे और इन नमूनों की जांच मुख्य जन विश्लेषक एवं खाद्य विश्लेषक, जयपुर से करवाई गई थी।