सुधांशु कुमार सतीश

मुंबई की फिल्मी दुनिया में बतौर निर्देशक अपने पांव जमाने धनबाद का नौजवान जितेंद्र सिंह तोमर का फिल्मी सफ़र 2013 में टेलीविज़न शो ‘अदालत’ में सहायक निर्देशक की हैसियत से शुरू हो जाता है। निर्देशन में अपनी धाक जमाने के के बाद म्यूज़िक एल्बम बनाने की ख़्वाहिश संजोये जेएसटी फ़िल्मस नाम से प्रोडक्शन कंपनी खोल जून 2020 में अपना पहला म्यूज़िक वीडियो एलबम ‘सुरमई नैन तेरे’ रिलीज़ कर धूम मचा दी है। ‘देवों के देव महादेव’ में अपने निर्देशन का लोहा मनवा चुके जितेंद्र सिंह तोमर को सुपरहिट टीवी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बतौर एसोसिएट डायरेक्टर आला डायरेक्टरों की शाबाशी मिलने के साथ ही ‘पोरस’ में भी वाहवाही पाने का सिलसिला चलता रहा।

ग़ौरतलब है, 2017 में उनकी लघु फ़िल्म ‘कौतुंबिक’ की चर्चा जोरों पर थी। ज़ी म्यूज़िक, टिप्स और शिमारू के साथ तोमर के निर्देशन में बने म्यूज़िक वीडियोज़ ने तो तहलका मचा मचा दिये। तोमर के सुपरहिट वीडियो एलबम ‘यार तेरे अॉन डिमांड’ और ‘तेरे साथ’ की मची धूम से तो उनकी सरगम की दुनिया में नयी पहचान और शोहरत पैदा हो गई। अपनी जेएसटी फ़िल्मस के परचम तले होमटाउन धनबाद से जल्दी ही हिंदी फीचर फिल्म बनाने का मन बना चुके जितेंद्र कुमार तोमर ने बताया कि प्रस्तावित फिल्म की शूटिंग धनबाद के साथ ही रांची, पतरातू और इर्द-गिर्द के इलाकों में की जाएगी। तोमर का मानना है, झारखंड के स्थानीय कलाकारों में अभिनय की भरपूर संभावनाएं हैं। बस, उन्हें निखारने की ज़रूरत है। झारखंड से हिंदी फिल्म बनाने की जितेंद्र की गहरी ललक राज्य के पर्यटन को प्रोत्साहित करने के साथ ही रोज़गार मुहैया करवाने में भी अहम भूमिका ले सकती है। ऐसे में झारखंडी फिल्मकार जितेंद्र की पहल में सरकारी नीति के तहत झारखंड सरकार का अपेक्षित साथ भी बेहद ज़रूरी लगता है।