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महाराष्ट्र पर 4.7 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ गए हैं फडणवीस, उद्धव कहां से लाएंगे पैसा?

मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार की शुरुआत हो चुकी है. बीते गुरुवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

महाराष्ट्र पर 4.7 लाख करोड़ का कर्ज, उद्धव कहां से लाएंगे पैसा?
महाराष्‍ट्र पर कर्ज का बोझ 4.7 लाख करोड़ रुपये से अधिकराज्‍य का कुल बजट 3 लाख 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक
उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्‍ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही देश की आर्थिक राजधानी में ठाकरे सरकार की शुरुआत हो गई. यह पहली बार है जब ठाकरे परिवार का कोई सदस्‍य मुख्‍यमंत्री पद को संभाल रहा है. ऐसे में बतौर मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. उद्धव ठाकरे को सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक मोर्चे पर मिलने वाली है. दरअसल, आर्थिक मोर्चे पर राज्‍य की स्थिति ठीक नहीं है.

4.7 लाख करोड़ का कर्ज

बीते जून महीने में महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार में तब के वित्त मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने 2019-20 का अंतरिम बजट पेश किया था. इस बजट में बताया गया कि महाराष्‍ट्र पर कर्ज का बोझ 4.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है. वहीं 2018-19 में महाराष्‍ट्र सरकार की देनदारियां 4.14 लाख करोड़ रुपये थी, जो लगातार बढ़ रही है. बता दें कि सरकार ने कुल बजट 3 लाख 34, 933 करोड़ रुपये रखा था.

राजस्व घाटा में इजाफा!

इस बजट में बताया गया कि महाराष्ट्र सरकार का राजस्व घाटा बढ़कर 20,292.94 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. एक साल पहले राजस्व घाटा 14,960.04 करोड़ रुपये था. इस लिहाज से सिर्फ एक साल में महाराष्‍ट्र का राजस्‍व घाटा ‭5 हजार करोड़ यानी 35.6 फीसदी से अधिक बढ़ सकता है