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महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी के गठजोड़ से बनेगी सरकार, कांग्रेस का ‘हाथ’ बाहर से साथ

➡एनसीपी के समर्थन से शिवसेना बनाएगी सरकार
➡भविष्य में बारे में नहीं जानते, कब, क्या हो सकता है?’ : शरद पवार
वहीं, सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद शरद पवार ने सोमवार को कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह अपने सहयोगी शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाए क्योंकि उनके पास सरकार बनाने के लिए बहुमत है। एनसीपी प्रमुख ने कहा कि ‘जैसा कि हम जानते है कि एनसीपी को जनता ने विपक्ष में बैठने के लिए जनादेश दिया है, लेकिन आप भविष्य के बारे में नहीं जानते कि कब, क्या हो सकता है?’

मुंबई से दिल्ली तक बड़े नेताओं की मुलाकातों के बावजूद महाराष्ट्र में अभी तक सरकार के गठन पर सस्पेंस बना हुआ है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री उनकी पार्टी से ही होगा। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति बदल रही है और न्याय की खातिर लड़ाई में उनकी पार्टी की ही जीत होगी। उन्होंने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि महाराष्ट्र के बारे में फैसला महाराष्ट्र में ही लिया जाएगा, मुख्यमंत्री शिवसेना से ही होगा।

शिवसेना के एनसीपी की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने की खबरों के बीच राउत ने कहा कि शरद पवार राज्य के अगले मुख्यमंत्री नहीं होंगे। मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर भाजपा और शिवसेना के बीच खींचतान के चलते अब तक राज्य में सरकार का गठन नहीं हो पाया है।

राउत ने दुष्यंत कुमार की कविता के जरिए भाजपा पर तंज कसा। राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में कोई प्रदूषण नहीं है। सिर्फ हंगामा खड़ा करना हमारा मकसद नहीं है। राउत ने साफ कहा कि महाराष्ट्र का निर्णय महाराष्ट्र में ही होगा। राउत ने दुष्यंत की कविता शेयर की और लिखा कि सिर्फ सियासी हालात पर हंगामा नहीं कर रहे हैं। हम महाराष्ट्र की सूरत बदलना चाहते हैं।

एनसीपी के समर्थन से शिवसेना बनाएगी सरकार
महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए भाजपा और शिवसेना की तरफ से तमाम कोशिशें जारी है। वहीं, दूसरी तरफ खबर आ रही है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शिवसेना साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं और कांग्रेस उन्हें बाहर से समर्थन करेगी।
➡गुत्थी नहीं सुलझी तो अल्पमत सरकार बना सकती है भाजपा
वहीं अगर सियासी गुत्थी न सुलझी तो भाजपा पहले की तरह सूबे में अल्पमत सरकार बना सकती है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पार्टी शिवसेना को पहले से अधिक मंत्री पद के साथ जैसे अहम मंत्रालय देने के लिए राजी है। लेकिन पार्टी चाहती है कि बातचीत की पेशकश शिवसेना प्रमुख उद्घव ठाकरे की ओर से आए।