शख्सीयत : समाजसेविका श्रीमती सीता चारण चारण गढवी इंटरनेशनल फाउंडेशन, राजस्थान महिला संगठन की जोनल अध्यक्ष नियुक्त

बीकानेर। समाजसेविका श्रीमती सीता चारण को हाल ही में समाज में उनकी महिला उत्थान हेतू सक्रियता,महिला सशक्तिकरण एवं उनके अधिकारों के संरक्षण हेतु किए गए समाजिक प्रयासों एवं उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए चारण गढवी इंटरनेशनल फाउंडेशन दुवारा उन्हें राजस्थान महिला संगठन की जोनल अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।श्रीमती चारण पिछले कई वर्षो से विभिन्न प्रतिष्टित सामाजिक संगठनों से जुड़ी हुई है साथ ही नारी एवं चारण समाज उत्थान के लिए अपनी विशिष्ट भूमिका का निर्वाह कर रही है। वर्तमान में चारण समाज का महिला संगठन आपके नेतृत्व में विभिन्न सामजिक व प्रगितिशील कार्यों को करते हुए समाज के लिए नई उपलब्धियां स्थापित कर रहा है। ज्ञातव्य है कि आपके पति प्रो. हाकम दान जी चारण बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर सुशोभित हैं साथ ही विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय है।

इस अवसर पर नवनियुक्त अध्यक्षा श्रीमती चारण ने कहा कि समाज में महिलाओं की हितों को सुनिश्चित करना पर उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करना उनकी प्रथम प्राथमिकता रहेगी। उनकी मंशा है कि समाज की पिछड़ी महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में शामिल कर उन्हें समाज के विकास में अपना योगदान देने के लिए तैयार किया जा सके।जब तक किसी भी समाज की महिला प्रगतिशील नहीं होगी तब तक समाज प्रगतिशील नहीं हो सकता है। उनका प्रयास रहेगा की समाज की महिलाओं, युवतियों, बालिकाओ और कमजोर व जरूरतमंद तबकों के लिए अभिनव कार्ययोजनाओं के माध्यम से उनको आत्मनिर्भर बना सके। उनका मानना है कि महिलाएं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इसे एक उन्नत और आधुनिक समाज बनाती हैं। यदि आप एक महिला को शिक्षित करते हैं; आप एक पीढ़ी को शिक्षित करते हैं। ”महिलाओं को शिक्षित करना और उन्हें शक्ति देना बहुत महत्वपूर्ण है और वर्तमान परिस्थिति की मांग है कि महिलाओं के मातृशक्ति स्वरूप को देश के सामने प्रस्तुत किया जाए। समय-समय पर महिलाओं ने एक पुत्री, मां, बहन, बेटी बहू के किरदार को बखूबी निभाया है अब वक्त की मांग है कि समाज में भी उनको अपनी भूमिका का निर्वाह करना चाहिए। आज हर समाज की महिलायें समाज के विकास एवं तरक्की में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनके बिना विकसित तथा समृद्ध समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

महिलाएं दुनिया की आधी आबादी हैं जिसका मतलब है दुनिया की आधी ताकत। अगर किसी भी देश की महिलाओं को सशक्त नहीं किया जाता है तो इसका मतलब है कि देश में आधी शक्ति का अभाव है। स्वभाव से, महिलाएं अपनी सभी भूमिकाएं बड़ी जिम्मेदारियों के साथ निभाती हैं और एक स्वस्थ परिवार, ठोस समाज और शक्तिशाली देश और विकसित समाज बनाने की क्षमता रखती हैं। महिलाओं की सभी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को समाजों द्वारा कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के बिना परिवार, समाज और देश में कोई विकास संभव नहीं है।

उनका प्रयास रहेगा की साक्षरता, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, महिला अधिकारों का संरक्षण, स्वरोजगार, विधिक सहायता, ग्रामीण उत्थान, सामजिक संबल, महिला गृह उद्योग, सुलभ ऋण जैसे विषयों पर वह समाज की पात्र महिलाओं को विभीन्न लाभदायक योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित कर सके। श्रीमती चारण की नियुक्ति पर महिला संगठन के पदाधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों, एवं समाज से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने हर्ष व्यक्त किया है और उनकी नियुक्ति के लिए गढ़वी इंटरनेशनल फाउंडेशन काआभार प्रकट किया है।