बीकानेर, 03 नवम्बर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छाधिपति आचार्यश्री जिन मणि प्रभ सूरिश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती साध्वीश्री शशि प्रभाश्रीजी.म.सा. के सान्निध्य में रविवार को बाड़मेर की मुमुक्षु पूजा संकलेचा का विभिन्न संगठनों की ओर से अभिनंदन किया गया। पूर्व में मुमुक्षु की शोभायात्रा (वरघोड़ा) शहर के विभिन्न जैन बहुल्य मोहल्लों से होते हुए निकली।
गाजेे-बाजे से निकली शोभायात्रा में आगम की पूजा का लाभ लेने वाले श्रावक-श्राविकाएं आगम पर सिर पर लेकर देव, धर्म व गुरु तथा दीक्षार्थी पूजा संकलेचा के नारे लगा रहे थे। विभिन्न जैन बहुल्य मोहल्लों, प्रमुख जैन मंदिरों के आगे से निकली शोभायात्रा में जगह-जगह पूजा का स्वागत व अभिनंदन किया गया। मुख्य अभिनंदन समारोह ढढ्ढा कोटड़ी में आयोजित किया गया।

ढढ्ढा कोटड़ी में रंगारंग धार्मिक व प्रेरणादायक सांस्कृतिक कार्यक्रम में खरतरगच्छ बालक-बालिका परिषद ने नाटक व नृृत्यों की प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में मुमुक्षू पूजा संकलेचा ने भी भागीदारी निभाई। पूजा और उनके परिजनों का श्री खरतरगच्छ युवक परिषद के अध्यक्ष राजीव खजाची व सचिव मनीष नाहटा व अन्य पदाधिकारियों, जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ के विजय कोचर, जैन महासभा के सुरेन्द्र भादाणी, खरतरगच्छ महिला परिषद की अध्यक्ष चारू नाहटा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रेणु खजांची, श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की ओर पूर्व मंत्री गेवर चंद मुसरफ, निर्मल पारख, चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारिवाल, बालिका परिषद की चित्रा पारख व बालक परिषद के महावीर खजांची, विचक्षण महिला मंडल की मूला बाई दुगड़, सामयिक मंडल की श्रीमती संतोष नाहटा व अन्य पदाधिकारियों ने अभिनंदन किया। खरतरगच्छ युवक परिषद के अध्यक्ष राजीव खजांची ने गच्छाधिपति आचार्यश्री जिनमणि प्रभ सूरिश्वरजी के संदेश का तथा सचिव मनीष नाहटा ने अभिनंदन पत्र का वांचन किया। महिला परिषद की रेणु खजांची ने महिला परिषद की गतिविधि की रिपोर्ट प्रस्तुत की। आचार्यश्री जिन मणि प्रभ सूरिश्वरजी की पद यात्रा पर बीकानेर में सुनील पारख की ओर से संगीतबद्ध व स्वरों से सजाए भक्ति गीत का लोकार्पण भजन का मुखड़ा बजाकर किया गया।
साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा. ने प्रवचन मंें कहा कि श्रद्धा व विश्वास से मुमुक्षु पूजा की दीक्षा पर क्रोध आने पर एक घंटें नहीं बोलने का संकल्प लें। आधुनिक युग के प्रभाव में सामयिक आदि धार्मिक परम्पराओं को नहीं बदले। उन्होंने कहा कि बीकानेर में पहली बार 45 आगमों का पूजन व वरघोड़ा निकलना अपने आप मंें अनूठी संघ की प्रभावना है। उन्होंने कहा कि क्रोध व ंिनंदा से बचें तथा बच्चों को संस्कारित करें। बच्चों में संस्कारों के बीज नहीं बोने पर आने वाले कल में अभिभावकों को अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है । बच्चों को संस्कारित करने में किसी तरह की लापरवाही व कोताही नहीं बरते। संस्कार सबसे बड़ा धन है इस धन को संग्रहित करने में पूर्ण सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि पूजा दीक्षा ग्रहण करने के बाद अनेक नियमों का पालन करेंगी। उन्होंने पूजा की दीक्षा के उपलक्ष्य में श्रावक-श्राविकाओं से कोई नियम धारण कर अपने में व्याप्त बुराइयों व कमियों को दूर करने का संकल्प दिलवाया तथा पूजा के बेहतर संयम जीवन की कामना की।

आचार्यश्री जिन मणि प्रभ सूरिश्वरजी के सान्निध्य में 26 फरवरी 2020 को भगवती दीक्षा ग्रहण करने वाली 27 वर्षीय मुमुक्षु बी.काॅम.एम. शिक्षा प्राप्त है तथा दो भाइयों व तीन बहनों में सबसे छोटी है। प्रवर्तिनी साध्वीश्री शशि प्रभाजी की शिष्या सुश्रावक जगदीशजी व सुश्राविका प्यारी देवी की पुत्री पूजा ने अनेक धार्मिक-आध्यात्मिक ग्रंथों का स्वाध्याय किया है तथा धार्मिक क्रियाओं को कंठस्थ किया है। मुमुक्षु पूजा ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि वीर परमात्मा और गुरुवर्या की असीम कृृपा व परिजनों के मनोबल बढ़ाने से ही वे संयम के मार्ग को अंगीकार कर रहीं है। खरतरगच्छ बालक परिषद की ओर से ’’सास बहू’’ नाटक के माध्यम से सामयिक सहित सभी धार्मिक क्रियाओं को सही तरीके से करने का संदेश दिया। नाटक में महावीर खजांची, सिद्धार्थ खजांची, नमन बरड़िया व संभव बोथरा ने भूमिकाएं निभाई। कार्यक्रम स्थल पर ज्ञान वाटिका के बच्चों वार्षिकोत्सव हुआ जिसमें उन्होने लघु नाटक, नृृत्य की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में वरिष्ठ गायक सुनील पारख, अरिहंत नाहटा आदि ने भक्ति गीत पेश किए। महावीर, नमन,सिद्धार्थ व पूर्वी ने बालक-बालिका परिषद व ज्ञान वाटिका की गतिविधियों से अवगत करवाया। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संध के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय विजय चंद खजांची की समृृति में किरण देवी, सुमित व सुनीता खजांची परिवार की ओर से 108 रोगनाशक नवकार मंजूषा की प्रभावना की गई। साधर्मीवात्सल्य का लाभ वरिष्ठ सुश्रावक धनराज, सुरेन्द्र व महेन्द्र कुमार नाहटा परिवार ने लिया।