– हुड्डा के साथ दीपेंद्र हुड्ड की भी साख का सवाल है!
– कपूर नरवाल पर नहीं, हुड्डा का अब इंदुराज पर दांव
– माथा पच्ची के बाद तय हुआ दीपेंद्र के करीबी का नाम

रिपोर्ट – राजेन्द्र सोनी
चंडीगढ़। हरियाणा में इज्जत का सवाल बन चुकी बरोदा के अखाड़े में घमासान की तैयारी हो गई है। तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार पहलवान योगेश्वर दत्त कांग्रेस उम्मीदवार को पटखनी देंगे या फिर पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा का धोबी पाट दांव चलेगा, यह यहां की जनता तय करेगी। फिलहाल सभी पार्टियों ने सोच समझकर अपने प्रत्याशियों के नाम तय किए हैं। अभी तक मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रहा है। इसी बीच इनेलो ने भी अपने दमदार प्रत्याशी के तौर पर योगेंद्र मलिक को मैदान में उतारा है। जाटलैंड की इस सीट पर इस बार पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और अभय चौटाला भी अपने प्रत्याशी के लिए जान लड़ाएंगे। जबकि कपूर नरवाल टिकट न मिलने के कारण निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ेंगे। इसके अलावा पूर्व सांसद राजकुमार सैनी अपनी पार्टी लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के बैनर तले जाटलैंड में हुंकार भरेंगे। कांग्रेस को इस चुनाव में लंबी माथा पच्ची के बाद इंदुराज नरवाल का नाम फाइनल करना पड़ा है।

वीरवार देर रात तक दिल्ली में चली बैठक में कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ता को चुनाव लड़वाने के लिए अड़े रहे। रात तक यह तय नहीं हो सका कि टिकट किसको दिया जाए। जिसके बाद सुबह नौ बजे मीटिंग बुलाई गई। अंत में हुड्डा को इंदुरात नरवाल के नाम पर सहमत होना पड़ा। इंदुराज दीपेंद्र हुडडा के करीबी भी हैं। लिहाजा इस चुनावी रण में एक बार फिर से पिता- पुत्र की साख का सवाल है। चूंकि लोकसभा चुनाव में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुडडा को सोनीपत की जनता हार का सामना करवा चुकी है, लेकिन विधानसभा चुनाव में यही वोट बैंक हुड्डा के साथ आ गया था। ऐसे में हुडडा की यह सोच थी कि यदि पार्टी कपूर नरवाल पर दांव खेलेगी तो मेहनत कम करनी पड़ेगी, क्योंकि कपूर नरवाल का खुद का रसूख है और कांग्रेस का वोटबैंक भी बरोदा में मौजूद है। योगेश्वर दत्त की पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से हार का अंतर बहुत ज्यादा नहीं था। उस दौरान करीब 4800 मतों से योगेश्वर दत्त को हार का सामना करना पड़ा था। इस बार तस्वीर बदली हुई है। इस सीट पर तीन जाट उम्मीदवार हैं। जबकि योगेश्वर दत्त खुद ब्राहम्ण हैं और सैनी बिरादरी से राजकुमार सैनी हैं।

– भाजपा फेंक सकती है मंत्रीपद का लालीपॅाप
उपचुनाव में बीजेपी यहां पर जीतने वाले उम्मीदवार को मंत्री बनाने का लालीपॉप जनता के सामने फेंक सकती है। केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा सरकार है। अभी हरियाणा की गठबंधन सरकार में मंत्रियों को एडजस्ट करने की जगह भी बची है। ऐसे में बरोदा को चौधर सौंपने का यह दांव चलने में भी भाजपा पीछे नहीं हटेगी।