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रंगीला स्मृति शतरंजः पुरस्कृत हुए विजेता, जोशी को दियाा ‘रंगीला रत्न अवार्ड’

बीकानेर, 2 जनवरी। रंगीला स्मृति शतरंज प्रतियोगिता के विजेताओं को गुरुवार को पुरस्कृत किया गया। वहीं राजस्थान उच्च न्यायिक सेवा में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश के पद पर चयनित योगेश जोशी को ‘रंगीला रत्न अवार्ड’ दिया गया।
रंगीला फाउण्डेशन द्वारा नालंदा स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण रंगा थे। उन्होंने कहा कि शतरंज हमें जीवन में आने वाली चुनौतियां का सामना करने का हौसला देती है। यह सिफ खेल नहीं बल्कि समूचा जीवन विज्ञान है। छोटे-छोटे बच्चों को इसका नियमित अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने बच्चों के चरित्र पर मोबाइल से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया।
जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डाॅ. किरण सिंह ने कहा कि शतरंज हमारे देश की बौद्धिक सम्पदा है। बच्चों का इस ओर आकर्षक सकारात्मक है। उन्होंने संस्था द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि ऐसे आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए।

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के उपनिदेशक शिवप्रसाद ने एकाग्रता के लिए योग-प्राणायाम के नियमित अभ्यास की बात कही। उन्होंने कहा कि युवा शातिरों को अवसर प्रदान करना रंगीला को सच्ची श्रद्धांजलि हैं।
इससे पहले अतिथियों ने झंवर लाल व्यास ‘रंगीला’ के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की। प्रतियोगिता संयोजक एड. जुगल किशोर व्यास ने संस्था का परिचय और प्रतियोगिता का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। अध्यक्ष एडवोकेट बसंत आचार्य ने आभार जताया। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता एस. एल. हर्ष और फाउण्डेशन संरक्षक दुर्गाशंकर आचार्य बतौर अतिथि मौजूद रहे। संचालन हरि शंकर आचार्य ने किया।

जोशी को दिया ‘रंगीला रत्न अवार्ड’
राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा हाल ही में आयोजित राजस्थान उच्च न्यायिक सेवा परीक्षा में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश के पद पर चयनित योगेश जोशी को ‘रंगीला रत्न अवार्ड’ प्रदान किया गया। अभिनंदन पत्र का वाचन मधुसूदन व्यास ने किया। जोशी को अभिनंदन पत्र, स्मृति चिह्न, शाॅल, साफा और श्रीफल भेंट किया गया। खेल लेखक मनीष जोशी और रोहित व्यास ने रंगीला के कृतित्व पर विचार व्यक्त किए।

विजेता हुए पुरस्कृत
समारोह के दौरान सीनियर वर्ग में हर्षवर्धन स्वामी, कपिल पंवार और महावीर बिठ्ठू, अंडर-18 वर्ग में अभिषेक सोनी, अनिमेष पुरोहित और गोपाल जोशी, अंडर-14 वर्ग में शुभम व्यास, राघव आचार्य और केशव रंगा तथा अंडर-10 वर्ग में ऋषिराज दुग्गड़, रजत व्यास और पार्थ दाधीच को पुरस्कृत किया गया। वहीं बालिका वर्ग में लक्षिता सोलंकी, सौम्या साहू और भूमिका तम्बोली को पुरस्कृत किया गया।
*छह वर्षीय बिस्सा बने सर्वश्रेष्ठ बाल शातिर*
छह वर्षीय पार्थ बिस्सा को सर्वश्रेष्ठ बाल शातिर, राधे उपाध्याय को सर्वश्रेष्ठ उभरता शातिर तथा पैंसठ वर्षीय रामकिसन चौधरी को सर्वश्रेष्ठ वेटरन शातिर का पुरस्कार दिया गया। आर्बिटर के रूप में रामकिशन चौधरी, डी.पी. छीपा तथा एस.एन. करनाणी को सम्मानित किया गया। विशिष्ट सहयोग के लिए नालंदा स्कूल को स्मृति चिह्न प्रदान किया गया।
समारोह में एडवोकेट भैंरूरतन व्यास, अमित व्यास, संस्कृति कर्मी कृष्ण चंद्र पुरोहित, विकास आचार्य, राहुल रंगा, उमेश आचार्य, मोहित व्यास, विनीत व्यास, केशव आचार्य, एन.डी. व्यास सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।