“दिल्ली क्राइम एंड भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा’ के 203 कार्ड अकेले मुजफ्फरनगर में रुपये लेकर बांटे गए. इनसे 3 फर्जी प्रेस कार्ड, 1 बाइक, फर्जी डायरी व प्रेस लोगो बरामद किया गया. 2100 रुपये में गैंग बेचता था फर्जी प्रेस कार्ड. 200 बेरोजगार लोगों को गैंग बना चुका फर्जी पत्रकार. कबाड़ी, मकैनिक, रिक्शा चालक बने हुए थे पत्रकार. 3 और 8वीं कक्षा पास हैं सभी फर्जी पत्रकार.

मुजफ्फरनगर। ओम एक्सप्रेस

सिविल लाइन पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो रुपए लेकर लोगों को प्रेस के फर्जी कार्ड बेचने का धंधा करता है। 2100 रुपये में प्रेस कार्ड देते थे इस गिरोह के लोग। पुलिस ने गिरोह के पांच लोगों को पकड़ा है। गिरोह का सरगना जो दिल्ली में बतौर संपादक एक मैग्जीन निकालता है, उसकी तलाश जारी है।

एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि मुजफ्फरनगर में सलमान (किदवईनगर, शहर कोतवाली) को ‘दिल्ली क्राईम एवं भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा’ के फर्जी प्रेस कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया. यह व्यक्ति कक्षा 3 पास है और कबाड़ी का काम करता है. वह कार्ड का प्रयोग कर अपने आपको प्रेस वाला बताकर लॉकडाउन का उल्लघंन कर रहा था. इसको थाना सिविल लाईन पुलिस ने पकड़ा.

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सतेन्द्र सैनी (गांधी नगर थाना नई मण्डी) व कल्लन (खेडा पट्टी सुजडु थाना नगर कोतवाली मुजफ्फरनगर) ने 2100 रुपए लेकर उसे कार्ड दिया. जिले में अब तक वह 200 से ज़्यादा प्रेस कार्ड रुपए लेकर बांट चुका है. सतेन्द्र सैनी पैरवी में अपने 3 साथियों के साथ आया. इससे पूछताछ की गई तो उसने सलमान के कथन का समर्थन किया. उसने बताया कि उनका सम्पादक दिल्ली में है, जिनका नाम प्रेम नारायण है. वो मोतीनगर दिल्ली में रहता है. वहीं उसका आफिस है.

पुलिस को सारा मामला संदिग्ध लगा और पुलिस ने सभी से प्रेस कार्ड बरामद किए. ये प्रेस कार्ड फर्जी बताए गए. पुलिस ने साक्ष्य के आधार पर उन्हें हिरासत में ले लिया.

एसएसपी ने बताया कि इनका सम्पादक दिल्ली में है और दिल्ली क्राईम नाम से मन्थली पेपर चलाता है, लेकिन सतेन्द्र सैनी द्वारा 2100 रुपये में अवैध तरीके से कम शिक्षित या अशिक्षित लोगों को कार्ड बाँटे गये हैं, इसलिए इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके सम्पादक को भी वांछित किया गया है।