गुरुग्राम, हरियाणा ।(दिनेश शर्मा अधिकारी”)शहीद-स्मारक पर श्रद्धांजलि स्वरूप दूब लगाने का सिलसिला जारी। संयुक्त किसान मोर्चा ने किया ऐलान 10 अप्रैल को 24 घण्टो के लिए केएमपी ब्लॉक किया जाएगा। संसद-मार्च की तैयारियां शुरू।

भाजपा-आरएसएस के सांसद/विधायक और नेताओं को किसानों की दो टूक : या तो आंदोलन का समर्थन या फिर सामाजिक बहिष्कार और जनविरोध का सामना ।

वहीं राजस्थान में किसानों के डर से भाजपा सांसद/विधायक नहीं कर सकें अपने क्षेत्र में बैठक का सामना ।

राजस्थान के हनुमानगढ़ में जिला परिषद की बैठक में सांसद निहालचंद और भाजपा के विधायकों को आना था। इसकी सूचना मिलते ही वहां बड़ी भारी संख्या में किसान जमा हो गए है , किसानों के आंदोलन और विरोध से डरे हुए भाजपा-सांसद बैठक-स्थल पर आये ही नही। यह संदेश उन सभी आधारहीन तर्क करने वाले भाजपा-आरएसएस के नेताओं को जवाब भी है जो प्रचार करते हैं कि किसान आंदोलन बस एक-दो राज्यों में ही है। भाजपा नेता विजय सांपला का भी पंजाब के फगवाड़ा में भारी विरोध और घेराव किया गया।

जब से केंद्र सरकार द्वारा किसान विरोधी तीनों कानून पेश किए गए है, किसान इनके खिलाफ़ लगातार संघर्ष कर रहे है।

किसानों ने इन कानूनों की हिमायत या समर्थन करने वाले सभी नेताओं व दलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किये हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने भाजपा व इसके सहयोगी दलों के नेताओं का सामाजिक बहिष्कार भी किया हुआ है।

किसानों ने भाजपा व उसके सहयोगी दलों के कई नेताओं को राजनैतिक नैतिकता के तकाजे को ध्यान में रखते हुए अपनी स्थिति बदलने और पार्टी छोड़कर किसानों का समर्थन करने को मजबूर किया है। देश के कई हिस्सों में भाजपा व अन्य दलों के नेताओ ने किसान विरोधी कानूनो के खिलाफ चल रहे संघर्ष को समर्थन देते हुए अपना पद छोड़ा है।

संयुक्त किसान मोर्चा एक बार पुनः आगाह करता है कि वे या तो किसानों के संघर्ष का समर्थन करते हुए अपने पद और पार्टी को छोड़े। भाजपा में रहते हुए भी कई नेताओं ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है । ,वहीं कई नेता सरकारी एजेंसियों के डर से किसानों के समर्थन में आने पर सरकारी एजेंसियों को पीछे लगाये जाने से भयभीत है। समय-2 पर यह देखने को मिला है कि किसान आन्दोलन के समर्थकों को सरकार द्वारा नोटिस भेजे गए हैं और सरकारी एजेसियों द्वारा प्रताड़ित किया गया है।

किसानों का यह आंदोलन किसी भी सहमति या असहमति से कहीं अधिक मानव अधिकारों और किसानों के आंदोलन के प्रति सवेंदनशीलता का मुद्दा है। इसे किसी को भी सत्ता मद में चूर होकर अहंकार की लड़ाई बनाने के बजाये इसे एक लोकतांत्रिक जनांदोलन समझते हुए इसका समाधान किया जाए।

किसान सभा को अमराराम,डॉ.संजय”माधव”,रघुवीर वर्मा,तारा सिंह सिद्धू, पवन दुग्गल, रणजीत राजू, ज्ञानी राजवीर सिंह,पेमाराम,मा.रघुवीर सिंह भेरा, दिनेश सिंह आदि ने संबोधित किया।

आमसभा का संचालन डॉ.संजय”माधव” ने किया।

शाहजहांपुर-खेडा बोर्डर पर बनाये गये शहीद-स्मारक पर श्रद्धांजलि स्वरूप दूब लगाने का सिलसिला आज भी जारी रहा।

संयुक्त किसान मोर्चा का 10 अप्रैल को 24 घण्टे के लिए केएमपी ब्लॉक किये जाने के लिए भी तैयारियां जोरशोर से चल रही है।

साथ ही 1मई से 15 मई के बीच होने वाले संसद-मार्च के लिए भी किसानों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

आज बहरोड़ के किसानों ने बस्तीराम प्रधान के नेतृत्व में मोर्चे पर सभी किसानों को आइसक्रीम खिलाकर किसानों का उत्साह बढ़ा ।