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शुरू हुआ टीकाकरण का इन्द्रधनुषी मिशन आईएमआई 2.0

वंचितों को ढूंढ-ढूंढ कर लगाए टीके
4 माह 4 चरणों में चलेगा अभियान

बीकानेर। किसी कारणवश नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए बच्चों व गर्भवतियों के 10 जानलेवा बीमारियों के प्रतिरक्षण के लिए सोमवार को सघन मिशन इन्द्रधनुष टीकाकरण अभियान 2.0 का प्रथम चरण शुरू हुआ। जिले के सभी खण्डों में चिन्हित विशेष रूप से स्थापित कुल बूथों पर बच्चों को टीके लगाए गए। पहले से चिन्हित वंचित बच्चों को आशा सहयोगिनियों व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण कर निकट बूथ पर लाया गया। अभियान के तहत ऐसे क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं जहां टीकाकरण का प्रतिशत बहुत कम है और जिसे नियमित टीकाकरण द्वारा बढ़ाना मुश्किल है जैसे झुग्गी बस्तियां, ईंट भट्टे, सुदूर ढाणियां व एएनएम के रिक्त पद वाले क्षेत्र। अभियान का द्वितीय चरण 6 जनवरी, तृतीय चरण 3 फरवरी तथा चतुर्थ चरण 2 मार्च 2020 को संचालित होगा।

अधिकारियों ने किया निरीक्षण
अभियान की सफलता के लिए विभिन्न राज्य व जिला स्तरीय अधिकारियों तथा समस्त खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने प्रभावी मोनिटरिंग की और आवश्यक निर्देश दिए। उपनिदेशक डॉ संदीप अग्रवाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ अनुरोध तिवारी व अभियान के नोडल अधिकारी आरसीएचओ डॉ रमेश गुप्ता द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के सत्रों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने नियमित टीकाकरण, कोल्ड चैन प्रबंधन व ट्रेनिंग स्तर का जायजा लिया।
सीएमएचओ डॉ बी.एल. मीणा ने नए केन्द्रीय कारागृह के पास भाट बस्ती में चल रहे सत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों की ड्यू लिस्ट व दिए जा रहे टीकों का जायजा लिया। उन्होंने बस्ती के साथ-साथ गंगानगर रोड़ स्थित सभी झुग्गियों में भी टीकाकरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर शहरी कार्यक्रम प्रबंधक नेहा शेखावत, आई.ई.सी. समन्वयक मालकोश आचार्य व पीएचएम गोपीचंद डेरू मौजूद रहे।

जब जागो तब सवेरा
सीएमएचओ डॉ बी.एल. मीणा ने बताया कि विभिन्न बीमारियों के प्रति रोग प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न करने वाले हर टीके की अपनी अलग समय सारणी होती है लेकिन यदि उसके अनुसार वो टीके ना लगें तो भी कुछ टीके बाद में शुरू कर उन्हें प्रतिरक्षित किया जा सकता है। मिशन इन्द्रधनुष बच्चों के प्रति हुई एक बड़ी भूल को सुधारने का अच्छा मौका है। उन्होंने आम जन से अपील की कि वे अपने और अपने जानकारी में ऐसे बच्चों को जरूर मिशन इन्द्रधनुष बूथ पर लेकर आएं क्योकि जब जागो तब सवेरा है।