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श्रीगंगानगर नहर में नहरी पानी सुचारु करने के आदेश

बीकानेर / राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने दिये नहरी पानी की बारी सुचारू करने के आदेश व श्रीगंगा नगर एस ई व एक्स ई एन, सी ए डी को किया तलब
बिना मौका देखे खाला निर्माण कार्य को यथास्थिति बनाए रखने के एस ई के आदेश को चुनौती
राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में रिट याचिका में केसरीसिंहपुर के चक 2 यू में याचिकाकर्ताओ की नहरी पानी की बारी सुचारू करने के आदेश दिए तथा गंगा नगर एस ई व एक्स ई एन, सी ए डी को तलब किया है । याचिकाकर्ता विचित्र सिंह व अन्य के अधिवक्ता निमेष सुथार ने जानकारी देते हुए बताया कि याचिकाकर्ता चक 2 यू में मुरब्बा संख्या 65 के खातेदार है व एक कुतरी खाला मुरब्बे के बीच से निकल रहा था जिससे सरकार व किसानों को पानी व राजस्व की हानि हो रही थी ।

गौरतलब है कि याचिकाकर्ता ने 2016 में उक्त कुतरी खाला को निरस्त कर पत्थर लाइन पर खाला व नक्का स्वीकृत करने बाबत आवेदन किया जिस पर सुनवाई करते हुए वर्ष 2018 में नया खाला स्वीकृत हो गया व निर्माण भी विभाग द्वारा शुरू करवा दिया गया । कुल 825 फ़िट के खाले में से 600 फ़िट का निर्माण भी हो गया । साथ ही विभाग ने निरस्त कुतरी खाला को बंद कर दिया । तभी मुरब्बा संख्या 74 के खातेदार राजवंत सिंह ने सी ए डी, एस ई के यहाँ अपील कर दी जिस पर प्रतिवादी एस ई ने बिना मौका देखे खाला निर्माण कार्य को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश प्रदान कर दिये । न ही मौके पर नहरी पानी के वितरण की स्थिति देखी और न ही निर्माण कार्य जो लगभग पूरा हो चुका था, को देखा । जिससे व्यथित हो याचिकाकर्ताओ ने उच्च न्यायालय जोधपुर के समक्ष याचिका प्रस्तुत की जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति श्री दिनेश मेहता ने प्रतिवादी को छः सप्ताह में जवाब पेश करने का निर्देश देते हुए तलब किया और साथ ही यह निर्देश भी दिए कि प्रार्थीगण की नहरी पानी की बारी सुचारू रूप से लागू किए जाने को सुनिश्चित करे ।
निमेष सुथार