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सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणो के प्रति अधिकारी संवेदशील बने-गौतम

शिकायकर्ता की संतुष्टि महत्वपूर्ण

बीकानेर, 16 दिसम्बर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने अधिकारियों से कहा कि जिले का सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण से शिकायकर्ता संतुष्ट होना चाहिए। अधिकारी स्वयं उनकी शिकायत पर हुई कार्यवाही के बारे में फीडबैक ले ताकि वही शिकायत पोर्टल पर पुनः ना आ सके।
गौतम सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला अधिकारियों कीे बैठक में सम्पर्क पोर्टल, पानी-बिजली, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सम्पर्क पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण में संतोषजन कार्यवाही का प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन फिर भी इस दिशा में और प्रयास की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अधिकारी काॅल सेन्टर के भरोसे शिकायतों के निस्तारण के जबाव पर निर्भर ना रहकर, स्वयं शिकायतकर्ताओं से बातचीत कर, उन्हें कार्य होने बाबत संतुष्ट करे।

जिला कलक्टर ने जिला स्तरीय अधिकारियों को छः माह पुरानी पेंडिंग शिकायतों तथा मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई जनसुनवाई से प्राप्त प्रकरणों को प्राथमिकता पर आवश्यक रूप से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिमाह राज्य सरकार वीसी लेगी, अगर सम्पर्क पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट सही नहीं पाई गई तो ,संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही होना निश्चित है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को राजस्थान लोक सेवा गांरटी अधिनियम, 2011 के तहत समस्त कार्य समय सीमा में करवाने के निर्देश दिए। जन सुनवाई अधिनियम के कार्यों से संबंधित बोर्ड लगाने तथा प्राप्त आवेदनों को संधारित करने के लिए अलग से रजिस्टर खोलने के भी निर्देश दिए।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कांे की मरम्मत कार्य की समीक्षा के दौरान गौतम ने माह दिसम्बर तक सभी सड़कों के पेचवर्क पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम, नगर विकास न्यास और सार्वजनिक निर्माण के अधिकारियों से कहा कि सड़कों के सभी पेचवर्क गुणवतापूर्ण होने चाहिए। उन्होंने तीनों एजेन्सियों से कहा कि माह दिसम्बर तक पेचवर्क का काम पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता से कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की जो रोड कोर्ट स्टे की वजह से रूकी है, उनके संबंध में व्यक्तिगत रूप से रूचि लेकर, कोर्ट स्टे हटवाने की कार्यवाही करे। इस संबंध में उन्होंने संबंधित उपखण्ड अधिकारी से सम्पर्क कर, कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने जिले में मौसमी रोगों के बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी चिकित्सालयों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने मनरेगा में सेनिट्री डिग्गी की सफाई करवाने के भी निर्देश दिए।
गौतम ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के ढीले तारों की समस्या के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिए कि ढीले तारों को कसवाने के लिए अभियान चलाया जाए। इस दौरान विद्युत पोल की दूरी सही रखने और तारों को कसने का ही कार्य किया जाए। उन्होंने फड़बाजार से अतिक्रमण हटाते हुए सड़क पर डिवाइडर बनाने संबंधी निर्देश दिए। यह कार्यवाही फडबाजार के गाडे़वालों की सहमति से हटने की प्रक्रिया के बाद की जाए। अवैध रूप से सड़क किनारे पड़ी निर्माण सामग्री को सीज करने की कार्यवाही के निर्देश भी दिए।

बैठक में मनरेगा, ग्रामीण विकास विभाग की योजना, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न पेंशन योजना, श्रम विभाग की योजना, खाद्य सुरक्षा योजना की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच.गौरी, आयुक्त नगर निगम प्रदीप के.गवांडे सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।