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सरकार किलोमीटर स्कीम को करें रद्द अन्यथा चक्का जाम की जिम्मेदार होगी सरकार-वीरेन्द्र सिंह धनखड़

– हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने आंदोलन को लेकर रूपरेखा की तैयार
– 950 करोड़ रुपए का घोटाले को सरकार ने दबाने का काम किया
– दोषी अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने नहीं की कोई कार्रवाई
– कर्मचारी बोले, सरकार की तानाशाही को नहीं बर्दाश्त
अनूप कुमार सैनी
रोहतक, 2 जनवरी। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने प्रदेश सरकार से कैबिनेट की आज होने वाली बैठक में किलोमीटर स्कीम को रद्द करने की मांग की, अन्यथा सात-आठ जनवरी को होने वाले राज्य स्तरीय चक्का जाम की जिम्मेदार सरकार होगी।
वीरवार को नए बस स्टैंड स्थित यूनियन मुख्यालय में हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की बैठक डिपो प्रधान जोगेन्द्र बल्हारा, सुमेश कुंडू, हिम्मत राणा व कृष्ण हुड्डा की संयुक्त अध्यक्षता में हुई।
रोडवेज कर्मचारियों ने कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। अगर सरकार ने शांतिपूर्वक आंदोलन को दबाने के लिए दमनकारी नीति अपनाई तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा 190 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत चलाने के निर्णय की कर्मचारियों ने कड़े शब्दों में निंदा की।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि गत वर्ष 510 निजी बसों को किलोमीटर स्कीम के तहत लाने का प्रयास किया था, जिसमें विजिलेंस जांच के दौरान करीब 950 करोड़ रुपए का घोटाला उजागर हुआ था लेकिन सरकार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि इस घोटाले को दबाने का काम किया।
उन्होंने कहा कि अब भाजपा सरकार अपने चहेते पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए दोबारा से किलोमीटर स्कीम लागू कर रही है, जिससे रोडवेज कर्मचारी किसी कीमत पर बर्दाशत नहीं करेंगे। कर्मचारी नेताओं ने चेताया कि सरकार ने जिस दिन भी प्रदेश के किसी भी डिपो में किलोमीटर स्कीम के तहत बसें चलाने का प्रयास किया तो उसी दिन से कर्मचारी चक्का जाम कर देंगे।

हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य वीरेन्द्र सिंह धनखड़, दिनेश हुड्डा, कृष्ण सुहाग, दीपक बल्हारा, सतबीर मुंडाल ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व प्रतिपक्ष नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा से भी किलोमीटर स्कीम के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की क्योंकि कई बार दोनों नेता सार्वजनिक मंचों से इस स्कीम का विरोध कर चुके हैं।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार विभाग को घाटे में बता रही है जबकि रोडवेज विभाग में कोई भी घाटा नहीं है, केवल प्रदेश सरकार अपने चहेतों को लाभ देने के लिए परिवहन विभाग का निजीकरण करने पर तुली हुई है।
उन्होंने सरकार से कैबिनेट बैठक में इस स्कीम को तुंरत रद्द करने की मांग की। साथ ही चेताया कि अगर सरकार ने अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो पूरे प्रदेश में 7-8 जनवरी को रोडवेज के पहिए थम जाएंगे, जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
बैठक में रणबीर दहिया, चरण सिंह, स्वीट हुड्डा, राजा निंदाना, यशपाल, मनीष पोलंगी, अमीन, कृष्ण खिड़वाली, जीता चिड़ी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।