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हैदराबाद की घटना के दोषियों को 2 माह के भीतर फांसी की हो सजा

हैदराबाद की डाक्टर के साथ हुए गैंगरेप व जिन्दा जलाने की घटना बेहद झकझोरने वाली व शर्मनाक भी है
हर्षित सैनी
रोहतक, 4 दिसम्बर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व वैदिक वीरागंना संघ ने हैदराबाद की डाक्टर के साथ हुए गैंगरेप व बाद में जिन्दा जलाने की घटना को बेहद झकझोरने वाली तो है ही, साथ ही शर्मनाक भी है। उन्होंने देश भर में घट रही रेप और गैंगरेप की घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर करते हुए इन घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने के साथ साथ हैदराबाद की घटना के दोषियों को 2 माह के भीतर फांसी की सजा की मांग की है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री लखविन्द्र लोहानी व वैदिक वीरागंना संघ की राष्ट्रीय अध्यक्षा प्रोमिला आर्य ने पूरे परिदृश्य पर अभाविप के दृष्टिकोण को व दोषियों को फांसी की सजा दिलवाने के लिए आगामी कार्ययोजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया।

अभाविप रोहतक डॉ. लखविंदर लोहानी ने 5 दिसम्बर से वैदिक संघ के साथ अनिश्चितक़ालीन धरने पर बैठने की घोषणा की है। उन्होंने राज्य के गृह मंत्री अनिल विज से मांग की है कि राज्य में महिलाओं को शारीरिक रूप से आत्म रक्षा में सशक्त बनाने के लिए कोई मिशन चलाया जाए ताकि महिलाएं बहशी दरिन्दों से अपना बचाव कर सकें।
उनका कहना था कि सभी पुरूषों को चाहिए कि वे महिलाओं में पहले अपनी बहन बेटी को देखें। सबसे पहले अपने मौलिक विचारों को ठीक करने की जरूरत है। हमें अपने सामाजिक मूल्यों को समझने की सख्त जरूरत है। साथ में उन्होंने सरकार से दोषियों को जल्द से जल्द फांसी के क़ानून बना कर देश में बहाल करने को कहा।
वैदिक वीरांगना संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोमिला आर्य ने हैदराबाद में हुए अपराध के दोषियों को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्यवाही की मांग की है। उन्होंने देशव्यापी धरनों की शुरूआत रोहतक से करने की बात कही। उन्होंने हरियाणा के गृहमंत्री से धरने के दौरान किसी अनहोनी को रोकने के लिए पुलिस सुरक्षा भी देने की मांग की है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नवयुवकों में लड़कियों के प्रति गलत नजरिया टीवी चैनलों व मोबाइलों के कारण बढ़ रहा है। दिल्ली के निर्भया केस के बाद भी बेटियों के उत्पीड़न का सिलसिला है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा। देश में आए दिन बेटियां दुष्कर्मियों का शिकार बन कर दम तोड़ रही हैं।
उनका कहना था कि ऐसी घटना सामने आने पर लोग मोमबत्ती हाथ में लेकर एक दिन सड़क पर आते हैं फिर सब भूल जाते हैं। दुष्कर्म की घटनाओं का समाधान कैंडल जलाना नहीं है, हमें भी आगे आना होगा। महिला सुरक्षा को लेकर अब सिर्फ बातें नहीं, इस तस्वीर को बदला जरूरी है। सरकार व पुलिस प्रशासन को कड़ा नियम बनाते हुए सख्ती बरतनी होगी। अदालतें ऐसे मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई पर लेकर जल्द फैसला दें। दोषियों को बीच चौराहे पर सजा ए मौत दी जानी चाहिए ताकि दूसरों को सबक मिले।
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फोटो कैप्शन
मैना टूरिस्ट काॅम्पलैक्स में पत्रकारों से बात करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व वैदिक वीरागंना संघ के पदाधिकारी।