बीकानेर, 25 सितम्बर। जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कुमार पाल गौतम ने बुधवार को केंद्रीय कारागृह का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जेल में सुरक्षा के पक्के बंदोबस्त किए जाए, वर्तमान में जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं उन्हें ठीक करवाए जाए साथ ही जेल में लगे जैमर को चालू करवाए जाए। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए जाए साथ ही इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि केंद्रीय कारागृह में जो बंदी आते हैं उन्हें मिलने वाली सुविधाएं भी मानदंडों के अनुसार मिलती रहे, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही व कमी नहीं होनी चाहिए।
गौतम ने कहा कि केंद्रीय कारागृह में बंदियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए इस बात के प्रयास किए जाएंगे कि यहां स्वीकृत सभी पद भरे रहें साथ ही जरूरत के मुताबिक जिन पदों को बढ़ाना है इसके लिए भी मुख्यालय पर बातचीत कर शीघ्र ही अतिरिक्त जाब्ता दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कारागृह तक आने-जाने के लिए बीछवाल हाईवे से कारागृह तक रोड क्षतिग्रस्त है साथ ही यहां रोड लाइट की व्यवस्था भी ठीक नहीं है इसके चलते आमजन व कार्मिकों को परेशानी होती है ऐसे में सड़क को ठीक करने और सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था को जल्द ही ठीक करवाया जाएगा।

जिला मजिस्ट्रेट गौतम ने केंद्रीय कारागृह बीकानेर में बंदियों द्वारा किये जाने वाले कार्यों के लिए स्थापित उद्योग शाला को भी देखा। यहां पावरलूम कपड़ा, दरी सिलाई, फिनाइल बनाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे कि केंद्रीय कारागृह में बने सभी उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले ताकि यहां जो बंदी काम कर रहे हैं उन्हें अच्छा भुगतान कार्य के बदले मिल सके।
भोजन सामग्री की गुणवत्ता भी देखी-
केंद्रीय कारागृह के निरीक्षण के दौरान जिला मजिस्ट्रेट ने यहां बनने वाले भोजन में प्रयुक्त आने वाली सामग्री की गुणवत्ता को भी देखा और वहां साफ सफाई के बारे में भी निर्देश दिए कि जहां भोजन बन रहा है वहां पूर्ण सजगता के साथ साफ सफाई रखी जाए। उन्होंने कहा कि बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण भी समय-समय पर होना चाहिए।

यहां कार्यरत चिकित्सकों के पास संपूर्ण दवाएं और जांच आदि की सुविधा रहे यह भी सुनिश्चित किया जाए साथ ही समय-समय पर अगर किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की जरूरत हो तो उसके लिए केंद्रीय कारागृह के प्रभारी अधिकारी मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी से मिलकर या पत्र लिखकर चिकित्सक की मांग करें ताकि जरूरत के मुताबिक समय-समय पर चिकित्सकों को भेजकर कैदियों के विभिन्न तरह की बीमारियों की जांच आदि की जा सके इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु आईएएस अभिषेक सुराणा तथा अधीक्षक केन्द्रीय कारागृह परमजीत सिंह सिद्धु साथ थे।