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अजमेर दरगाह के दीवान बोले, फैसला कुछ भी हो, देश में अमन चैन रहना जरूरी

अजमेर /अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ आज 10.30 बजे फैसला सुनाएगी। देश भर में फैसले से पहले सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य नेताओं की ओर से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।

फैसले से पहले अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान ने लोगों से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने कहा, फैसला कुछ भी हो, कोई खुशी न मनाए और न ही कोई निराश हो। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाव के लिए पहले से कोशिश की जा रही है कि देश में अमन और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे। इसी कड़ी में अजमेर के प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के दरगाह दीवान ने भी लोगों से अपील की है। दरगाह दीवान जैनुल आबेदीन चिश्ती ने सभी से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करने की अपील की है।

आबेदीन ने कहा कि देश के मुस्लिम व अन्य धर्म के बाशिंदों को अपनी भावनाओं पर संयम रखते हुए सुप्रीम कोर्ट का फैसले का सम्मान करना चाहिए। दरगाह दीवान ने कहा कि फैसला भले ही किसी के भी पक्ष में आए देश में अमन चैन रहना जरूरी है। अजमेर के दरगाह दीवान समय-समय पर अहम मुद्दों पर अपने विचार रखते आए हैं। राम मंदिर मुद्दे के बारे में दीवान आबेदीन ने यह भी कहा कि जिस पक्ष के हक में फैसला आए वह खुशी न मनाए और जिसके खिलाफ फैसला आए वो निराश न हो।