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30 दिन में निस्तारित करें सभी प्रकरण-गौतम जनसुनवाई में पहुंचे 41 परिवादी, जन अभाव अभियोग समिति की बैठक आयोजित

बीकानेर, 10 अक्टूबर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जिला जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति में प्राप्त प्रकरणों का निस्तारण आगामी 30 दिनों में कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि समिति में जो प्रकरण राज्य सरकार के स्तर पर निस्तारित होने हैं उन्हें अगले 15 दिनों राज्य सरकार को भिजवाया जाना सुनिश्चित करें।
गौतम ने गुरूवार को राजीव गांधी सेवा केन्द्र में आयोजित जिला जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति की बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच जिस अधिकारी को दी जाए वह स्वयं जांच करेगा, अपने किसी अधीनस्थ से जांच नहीं करवाएगा। यदि ऐसी कोई जानकारी मिली कि अधिकारी ने अधीनस्थ कार्मिक से प्रकरण की जांच करवाई तो सम्बंधित अधिकारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सतर्कता समिति की बैठक में 34 प्रकरणों पर विचार विमर्श कर आठ प्रकरण ड्राॅप किए गए तथा शेष पर एक सप्ताह से 25 दिन में कार्य करने के निर्देश सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को दिए गए।

जिला जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति में अवैध दूध डेयरियों व पशुपालकों को शहर से बाहर स्थानान्तरित करने के प्रकरण पर आयुक्त नगर निगम, सचिव नगर विकास न्यास, पुलिस अधीक्षक व संयुक्त निदेशक पशुपालन को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देश दिए गए थे। इस पर गोपालन नगर बसाने के प्रस्ताव न्यास द्वारा बनाकर भूमि चिन्हित कर सम्पूर्ण दस्तावेज जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाए गए। जिला कलक्टर गौतम ने कहा कि अगले सात दिनों में तहसीलदार बीकानेर द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण की जांच आदि को कार्य को पूरा कर प्रस्ताव राज्य सरकार प्रेषित कर दिए जाए।

जिला कलक्टर ने परिवहन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले की सभी सरकारी व निजी स्कूल तथा काॅलेजों में बच्चों के परिवहन के दौरान सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर दोनों विभागों के अधिकारी निरीक्षण करेंगे और यदि कहीं लापरवाही दिखाई देती है तो तुरंत कार्यवाही करें। गौतम ने मजदूर हिताधिकारी की मृत्यु के प्रकरण में उचित कार्यवाही नहीं होने पर तत्कालीन बीडीओ के खिलाफ 17 सीसीए नोटिस जारी करने के आदेश दिए। नोखा के मैनसर की सीतादेवी द्वारा सरकारी रिकाॅर्ड दिलाने से ग्राम सेवक द्वारा मना करने के प्रकरण में गौतम ने बीडीओ को सम्बंधित ग्राम सेवक को निलम्बित करने के निर्देश दिए।
कोलायत के गौडू सहकारी समिति के व्यवस्थापक द्वारा फर्जी व गलत ऋण बनाकर राशि हड़प करने के शिकायत के प्रकरण में जिला कलक्टर ने सेंट्रल काॅपरेटिव प्रबंधक को जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह देखें कि आरोपी ने अपने परिवारजनों के अतिरिक्त कितने अन्य लोगों का ऋण स्वीकृत किया गया है। यदि एक भी अन्य व्यक्ति का ऋण स्वीकृत ना मिले तो उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाए।

युवा बने वृद्ध, ली वृद्धावस्था पेंशन
राज्य सरकार की वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए कई लोगों ने अपनी उम्र बढ़ा कर पंेशन प्राप्त की है। ऐसे प्रकरणों की जानकारी पर जिला कलक्टर ने प्रशिक्षु आईएएस अभिषेक सुराणा द्वारा करवाई गई जांच में पाया गया कि कई ऐसे लोग हैं जिनकी भामाशाह कार्ड में उम्र 60 वर्ष से कम है परन्तु वे वृद्धावस्था पेंशन ले रहे हैं। जिला कलक्टर ने कहा कि सभी उपखंड अधिकारी तथा सहायक कोषाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में इस पेंशन योजना के तहत पेंशन ले रहे व्यक्तियों की पात्रता का पुनः सत्यापन करवाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई फर्जी और अपात्र व्यक्ति पेंशन प्राप्त ना कर लें। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस योजना में जो भी पेंशन प्रकरण प्रारम्भ किए जाए उनमें सही सत्यापन के बाद ही पेंशन प्रारम्भ करवाएं।

अतिक्रमण हटाने के आदेश
यूआईटी की काॅलोनी विवेक नगर में अतिक्रमण की शिकायत पर जिला कलक्टर ने नगर विकास न्यास सचिव से कहा कि अतिक्रमण हटवाने की कार्यवाही तुरंत करें। इसी प्रकार तेजरासर में जोड़ पायतान में अतिक्रमण की शिकायत पर गौतम ने तहसीलदार को अतिक्रमण हटवाने तथा छतरगढ़ से सीमाज्ञान का प्रकरण में कार्यवाही के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बीकानेर की संतोष जोशी ने यूआईटी द्वारा भूमि अवाप्ति के बदले मुआवजा देने की मांग की। इसी प्रकार उर्दू अध्यापिका जय कुमारी द्वारा वेतन दिलवाने, तेजरासर के एकानंद जाखड़ द्वारा श्रमिक डायरी नहीं जारी करने, फूलासर बड़ा के सुनिल कुमार बिश्नोई द्वारा बज्जू में सहायक अभियंता कार्यालय बज्जू में एक एलडीसी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की गई। जनसुनवाई के दौरान राजासर निवासी सीतादेवी द्वारा अपने पति भंवरलाल की करंट से मृत्यु होने पर क्लेम राशि दिलवाने सहित 41 परिवादियों के प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिस पर जिला कलक्टर ने सम्बंधित अधिकारी को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।

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अवैध आरा मशीनों की धरपकड़ करें-गौतम
बीकानेर, 10 अक्टूबर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि जिले में जितने भी ईंट-भट्टे तथा जिप्सम खनन क्षेत्र में जो फैक्ट्रियां लगी है, उनसे प्रदूषण न फैले इसके लिए वन विभाग समय-समय पर निरीक्षण करें। गौतम ने कहा कि सभी फैक्ट्रियों के पास इस तरह के संसाधन हो जिनसे कम से कम प्रदूषण फैले। साथ ही लाइसेंसशुदा आरा मशीन के मालिक पेड़ों की अवैध कटाई ना करें इसका भी ध्यान रखा जाए तथा जो लकड़ियां काटकर बेचने के लिए भेजी जाती है उनमें आवश्यक कागजात साथ होने चाहिए ताकि स्पष्ट हो सके वाहन में लदी हुई लकड़ियां काटने योग्य थी और वन विभाग की इजाजत के बाद ही इन्हें काटा गया।
गौतम गुरुवार को अवैध आरा मशीन नियंत्रण हेतु गठित जिला स्तरीय समिति, जिला पर्यावरण समिति तथा राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार की रोकथाम एवं मोरों के संरक्षण हेतु गठित जिला स्तरीय समिति की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण ना बिगड़े इसके लिए वन विभाग सहित संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें। बैठक में बताया गया कि बीकानेर में 39 लाइसेंस शुदा आरा मशीनें हैं जिनमें से 15 आरा मशीनों का लाइसेंस नवीनीकरण कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त किसी तरह की आरा मशीन लकड़ी काटने के काम में नहीं ली जाती है। जिला कलक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर आरा मशीन का उपयोग होता है उस स्थान का भी समय-समय पर निरीक्षण किया जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यहां आई सभी लकड़ियां वैध रूप से काटकर लाई गई है। यदि विभाग को अवैध आरा मशीनें संचालन की जानकारी मिले तो इन मशीनों के जब्ती की कार्यवाही की जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार ना हो इसके लिए संरक्षण समिति नियमित रूप से भ्रमण करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी स्थान विशेष पर मोरों का शिकार किये जाने की सूचना आती है तो वन विभाग, समिति के सदस्यों तथा पुलिस के साथ मिलकर कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि मोर का शिकार करता कोई व्यक्ति पकड़ में आए तो उसे संबंधित थाने में रखा जाए। इसके लिए सक्षम स्तर से आदेश जारी करवाकर सभी थाना अधिकारियों को पाबंद करवाया जाएगा कि थाना अधिकारी वन विभाग तथा जिला स्तरीय कमेटी के सदस्यों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। बैठक में मुखराम धारणिया ने कहा कि समिति को एम्बुलंस प्राप्त हुई है इसमें अगर वाहन चालक वन विभाग की तरफ से उपलब्ध हो जाए तो इस एंबुलेंस के माध्यम से दूर-दराज में बीमार होने वाले जानवर और पक्षियों का इलाज के लिए निर्धारित स्थान तक समय पर लाया जा सकता है। इस पर जिला कलक्टर ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बारे में आवश्यक कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार से दिशा निर्देश लेकर जल्द ही वाहन चालक उपलब्ध करवाया जाए। बैठक में सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे