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55 घंटे बाद भारत पहुंचे अभिनंदन

अटारी। विंटेज कैटेगरी के लडाकू विमान मिग—21 से पाकिस्तान के आधुनिक तकनीक के एफ—16 विमान को मार गिराने वाले भारतीय सेना के जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की आज आखिरकार लम्बे इंतजार के बाद वतन वापसी हो गई है। सुबह 10 बजे होने वाली रिहाई आखिर करीब 12 घंटे के बाद जाकर हुई है, जिसके पीछे पाकिस्तान के मंसूबों के बारे में फिलहाल कुछ कहा नहीं गया है। बहरहाल, भारतीय सेना के इस जांबाज हीरो की आखिरकार 55 घंटे से भी ज्यादा समय तक पाकिस्तान की हिरासत में रहने के बाद भारत लौट आए हैं।

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भारतीय सेना के जांबाज पायलट विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान 55 घंटे से भी ज्यादा समय तक पड़ोसी मुल्क की हिरासत में रहने के बाद शुक्रवार रात करीब 9 बजकर 21 मिनिट पर अपने वतन पहुंचे। हालांकि आखिर तक पाकिस्तान ने उन्हें सौंपने में कागजी कार्रवाई का हवाला देते हुए घंटों की देरी की। अटारी बॉर्डर पर भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और बीएसएफ ने पायलट को रिसीव किया। हालांकि आखिरी समय में भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।

भारत के बीटिंग रीट्रीट समारोह कैंसल करने के बाद भी उसने दुनिया को दिखाने के लिए यह प्रोग्राम किया और इसके खत्म होने के बाद भी कागजी कार्रवाई के नाम पर घंटों की देरी की। आपको बता दें कि पहले दोपहर 2 बजे का टाइम तय किया गया था, लेकिन पाकिस्तान ने समय दो बार बदला और प्रक्रिया को लंबा खींचता गया। सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की मामले पर बराबर नजर रही।

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जिनेवा संधि के तहत हुई अभिनंदन की रिहाई

अंतरराष्ट्रीय दबाव बढऩे के बाद पाकिस्तान ने शांति पहल की दुहाई देकर अभिनंदन को छोडऩे की बात कही थी, लेकिन भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान का प्रॉपेगैंडा उजागर करते हुए कहा कि जिनेवा समझौते के तहत पाकिस्तान अभिनंदन को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। उसके पास हर हाल में भारतीय पायलट को रिहा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। ऐसे में पाकिस्तान के कब्जे से रिहा किए जाने के बाद अभिनंदन को वाघा बॉर्डर लाया गया, जहां से वे अटारी बॉर्डर होते हुए भारत में दाखिल हुए और बीएसएफ के अधिकारियों ने उन्हें रिसीव कर एयरफोर्स को सौंपा।

पीएम मोदी की बड़ी कूटनीतिक विजय

तीन दिनों तक पाकिस्तान में रहने के बाद आज भारतीय सेना के जांबाज पायलट अभिनंदन की भरत वापसी हुई है, जिसे लेकर इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बड़ी कूटनीतिक विजय माना जा रहा है। अभिनंदन की वापसी को लेकर आज पूरी दुनिया में पीएम मोदी की कूटनीति का लोहा माना जा रहा है, क्योंकि इतने कम समय में अभिनंदन की वापसी एक रिकॉर्ड है। बता दें कि इससे पूर्व नचिकेता को भी वापसी में 8 दिन लग गये थे।