Abhay Choutala
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भाजपा भ्रम छोड दे 75 प्लस की तो बात दूर, 15 का आंकडा पार नहीं कर पाएगी भाजपा : अभय चौटाला

OmExpress News / अनूप कुमार सैनी / रोहतक / इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में ऐसे हालात पैदा कर देगे कि हर पार्टी इनेलो के साथ समझौता करना चाहेगी। साथ ही उन्होंने भाजपा के 75 प्लस के लक्ष्य पर भी निशाना साधा और कहा कि भाजपा इस भ्रम को छोड़ दे। Abhay Choutala

उनका कहना था कि 75 प्लस की बात तो दूर भाजपा 15 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। कांग्रेस पार्टी खत्म हो चुकी है। पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर भी यह तय नहीं हो पा रहा है कि आखिर कांग्रेस को कौन चलाएगा। प्रदेश में भी कांग्रेस का अस्तित्व मिट चुका है। जजपा व आम आदमी के गठबंधन पर भी इनेलो नेता ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह गठबंधन स्वार्थ का था और उन्हें पहले ही पता था कि यह विधानसभा चुनाव तक यह गठबंधन नहीं पाएगा। Abhay Choutala

बुधवार को इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला रोहतक पहुंचे और छोटूराम धर्मशाला में आयोजित कार्यकर्त्ताओं की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इनेलो 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी। जो कार्यकर्त्ता तय करेंगे, वहीं उम्मीदवार होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्त्ता ही पार्टी की रीढ़ की हड्डी होते हैं। चौटाला ने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ कर गए हैं, वह बाद में पछताएंगे। इनेलो का सच्चा कार्यकर्त्ता आज भी चट्टान की तरह मजबूत है। Abhay Choutala

उन्होंने कार्यकर्त्ताओं को चुनाव की तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया। साथ ही सरकार की जनविरोधी नीतियों को लोगों को अवगत कराने को कहा। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि एसवाईएल को लेकर इनेलो ने लड़ाई लड़ी है और इसी की बदौलत आज सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में हस्तक्षेप कर पंजाब व हरियाणा को बैठकर बातचीत करने की सलाह दी।

अभय चौटाला ने कहा कि प्रदेश में आज पानी की भारी किल्लत है और कई क्षेत्र डार्क जोन में पहुंच चुके है। एसवाईएल को लेकर इनेलो का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झूठ बोलकर भाजपा में सता में आई, लेकिन एक भी वायदा पूरा नहीं किया। आज हर वर्ग सरकार की जनविरोधी नीतियों से परेशान होकर सडक़ों पर आंदोलन करने को मजबूर है।  Abhay Choutala

इनेलो के प्रधान महासचिव ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में लगातार अपराध बढ़ रहा है और मुख्यमंत्री को यह रूटीन लगता है जबकि वास्तव में मुख्यमंत्री को प्रदेश के लोगों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। भाजपा सरकार हर मुद्दे पर फेल साबित हुई है।

विधानसभा चुनाव में किसी दल के साथ इनेलो के गठबंधन को लेकर अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हमने किसी की तरफ गठबंधन का हाथ नहीं बढाया बल्कि ऐसे हालात पैदा किए कि दूसरे दलों को इनेलो के साथ समझौता करना पड़ा।

इस अवसर पर इनेलो प्रदेशाध्यक्ष बीडी डालिया ने कहा कि भाजपा सरकार न केवल किसान विरोधी है, बल्कि मजदूर, व्यापारी, छात्र, कर्मचारी विरोधी भी है। सरकार रोजाना ऐसे सर्कुलर जारी कर रही है, जोकि जनता के हित में नहीं है। उन्होंने कार्यकर्त्ताओं से आह्वान किया कि वे चुनाव की तैयारियों में जुट जाए और लोगों को सरकार की जनविरोधी नीतियों बारे अवगत कराएं।

इस अवसर पर युवा प्रदेशाध्यक्ष जस्सी पेटवाड, पूर्व सांसद कैप्टन इन्द्र सिंह, पूर्व विधायक बलवंत सिंह मायना, कृष्ण कौशिक, नफे सिंह लाहली, कुलदीप अहलावत, ताजबीर शिमली, नरेन्द्र राठी, शीला खरैटी, सुशीला राणा, सरोज चौधरी, कुंती, खजान सिंह, जेपी भाली, सुरेन्द्र कादियान, महावीर अहलावत, नरेन्द्र हुड्डा, सुनीता हुड्डा, राजेश कटवाडा, बिजल सुडाना, धर्मबीर फौजी, सुरेन्द्र भोला, रामफूल, सतबीर सहरावत, प्यारा-प्यारी डोभ, सूरज देहराज, पवन राठी, करतार काहनी, यादराम सरपंच, कर्मवीर बलियाणा, देवेन्द्र रिठाल, राजबीर वाल्मीकि, मुकेश वाल्मीकि, पवन भालौठ, संदीप फरमाणा, बलराज पिलाना, सतीश जाटयान, गुगन सिंह एडवोकेट, विनोद अहलावत, रजनेश मलिक, मनीष कौशिक प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

आंगनवाड़ी वर्कर्स हैल्पर्स ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगा बकाया मानदेय और केन्द्रों का किराया

हर्षित सैनी / सीटू एवं सर्व कर्मचारी संघ से सम्बंधित आगनवाङी वर्कर्स एङ हैल्पर यूनियन की बैठक मानसरोवर पार्क में हुई, जिसकी अध्यक्षता मीना ने की। बैठक को सम्बोधित करते हुए सीटू जिला सचिव प्रकाशचंद्र एवं जिला सह सचिव कामरेड विनोद ने संयुक्त रूप से बताया कि राज्य में आंगनवाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स ने अपनी लंबित मांगों के लिए 2018 व 2019 में राज्य भर में आन्दोलन किया था। इस बारे आपने स्वयं यूनियन प्रतिनिधियों से बातचीत कर मांगों बारे सहमति जताई थी।

उन्होंने बताया कि इस बारे विधानसभा के सत्र तक में कुछ घोषणाएं की गई। आंगनवाड़ी वर्कर्स एण्ड हैल्पर को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। वेतन 18000 रुपए लागू करवाने गाव के 1500 रुपए शहरों के 4000 रुपए बङे शहरो के 6000 रुपए किराया राशी लागू किया जाए। अभी अप्रेल माह से वेतन नहीं दिया। बकाया वर्दी भत्ता जारी किया जाए। लेबर राशि, एङिशन चार्ज राशि, 2016 के बाद का केन्द्रों का किराया देने, बैस्ट वर्कर बेस्ट मदर की बकाया राशि, यात्रा भत्ता जारी किया जाए।

सीटू नेताओं ने मांग की है कि आंगनवाड़ी कर्मियों से बीे एल औ के नाम से बेगारी बंद की जाए। इनको विभाग के अधिकारी गंभीरता से लेकर स्थानीय मुद्दों का हल एक सप्ताह के भीतर करे अन्यथा यूनियन को मजबूर होकर संबंधित अधिकारी के कार्यलय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन सहित आन्दोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

बैठक के बाद आंगनवाड़ी कर्मी प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंची और एसडीएम राकेश कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। बैठक में पूजा, प्रेमी, विनोद रानी, स्नेहलता, अनीता, रोशनी, डिम्पल, बीना, सुनीता, दयावंती, राजबाला, कांता, उर्मिला, ममता, निर्मला, जसवंत प्रमुख तौर पर मौजूद रही।

आगनवाङी वर्कर्स एङ हैल्पर यूनियन की प्रमुख मांगों में

वर्कर्स को कुशल व अर्ध कुशल श्रमिक की श्रेणी में शामिल किया जाए। ई.एस.आई व पीएफ सहित महंगाई भता दिया जाए व इसे फरवरी 2018 से लागू किया जाए। हैलपर्स का भी पदनाम बदलकर अकुशल श्रमिक की श्रेणी में शमिल किया जाए व अतिरिक्त मानदेय दिया जाए।

इसके अलावा सितंबर 2018 प्रधानमंत्री द्वारा घोषित वर्कर्स की 1500 व हैल्पर्स की 750 रूपये की बढ़ौतरी को तुंरत लागू किया जाए। अक्तुबर 2018 से इसके ऐरियर का तुरंत भूगतान हो। वर्कर्स व हैल्पर्स को भी सर्दियों व गर्मीयों का असल में अवकाश प्रदान किया जाए। गर्मी व सर्दियों में आंगनबाड़ी केन्द्रों के समय को भी कम किया जाए। हैल्पर से वर्कर व वर्कर से सुपरवाईजर की पदोन्नति केवल सीनियरटी के आधार पर हो व तमाम तरह की शर्तें हटाई जाए।

ज्ञापन में शामिल अन्य मांगों में आंगनवाड़ी केन्द्रों का किराया बड़े शहरों, छोटे शहरों व गावों में क्रमशः 5000, 3000, 750 रुपए के अनुरूप तुरंत भूगतान हो।बच्चों का आंगनवाड़ी में पंहुचना सुनिश्चित करवाने प्री स्कूल शिक्षा के लिए 3-5 साल के बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केन्द्र पर आना सुनिश्चित हो। मदर ग्रुप वर्कर्स को 6 दिन काम मिले व मेहनताना कम से कम 3 रूपये जरूर हो।

साथ ही मृत्यु होने की स्थिति में वर्कर्स व हैल्पर्स के परिवारजनों को 3 लाख रूपये एक्सग्रेशिया दिया जाए।10 आगंनवाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स को रिटायरमैंट लाभ दिया जाए। बंद क्रेच केन्द्रों को तुरंत खोला जाए व क्रेच वर्कर्स व हैलपर्स को आंगनवाड़ीकर्मियों की तर्ज पर मानदेय/वेतन दिया जाए।

45वें श्रम सम्मेलन के अनुसार कर्मचारी का दर्जा दिया जाए न्यूनतम वेतन वर्कर का 24000 व हैल्पर को 18000 हो व पैंशन सहित तमाम सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान किए जाएं व योजना के लिए प्रयाप्त बजट आवंटित हो व किसी भी रूप में इसके निजीकरण पर रोक लगाना भी प्रमुख मांग है।