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समाज में राजनीति रूपी जूतियां ले जाना वर्जित : मधु आचार्य

30oct-2017-om-madhu acharya
कोलकाता। विप्र फाउंडेशन जोन 7 की ओर से रविवार को साहित्य अकादमी के सर्वोच्च राजस्थानी पुरस्कार से समादृत मधु आचार्य का बंगाल चेम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के सभागार में नागरिक अभिनंदन किया गया। कोलकाता में आयोजित ‘लेखक से मिलियेÓ कार्यक्रम के लिए पहुंचे आचार्य के सम्मान में बड़ी संख्या में प्रवासी राजस्थानियों ने शिरकत की। इस मौके पर आचार्य की सात कृतियों पहला पर आखिरी पत्र, एक लम्हा जिंदगी, बारूद पर खड़े शहर का सच, उम्र से आगे, धरती है अनमोल, कठघरे में बड़े, मुन्नी का बाल मन कृतियों का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया।
प्रधान वक्ता साहित्यकार डॉ.प्रेमशंकर त्रिपाठी ने कहा कि सृजन करने वाला मौसम का मोहताज नहीं होता। वह मन से संचालित होता है और समाज को अपने सृजन से दिशा देता है।

प्रधान अतिथि बीकानेर से पधारे वरिष्ठ समाजसेवी रामकिसन आचार्य ने कहा कि समाज में एकता की भावना वास्तविक होनी चाहिए और सामूहिक प्रयासों को बल मिलना चाहिए। उन्होंने नेतृत्व में विश्वास करने की जरूरत जताई।
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनवारी लाल सोती ने कहा कि सामाजिक एकता से ही राष्ट्रीय एकता संभव है। बीकानेर माहेश्वरी भवन के ट्रस्टी बुलाकीदास भैया ने कहा कि साहित्य से समाज का हित होता है। समाजसेवी रामेश्वर लाल भट्टड़ ने कहा साहित्य और समाज के बीच दूरी नहीं होनी चाहिए। विप्र फाउंडेशन जोन 7 के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा समाज की ओर से शाल,अंगवस्त्र,स्मृति चिन्ह प्रदान कर तिलक द्वारा मधु आचार्य का अभिनंदन कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गयी। अपने सम्मान के प्रत्युत्तर में मधु आचार्य ‘आशावादीÓ ने कहा कि समाज एक मंदिर है जहां राजनीति रूपी जूतियां पहनकर जाना वर्जित है। राजनीति से समाज की सेवा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा लोग साहित्यकारों का सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी बात नहीं मानते। जरूरत है साहित्यकारों का लिखा हुआ पढ़ा जाए। कार्यक्रम के आरंभ में गणेश वंदना एवम स्वागत गीत की प्रस्तुति राजस्थान ब्राह्मण संघ के मुखपत्र आर्ष भारती द्वारा प्रवर्तित पंडित भारत व्यास कला सम्मान से सम्मानित रमेश शर्मा द्वारा दी गयी।

स्वागत व्यक्तत्व देते हुए विप्र फाउंडेशन के समन्वयक सुशील ओझा ने कहा कि यह सम्मान कोलकाता के प्रवासी मारवाडिय़ों द्वारा है। हमें गर्व है कि हमारे बीच से निकले को एक कलमकार मधु आचार्य को राष्ट्रीयस्तर पर मान-सम्मान मिल रहा है। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव भरतराम तिवारी ने विप्र फाउंडेशन की उत्पत्ति से चल रही अनवरत सेवा यात्रा की संक्षिप्त परिचय दिया। मधु आचार्य के साथ बीकानेर से पधारे रामकिशन आचाय रंगकर्मी,पत्रकार,शिक्षाविदों का भी विप्र फाउंडेशन जोन 7 द्वारा संम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजकुमार शर्मा, आनंद जोशी, कथाकार-कवि राजेन्द्र जोशी, हरीश बी. शर्मा,दिलीप सिखवाल आदि ने भी विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन राजस्थान ब्राह्मण संघ के सचिव राजकुमार व्यास ने किया।