देवस्थान विभाग की ओर से लालेश्वर महादेव मंदिर में रूद्राभिषेक का आयोजन

देवस्थान विभाग की ओर से लालेश्वर महादेव मंदिर में रूद्राभिषेक का आयोजन

विधायक डॉ. जोशी, महापौर एवं जिला कलक्टर सहित अनेक गणमान्य लोग रहे मौजूद

बीकानेर ।  देव स्थान विभाग की ओर से सावन के पहले सोमवार को शिवबाड़ी के लालेश्वर महादेव मंदिर में मंदिर के अधिष्ठाता संवित् सोमगिरि महाराज के सान्निध्य तथा पंडित गायत्री प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में संस्कृत अकादमी के वेदपाठी विद्यार्थियों ने रूद्राभिषेक किया।

करीब चार घंटे चले रुद्राभिषेक में बीकानेर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र विधायक डॉ.गोपाल कृष्ण जोशी, जिला कलक्टर अनिल गुप्ता, इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय नई दिल्ली के प्रोफेसर अमर पाल सिंह, धार्मिक चैनल ‘सारथी के आर.पी.सिंह सहित गणमान्य लोग शामिल हुए। महापौर नारायण चौपड़ा व सार्वजनिक प्रन्यास मंडल के सदस्य हीरा लाल हर्ष  ने भी शिवालय में दर्शन किए।

आचार्य शास्त्री पंडित गायत्री प्रसाद शर्मा, पंडित यज्ञ प्रसाद शर्मा, विशाल शर्मा, हरीश पुरोहित, पंडित वेद प्रकाश शर्मा व जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पूर्व अधीक्षण अभियंता बी.जी. व्यास सहित अनेक श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक में हिस्सा लिया। अभिषेक के बाद पूजा-अर्चना व आरती की गई। देवस्थान विभाग की ओर से निरीक्षक श्वेता चौधरी, प्रबंधक राजेश दाधीच व सत्य नारायण माथुर ने विधायक डॉ.जोशी व जिला कलक्टर का स्वागत किया। विधायक डॉ.जोशी ने इस अवसर पर मानव प्रबोधन प्रन्यास के लिए 51 हजार रुपए की राशि भेंट की तथा स्वामीजी से आशीर्वाद प्राप्त किया।

137 वर्ष पुराना है श्री लालेश्वर महादेव मंदिर

संवित् सोमगिरि महाराज ने अतिथियों को बताया कि 137 वर्ष पुराने श्री लालेश्वर महादेव मंदिर में सावन के सोमवार व दशमी को मेला भरता है। दशमी के मेले के दौरान शिवालय में विशेष श्रृंगार किया जाता है। मंदिर का निर्माण बीकानेर के तात्कालीन महाराजा श्रीडूंगरसिंह ने करवाया था। पूर्वाभिमुख मंदिर के चारों ओर दुर्गवत ऊंची दीवारों वाला परकोटा है, जिसके चारों कोनों पर बुर्ज और पूर्व में विशाल एवं सिंहद्वार निर्मित है। लाल पत्थर, संगमरमर एवं चूने से निर्मित मंदिर के मुख्य गर्भगृह में एक ऊंची काले-कसौटी पत्थर से निर्मित वृत्ताकार जलहरी के मध्य लालेश्वर नाम्नी पंचमुखी शिवलिंग विराजमान है।

महागौरी, गणेश व कार्तिकेय के कलापूर्ण विग्रह के साथ गर्भ-गृह के सम्मुख विशाल धातु-निर्मित नंदीश्वर है। मंदिर के चारों कोनों-पूर्व में सद्योजात, उत्तर में वामदेव, पश्चिम में तत्पुरुष, दक्षिण में अघोर तथा गर्भगृह के ऊपर ईशान नाम के पांच शिवालय स्थित हैं। उन्होंने श्रीडूंगरेश्वर महादेव, बावड़ी, लक्ष्मी नारायण मंदिर तथा मानव प्रबोधन प्रन्यास की ओर से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली गीता प्रतियोगिता, संवित् शूटिंग संस्थान के बारे में भी जानकारी दी।

रतनगढ़ में अभिषेक 17 को-देवस्थान विभाग की निरीक्षक श्वेता चौधरी ने बताया कि विभाग की ओर से सावन के दूसरे सोमवार को रतनगढ़ के प्राचीन महादेव मंदिर में रुद्राभिषेक व पूजन किया जाएगा।