एसबीबीजे के भारतीय स्टेट बैंक में विलय को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा : वाई.के. शर्मा
Bikaner Slider

एसबीबीजे के भारतीय स्टेट बैंक में विलय को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा : वाई.के. शर्मा

एसबीबीजे के भारतीय स्टेट बैंक में विलय को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा : वाई.के. शर्मा

बीकानेर। ऑल राजस्थान एसबीबीजे एम्प. एसोसिएशन, बीकानेर यूनिट की सामान्य सभा का आयोजन राजपूत सभा भवन में किया गया। जिसमें एसबीबीजे के विलय के विरोध की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। सभा की अध्यक्षता बीकानेर इकाई के अध्यक्ष कॉ. वाई.के. शर्मा ने की ।

केन्द्र सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक के पांच सहयोगी बैंको -एसबीबीजे, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर तथा स्टेट बैंक ऑफ ट्रावनकोर का भारतीय स्टेट बैंक में विलय का प्रस्ताव पारित करवा दिया था। विलय की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। सहयोगी बैंको के प्रस्तावित विलय के विरोध में पांचो सहयोगी बैंको के कर्मचारी स्टेट सेक्टर बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन (एस.एस.बी.ई.ए.) के आह्वान पर पूरे भारत में आंदोलन की राह पर है तथा पूरे भारत में बैंक कर्मचारियों द्वारा विभिन्न राजनीतिक दलों से सम्पर्क करके विलय को टालने हेतु प्रयास किये जा रहे है।

सभा को संबोधित करते हुए सचिव विनय शर्मा ने कहा कि इस प्रस्तावित विलय का विरोध करना हमारा संगठनात्मक दायित्व है। आज हमारे बैंक एवं कर्मचारियों की सेवा शर्तो के अस्तित्व का सवाल है। विलय के बाद एसबीबीजे के कर्मचारियों के साथ दूसरे दर्जे के कर्मचारी जैसा व्यवहार किया जायेगा एवं भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारियों के समान सुविधाऐं भी प्रदान नहीं की जायेगी। उन्होने कहा स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के विलय का विरोध पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह, स्टेट बैंक ऑफ ट्रावन कोर का विरोध वहां के मुख्यमंत्री विजयन तथा स्टेट बैंक ऑफ मैसूर के विलय का विरोध नेता प्रतिपक्ष खडगे सहित विभिन्न राजनीतिज्ञ कर रहे है जिसका स्वागत है। राजस्थान में भी एसबीबीजे के विलय बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। अतः इस प्रस्तावित विलय का पुरजोर विरोध किया जाना चाहिए।

सभा को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष कॉ. वाई.के.शर्मा ने कहा कि राजस्थान की धरा और इतिहास व पृष्ठ भूमि से जुड़ा स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर आने वाले दिनों में इतिहास बनकर रह जायेगा। इस बैंक से राजस्थान की जनता का हार्दिक लगाव एवं भावनात्मक जुड़ाव है। अच्छे व्यवसाय व लाभप्रदता के बावजूद एसबीबीजे की समस्त सम्पतियां एवं दायित्व भारतीय स्टेट बैंक को अधिग्रहण करने का प्रस्ताव चन्द मिनटों में पारित कर दिया गया। जिसे कर्मचारी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे तथा इसके लिए अंतिम समय तक संघर्ष किया जायेगा। उन्होने एकजूट होकर संगठन के प्रति समर्पण एवं एकता का भाव दिखाते हुए विलय का विरोध का संकल्प दिलाया।

विलय के विरोध स्वरूप बीकानेर यूनिट ने एसबीबीजे बचाओं आंदोलन आयेाजित करने का निश्चय किया तथा सभी राजनीतिक दलों के जन प्रतिनिधियों, ट्रेड यूनियनों, व्यापार उद्योग संघो, बार एसोसिएशन सहित सभी सामाजिक, राजनैतिक संगठनों को ज्ञापन देकर उनसे सहयोग लेने का निर्णय लिया गया। सभा को कॉ. एस.के. बिस्सा, सैयद मुश्ताक, सीताराम कच्छावा, आर.के.शर्मा, शंकरलाल खत्री, आनन्द शुक्ला आदि ने भी सम्बोधित किया।

8 राज्य व 50 जिलों की मोटर साइकिल पर यात्रा में निकले राजू डी.मुनिय्यपन का किया स्वागत 

अनेक साहसिक कार्यों के माध्यम से देश के नागरिकों का ध्यान पर्यावरण चेतना, स्वच्छ भारत, पानी बचाने व बेटी बचाने का संदेश देने के लिए 8 राज्य व 50 जिलों की मोटर साइकिल पर यात्रा में निकले तमिलनाडू मूल के गुजरात प्रवासी राजू डी.मुनिय्यपन का शनिवार को विभिन्न सामाजिक,स्वयं सेवी संगठनों ने स्वागत किया। उन्होंने जवाहर पार्क, पब्लिक पार्क, वरिष्ठजन भ्रमण पथ सहित अनेक स्थानों पर लोगों से संपर्क कर पर्यावरण चेतना व क्लीन भारत व ग्रीन भारत का संदेश दिया।

विश्व पर्यावरण दिवस के पूर्व दिन राजू.डी.मुनिय्यपन ने अपने पूर्व की साहसिक गतिविधियों यथा 13105 किलोमीटर उल्टी पैदल यात्रा, 15 हजार किलोमीटर साइकिल तथा 19 हजार किलोमीटर मोटरसाइकिल यात्रा, 3975 किलोमीटर लगातार दौड़ने आदि के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि गुजरात, दिल्ली सहित अनेक स्थानों पर छोटे बड़े पार्क विकसित करने का कार्य कर रहे है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने 9 मई 2016 को गुजरात के आनंद जिले के रालेज गांव से 6000 किलोमीटर मोटर साइकिल यात्रा शुरू की। वे ऊंची चोटी करदूम्बला टॉप (18380 फीट कश्मीर), जम्मू, श्रीनगर, दिल्ली, चंडीगढ़, मनाली, मंडी, करगिल, लेह, चर्चू, अमृतसर, भटिण्डा, श्रीगंगानगर होते हुए बीकानेर पहुंचे है। वे बीकानेर से नागौर, जोधपुर, सिरोही, अहमदाबाद होते हुए आनंद में पहुंचकर यात्रा को पूर्ण करेंगे। उन्होंने यात्रा के दौरान अनेक स्थानों पर पौध रोपण किया तथा पर्यावरण चेतना का संदेश दिया। अनेक स्थानों पर गरीब बच्चों को कुपोषण से मुक्त करवाने के लिए गुजरात में स्थापित पार्क के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनको कई इनाम मिल चुके है।
छह हजार किलोमीटर की यात्रा के दौरान बीकानेर पहुंचने पर महापौर नरायण चौपड़ा से मुलाकात की। महापौर ने गंगाशहर से उनको नागौर, जोधपुर के लिए रुद्राक्ष की माला पहना कर रवाना किया। महापौर ने इस अवसर पर कहा कि आम लोगों की चेतना व जागृति से ही स्वच्छ, हराभरे भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने साहसिक यात्रा करने वाले राजू डी.मुनिय्यपन के साहस की तारीफ की। इस अवसर पर पार्षद श्रवण गोदारा, हेतराम सियाग व नागरिक मौजूद थे।