President Kovind Independence Day
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370 हटने से बदलेगी जम्मू कश्मीर के लोगों की जिंदगी : राष्ट्रपति

OmExpress News / नई दिल्ली / 73वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। देश के नाम संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, हाल ही में जम्मू कश्मीर और लद्दाख में कुछ बदलाव हुए हैं। मुझे विश्वास है कि इनसे राज्य के लोगों की जिंदगी में बदलाव आएगा। हाल ही में जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के फैसले पर राष्ट्रपति ने ये कहा है। President Kovind Independence Day

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा, आज हमारा लक्ष्य है कि विकास की गति तेज हो, शासन व्यवस्था कुशल और पारदर्शी हो ताकि लोगों का जीवन बेहतर हो। लोगों के जनादेश में उनकी आकांक्षाएं साफ दिखाई देती हैं। इन आकांक्षाओं को पूरा करने में सरकार अपनी भूमिका निभाती है। मेरा मानना है कि 130 करोड़ भारतवासी अपने कौशल, प्रतिभा, उद्यम तथा इनोवेशन के जरिए, बहुत बड़े पैमाने पर, विकास के और अधिक अवसर पैदा कर सकते हैं। President Kovind Independence Day

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इंफ्रास्ट्रक्चर का सदुपयोग करना और उसकी रक्षा करना, हम सभी का कर्तव्य

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, सरकार, लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं को पूरा करने में उनकी सहायता के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं और सामर्थ्य उन्हें उपलब्ध करा रही है। ऐसे अनुकूल वातावरण में, हमारे देशवासी जो उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं, वे हमारी कल्पना से भी परे हैं। सरकार के प्रयासों का पूरा लाभ उठाने के लिए हम सभी नागरिकों को जागरूक और सक्रिय रहना होगा।

हर घर में शौचालय और पानी उपलब्ध कराने का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब इन सुविधाओं से, हमारी बहन-बेटियों का सशक्तीकरण हो और उनकी गरिमा बढ़े। समाज और राष्ट्र के विकास के लिए बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर का सदुपयोग करना और उसकी रक्षा करना, हम सभी का कर्तव्य है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर हर भारतवासी का है, हम सब का है क्योंकि यह राष्ट्रीय संपत्ति है। जब हम अपने देश की समावेशी संस्कृति की बात करते हैं तब हम सबको यह भी देखना है कि हमारा आपसी व्यवहार कैसा हो।

राष्ट्रपति ने कहा, सभी व्यक्तियों के साथ हमें वैसा ही सम्मान-जनक व्यवहार करना चाहिए जैसा हम उनसे अपने लिए चाहते हैं। भारत का समाज तो हमेशा से सहज और सरल रहा है, तथा ‘जियो और जीने दो’ के सिद्धांत पर चलता रहा है। हम भाषा, पंथ और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर एक दूसरे का सम्मान करते रहे हैं। President Kovind Independence Day

हजारों वर्षों के इतिहास में, भारतीय समाज ने शायद ही कभी दुर्भावना या पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर काम किया हो दूसरे देशों के साथ हमारे सम्बन्धों में भी हम सहयोग की इसी भावना का परिचय देते हैं। हमारे पास जो भी विशेष अनुभव और योग्यताएं हैं उन्हें सहयोगी देशों के साथ साझा करने में हमें खुशी होती है।

युवाओं से मुखातिब होते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, भारत युवाओं का देश है। हमारे युवाओं की ऊर्जा खेल से लेकर विज्ञान तक और ज्ञान की खोज से लेकर सॉफ्ट स्किल तक कई क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा बिखेर रही है। मुझे विश्वास है कि समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए भारत, अपनी संवेदनशीलता बनाए रखेगा। भारत, अपने आदर्शों पर अटल रहेगा।भारत, अपने जीवन मूल्यों को सँजोकर रखेगा और साहस की परंपरा को आगे बढ़ाएगा।

Avinash Joshi

सभी से भाईचारा बनाये रखने की अपील

सभी से भाईचारा रखने की अपील करते हुए राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा, हमारी संस्कृति की यह विशेषता है कि हम सब प्रकृति के लिए और सभी जीवों के लिए प्रेम और करुणा का भाव रखते हैं। पूरी दुनिया के जंगली बाघों की तीन-चौथाई आबादी को हमने सुरक्षित बसेरा दिया है।President Kovind Independence Day

हमारे स्वतन्त्रता आंदोलन को स्वर देने वाले महान कवि सुब्रह्मण्य भारती ने सौ वर्ष से भी पहले भावी भारत की जो कल्पना की थी वह हमारे प्रयासों में साकार होती दिखाई देती है। मेरी कामना है कि हमारी समावेशी संस्कृति, हमारे आदर्श, हमारी करुणा, हमारी जिज्ञासा और हमारा भाई-चारा सदैव बना रहे। और हम सभी, इन जीवन-मूल्यों की छाया में आगे बढ़ते रहें।