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संसद का उपयोग हंगामे के लिए नहीं बल्कि स्वस्थ्य वाद-विवाद, विचार-विमर्श और असहमति जताने हो : मुखर्जी

संसद का उपयोग हंगामे के लिए नहीं बल्कि स्वस्थ्य वाद-विवाद, विचार-विमर्श और असहमति जताने हो : मुखर्जी
नई दिल्ली । राष्ट्रपति के तौर पर आज देश को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आखिरी बार संबोधित किया । आज प्रणब के टेन्योर का आखिरी दिन है । रामनाथ कोविंद मंगलवार को देश के 14वें राष्ट्रपति की शपथ लेंगे ।
इसके पहले नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के सम्मान में हैदराबाद हाउस में डिनर दिया, बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में कोविंद को 7,02,044 वोट मिले । उन्होंने विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को हराया । मंगलवार को कोविंद और प्रणब एक साथ राष्ट्रपति की शाही बग्घी में शपथ ग्रहण के लिए संसद पहुंचेंगे । सेंट्रल हॉल में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर कोविंद को राष्ट्रपति के रूप में संविधान की रक्षा की शपथ दिलाएंगे ।
इससे पहले रविवार को एक भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भावुक माहौल के बीच संसद भवन के सेंट्रल हॉल में अपना विदाई भाषण दिया । अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने भारतीय लोकतंत्र और इसके स्थापकों को याद करते हुए इसकी महानता का जिक्र किया । इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि संसद का उपयोग हंगामा करने के लिए नहीं बल्कि स्वस्थ्य वाद-विवाद, विचार-विमर्श और असहमति जताने के लिए होना चाहिए । उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन में पूर्व-प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह उनकी राजनैतिक गुरु थीं । उन्होंने सरकार के द्वारा जीएसटी लागू किये जाने की भी तारीफ की ।
राष्ट्रपति मंगलवार को राष्ट्रपति भवन छोड़ देंगे और उसके बाद 10, राजाजी मार्ग नई दिल्ली में उनका नया पता होगा । गौरतलब है कि पूर्व-राष्ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम भी यहीं रहते थे । मंगलवार को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भारत के मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर द्वारा शपथ ग्रहण करेंगे ।