राज्य सरकार ने लिया RPMT बंद करने का फैसला, अब परीक्षा AIPMT के माध्यम से
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राज्य सरकार ने लिया RPMT बंद करने का फैसला, अब परीक्षा AIPMT के माध्यम से

 

राज्य सरकार ने लिया RPMT बंद करने का फैसला, अब परीक्षा AIPMT के माध्यम से
राज्य सरकार ने लिया RPMT बंद करने का फैसला, अब परीक्षा AIPMT के माध्यम से

जयपुर। आरपीईटी के बाद राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस के लिए आयोजित होने वाली आरपीएमटी (राजस्थान प्री मेडिकल टेस्ट) परीक्षा को भी इस बार बंद कर देने का फैसला प्रदेश सरकार ने ले लिया है। अब एआईपीएमटी(आल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट) के जरिये ही प्रदेश में मेरिट सूची तैयार कर एडमिशन दिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार पिछले सालों आरपीएमटी परीक्षा में व्याप्त हुई भारी खामियों और अनियमितताओं के सवाल खड़े होने के बाद सरकार के मार्फत मेडिकल शिक्षा विभाग ने इसे बंद करने का फैसला किया है। खामियों व अनियमितताओं के घेरे में थी परीक्षा अभ्यर्थियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी के चलते परीक्षा एक पारी में कराने में दिक्कतें आ रही थी। इसलिए पहले पारियों में इसे शुरू किया गया। बाद में आॅनलाइन परीक्षाएं पारियों में कराई गई। लेकिन सवालों के रिपीट होने, गलत उत्तर, एक सवाल के दो-दो बार एक ही पारी के प्रश्न पत्र में पूछ लेने के चलते पिछले कई सालों से परीक्षा में विवाद खड़े हो रहे थे। आनलाइन परीक्षा बैंगलूरू की निजी कंपनी के जरिये कराने से भी कई अनियमितताओं की आशंकाएं पैदा हो रही थी। हालांकि जैसे-तैस राजस्थान मेडिकल यूनिवर्सिटी परीक्षा करा रही थीं। लेकिन पिछली बार परीक्षा में कुल 86 प्रश्नों के गलत आने, आॅनलाइन परीक्षा में पारियों में प्रश्नों के रिपीट होने और रिजल्ट आने के बाद प्रतियोगिता में शामिल छात्रों के कोर्ट जाने, सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने से दोबारा परीक्षा करानी पड़ी थी। परीक्षा आॅफलाइन कराई गई। लेकिन उसमें भी 6 सवाल गलत आए थे। सत्र में भी देरी हो गई थी। अनियमिताओं के भी आरोप लगे थे। 45 साल के बाद बंद हुई परीक्षा: प्रदेश में मेडिकल कॉलेज में सीटों से ज्यादा प्रवेश के लिए छात्रों के आने पर 1969 अर्थात 45 साल पहले परीक्षा शुरू हुई थी, जो अब बंद होने जा रही है। अब प्रवेश की यह होगी प्रक्रिया प्रदेश के सात मेडिकल कॉलेजों सहित कुल 1300 एमबीबीएस की सीटें हैं। अब चूंकि परीक्षा आरपीएमटी की जगह एआईपीएमटी के माध्यम से होगी, ऐसे में 15 फीसदी सीटें एआईपीएमटी की मैरिट लिस्ट से भरी जाएगी। शेष 85 फीसदी सीटें प्रदेश के छात्रों के लिए आरक्षित रहेगी। 

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