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रोहतक सार समाचार : शुक्रवार, 12 जुलाई 2019

जिले के 92 स्कूलों को बंद करने का नोटिस मिलने से मचा हडकंप

OmExpress News / हर्षित सैनी / रोहतक / जिले के निजी स्कूलों को अवैध घोषित करने में लगी राज्य सरकार के खिलाफ संचालकों का रोष बढ़ता ही जा रहा है। डीईओ कार्यालय द्वारा 92 स्कूल संचालकों को जारी नोटिस के तहत उन्हें बंद करने के आदेश दिये गये हैं। जिससे स्कूल संचालकों की एक बैठक हरियाणा प्राईवेट स्कूल संघ के जिलाध्यक्ष रविन्द्र नांदल की अध्यक्षता में हुई। Rohtak Hindi News

मीटिंग के बाद निजी स्कूल संचालक रविन्द्र नांदल के नेतृत्व में सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से मिलने उनके निवास पर पहुंचे। जहां सहकारिता मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को इस समस्या को दूर करने के लिए 14 जुलाई को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलवाने का आश्वासन दिया।

ज्ञातव्य रहे कि हाईकोर्ट द्वारा प्रदेश में चल रहे 1083 अनधिकृत स्कूलों को बंद करने के निर्देश जारी कर रखे हैं। जिस पर प्रशासन ने जिले के 92 स्कूलों को नोटिस भेजकर बंद करने के आदेश जारी किए हैं। जिससे इन स्कूल संचालकों में खलबली मची हुई है।

प्रधान रविन्द्र नांदल ने बताया कि राज्य सरकार ने मान्यता सम्बन्धी नियम बहुत ही कड़े बना रखे हैं। जिनके तहत इन स्कूलों को मान्यता मिलना नामुमकिन है। अगर सरकार नियमों में छूट देती है तो ही इन स्कूलों को मान्यता मिल सकती है। Rohtak Hindi News

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि रोहतक जिले में इस प्रकार के 400 स्कूल हैं और पूरे प्रदेश में इनकी संख्या 10,000 से अधिक है। नांदल ने सवाल उठाया कि क्या ऐसा हो सकता है कि महेन्द्रगढ़ जिले में एक भी गैर मान्यता प्राप्त स्कूल न हो और झज्जर जिले में केवल 3 ही ऐसे स्कूल हों। शिक्षा विभाग की मनमानी के चलते ऐसा हो रहा है।

उन्होंने कहा कि स्कूल संचालक काफी दिनों से एक कमरा-एक कक्षा के सिद्धांत पर मान्यता मांग रहे हैं जबकि सरकार ने 3 जून, 2011 के अपैंडिक्स-1 में बिना भूमि के शर्त पर एक कक्षा-एक कमरा के नियम के तहत आठवीं कक्षा तक मान्यता प्राप्त करने का नोटिफिकेशन जारी कर रखा है। जिसे केवल क्रियान्वित करना बाकी है।

उन्होंने बताया कि इस सन्दर्भ में मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ हरियाणा प्राईवेट स्कूल संघ की सहमति भी बन चुकी थी लेकिन सरकार अपने ही द्वारा जारी नोटिफिकेशन पर अमल न करते हुए पीछे हट रही है।

इसी प्रकार प्रदेश में 2007 से पहले चल रहे 3200 अस्थाई मान्यता प्राप्त स्कूलों को साल दर साल की समय अवधि सरकार द्वारा बढ़ाई जाती रही है लेकिन यह अस्थाई मान्यता हर वर्ष मार्च माह में समाप्त हो जाती है। इस वर्ष भी सरकार इनको मान्यता जारी नहीं कर रही जबकि इन स्कूलों में नियम 134-ए के तहत गरीब बच्चों को दाखिल भी कर चुकी है।

रविन्द्र नांदल ने कहा कि एक तरफ तो सरकार इन स्कूलों को गैर मान्यता प्राप्त बताती है तथा दूसरी तरफ इन्हीं स्कूलों में नियम-134ए के तहत बच्चों के दाखिले कर रही है। अगर सरकार चाहे तो इनको गेस्ट टीचरों की तर्ज पर 10 वर्ष के लिए स्थाई मान्यता प्रदान कर सकती है। लेकिन सरकार द्वारा रूचि न लिए जाने पर हजारों अध्यापकों व लाखों बच्चों के जीवन पर असर पडऩा तय है।

जिला प्रधान ने कहा कि इसके अलावा दर्जनों अन्य समस्याएं भी निजी स्कूलों की हैं। जिन्हें हल करने में भाजपा सरकार ने अभी तक कोई रूचि नहीं दिखाई है। उल्टे भारी टैक्स लगाकर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था तो छिन्न-भिन्न करने के प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश के बच्चों को अच्छी शिक्षा देने वाले निजी स्कूलों को खत्म करने की साजिशें हो रही हैं।

रविन्द्र नांदल ने कहा कि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के आश्वासन पर 14 जुलाई सांय 4 बजे मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में समस्या का हल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से लाखों बच्चों का भविष्य जुड़ा है जिसे किसी भी सूरत में धूमिल नहीं होने दिया जायेगा।

प्रतिनिधिमंडल में चेतना कत्याल, वीना ढल, सुरेन्द्र हुड्डा, सुनील भयाना, रमेश सचदेवा, नंदा रेहानी, मंसा अग्घी, नीलम बुद्धिराजा, नरेन्द्र खुराना, नरेन्द्र तोमर, मुकेश शर्मा, मदन लाल शर्मा, भगवत पहरावर, राजकुमार रिठाल, राजेश सैनी, देसराज, राजबीर राठी, वीना भाटिया, रमेश सचदेवा, अमरपाल, विजय नरवाल, बलबीर सिंधु, अनिल कुंडू, अमरपाल बसाना, विजय आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।

लापता सावन की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार

पिछले पांच दिनों से गुम हुए अपने बेटे को ढूंढने के लिए आज गांव करौंथा के ग्रामीण योगेश ने पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा के समक्ष गुहार लगाई है। योगेश ने बताया कि उसका 15 वर्षीय पुत्र सावन झज्जर रोड़ स्थित विश्वकर्मा स्कूल में पढ़ने के लिए आता था। जिसका कद 5 फुट, रंग गेहुंआ, चेहरा पर लाल एलर्जी, जिस्म पतला है।

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सावन गत 8 जुलाई को घर से स्कूल के लिए आया था। स्कूल की छुट्टी के बाद से सावन कहीं गायब हो गया। जिसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं चला। जिस पर उसने शिवाजी कालोनी पुलिस थाना में इस सम्बन्ध में एफआईआर नं. 441, दिनांक 9 जुलाई को भादस की धारा 365 के तहत मामला दर्ज कर लिया था लेकिन आज तक उसके बेटे सावन की तलाश नहीं की है तथा न ही कोई सुराग लगा सकी है। Rohtak Hindi News

योगेश ने कहा कि बेटे सावन के अचानक गुम हो जाने से उसके परिवार में मातम का माहौल है। वो स्वयं सारी रिश्तेदारियों में सावन को ढूंढ़ चुका है लेकिन उसका कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा है। योगेश ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए उसके बेटे सावन को ढूंढ़ने में उसकी मदद की जाए।

एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी का पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने किया स्वागत

अनूप कुमार सैनी /  जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी का स्वागत किया है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि पिछले चार दशक से हरियाणा एसवाईएल से मिलने वाले पानी के अधिकार से वंचित है।

उनका कहना था कि अब उस हक को दिलाने के लिए मजबूती के साथ जल शक्ति मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संज्ञान में डाल कर जल्द हरियाणा को अपना हक दिलाने का काम करें। उन्होंने कहा कि हमने एसवाईएल के पानी को लेकर समय-समय पर बतौर सांसद होते हुए संसद में मुद्दा उठाया था।

दुष्यंत चौटाला ने बताया कि वे इस मामले को लेकर तत्कालीन पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मिले थे। उन्होंने दोहराया कि आज भी उनकी वही मांग है कि सबसे पहले सरकार द्वारा फंड जारी करके एसवाईएल का जल्द निर्माण करवाया जाए ताकि प्रदेश की जनता को उनका हक मिले।

वहीं इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में बदलाव लाने के लिए जिस तरह से ताऊ देवीलाल तमाम संघर्ष के साथियों को लेकर आगे बढ़े थे उसी तरह जननायक जनता पार्टी भी अपने साथ युवा, कर्मचारी, सामाजिक संस्थाओं समेत तमाम जो प्रदेश में परिवर्तन लाना चाहते है, उन सभी मजबूत लोगों को प्रतिनिधित्व देते हुए साथ लेकर आगे चलेगी।

दुष्यंत चौटाला आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर दावा करते हुए कहा कि अगर अगला राज कोई पार्टी बनाएगी तो वो जननायक जनता पार्टी ही होगी। उन्होंने कहा कि जजपा 90 विधानसभा सीटों पर पूरी तरह से मजबूत है।

वहीं पत्रकारों द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर मैदान पर उतरने के सवाल का जवाब देते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उन्होंने भाजपा से लोकसभा चुनाव में भी रिपोर्ट कार्ड मांगा था कि सरकार ने अपने घोषणा पत्र की कितनी मांगों को पूरा किया था। उन्होंने कहा कि सीएम मनोहर को आज अपनी अब तक की गई घोषणाओं पर रिपोर्ट कार्ड जरूर पेश करना चाहिए।

दुष्यंत ने सीएम से सवाल करते हुए पूछा कि वे जनता को बताएं कि क्या उन्होंने अपनी घोषणाओं में से 40 प्रतिशत घोषणाओं को भी पूरा किया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार ने प्रदेश को सिर्फ बेरोजगारी, अपराध, खनन माफिया और महंगाई देकर हरियाणा को बर्बाद करने का काम किया है।

पूर्व सांसद ने बढ़ रहे नशे पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जिस दिन से प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है, उस दिन से निरंतर नशे का कारोबार बढ़ा है और इसके पीछे मुख्यमंत्री के चुनिंदा लोगों का हाथ है। दुष्यंत ने कहा कि इसका सबूत ये है कि अवैध कारोबार पर लगाम लगा रही महिला आईपीएस संगीता कालिया का बार-बार कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने जान बूझकर तबादला करवाया ताकि नशे का व्यापार करने वाले कारोबारियों पर कोई आंच न आए।

अंक प्रतिशत ज्यादा होने के बावजूद दाखिला न देने के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने शुरू किया धरना

पं. नेकीराम कॉलेज, रोहतक में छात्र एकता मंच के बैनर तले केंद्रीयकृत दाखिला प्रक्रिया में सुधार कराने व छात्र मोनू का दाखिला कराने को लेकर कॉलेज के गेट पर धरना शुरू किया। Rohtak Hindi News

बता दें कि मोनू नाम के छात्र ने बीए में दाखिला लेने के लिए नेकीराम कॉलेज का आवेदन भरा था। इनके 12वीं कक्षा में 74 प्रतिशत नम्बर आए हैं जबकि पोलिटिकल साईंस (आनर्स) प्रथम वर्ष की दूसरी मेरिट लिस्ट 71 प्रतिशत पर लगी है। उसके बावजूद मोनू का किसी भी मैरिट लिस्ट में नाम नहीं आया जबकि मोनू से कम नम्बर वाले बच्चों का भी दाखिला कॉलेज में हुआ है।

इस पर कॉलेज प्रशासन का कहना है कि मोनू के फार्म की वेरिफिकेशन नहीं हुई है जबकि फार्म के ऊपर दाखिला कमेटी ने वेरीफाई लिखा हुआ है। जिससे साफ पता चलता है कि कॉलेज प्रशासन सफेद झूठ बोल रहा है।

छात्र मोनू ने बताया कि मैं पिछले कई दिन से कॉलेज के चक्कर काट रहा हूं हालांकि मेरे साथ वेरिफिकेशन कराने वाले छात्र भी दाखिला लेने में कामयाब हो गए हैं लेकिन कॉलेज प्रशासन की तरफ से मेरे दाखिले को लेकर कोई सन्तुष्टिपूर्ण जवाब नहीं दिया गया।

इधर मोनू ने उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा और कॉलेज प्रशासन के छात्र विरोधी गठजोड़ के खिलाफ निर्णय लिया है कि जब तक मेरा दाखिला नहीं हो जाता, तब तक धरना जारी रखूंगा।

संगठन के सदस्य अमनप्रीत विद्यार्थी ने कहा कि ये केंद्रीयकृत दाखिला प्रक्रिया ही छात्रों के साथ भद्दा मजाक है। इस प्रक्रिया के कारण योग्य छात्र भी दाखिला लेने से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनका भविष्य खतरे में फंस जाता है।

कॉलेज के गेट के सामने धरना स्थल पर आम छात्र व छात्राओं ने धरने का समर्थन करते हुए बताया कि ये समस्या कॉलेज में दाखिले के लिए आवेदन करने वाले अनेक छात्र-छात्राओं को झेलनी पड़ी है, जिनका भविष्य खतरे में है।

धरना स्थल पर दिनेश, नवीन, मोनू, मोहित, सुमित आजाद, पूजा, मनीषा, आजाद व अन्य साथी मौजूद रहें।अंत में छात्र एकता मंच ने सभी छात्र-छात्राओं, न्यायपसन्द बुद्दिजीवियों व जनसंगठनों से अपील की है कि वे इस संघर्ष में मोनू का साथ दें।

मानवाधिकार कार्यकर्त्ता के घरों और कार्यालयों पर छापे मारने की कड़ी से कड़ी निंदा

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हरियाणा राज्य कमेटी ने सीबीआई द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता व मानवाधिकार कार्यकर्त्ता इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर के घरों और कार्यालयों पर छापे मारने की कड़ी से कड़ी निंदा करते हुए मांग की है कि इस तरह की कार्यवाही को तुरंत रोका जाए।

गौरतलब है कि इंदिरा जयसिंह और आंनद ग्रोवर इस देश के बेहद प्रतिष्ठित वकीलों में शुमार हैं और लम्बे समय से मानवाधिकारों व महिला अधिकारों क्षेत्र में काम करने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों, केरल की ईसाई महिलाओं के संपत्ति में अधिकार के लिए तथा रूपन देओल बजाज के लिए तत्कालीन डीजीपी केपीएस गिल के खिलाफ यौन उत्पीड़न की कानूनी लड़ाईयां लड़ी हैं।

उनके एनजीओ लाॅयर्स कलेक्टिव के खिलाफ कथित एफसीआरए यानि विदेशी चंदा विनियमन कानून उल्लंघन मामले में आपराधिक आरोप लगाए गए थे। इसी आरोप में कल सीबीआई ने उनके दिल्ली और मुंबई स्थित घर व कार्यालयों पर छापे मारे हैं जबकि उनके एनजीओ ने अधिकारियों के साथ पूरी तरह से सहयोग किया है परन्तु उनके सहयोग के बावजूद छापेमारी करना बेहद गलत है।

संगठन का मानना है कि सीबीआई की यह कार्यवाही सुश्री जयसिंह और श्री ग्रोवर को डराने-धमकाने व उन पर दबाव बनाने के लिए है ताकि उनकी आवाज को बंद करवाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया है कि वंचित तबकों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वालों के खिलाफ भाजपा सरकार की इस तरह की सबक सिखाने की कार्यवाहीयां लगातार बढ़ रही है।

नेताओं ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार इस तरह की कार्यवायिां करके सत्ता का घोर दुरुपयोग कर रही है। हमें ऐसी कार्यवाहियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। Rohtak Hindi News