सियाळोखाटू भलो, उनाळो अजमेर, मारवाड़ नितरो भलो अर सावण बीकानेर
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सियाळोखाटू भलो, उनाळो अजमेर, मारवाड़ नितरो भलो अर सावण बीकानेर

सियाळोखाटू भलो, उनाळो अजमेर, मारवाड़ नितरो भलो अर सावण बीकानेर
सियाळोखाटू भलो, उनाळो अजमेर, मारवाड़ नितरो भलो अर सावण बीकानेर

बीकानेर । भगवान शिव की भक्ति के लिए विशेष महत्व रखने वाले सावन माह के शुरू होने के साथ ही शिवालयों में शनिवार  से अभिषेक और पूजा का दौर शुरू हो गया है जो पूरे एक महिने चलेगा। इसके साथ ही गोठों और गांठों का दौर शुरू हो गया है । शिव मंदिरों के आस-पास सावन के पहले सोमवार को लेकर झूले, खिलौने, प्रसाद इत्यादि कि दुकानें सजने लग गई  है।

आषाढ़ समाप्त होने के बाद शनिवार  से सावन शुरू हो गया। इसी के साथ  सुबह से शहर के शिवालयों में भगवान शिव के पानी, दूध और पंचामृत अभिषेक का दौर शुरू हो गया है।
 श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक करने के बाद उन्हें बिल्व पत्र अर्पित किए। भगवान शिव को बिल्व पत्र चढ़ाने का भी जबरदस्त महत्व है। इसके अलावा आंकड़े के फूल, फल और भांग भी भगवान शिव को प्रिय है और सावन माह में उन्हें अर्पित करने का विशेष महत्व है।
 सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को है। सावन के सोमवार का भी विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है।
शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में शुमार लालेश्वर एवम गोपेश्वर महादेव मंदिर में पहले सोमवार को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। इस माह के चारों सोमवार को शहर के पार्कों में महिलाओं और बच्चों के एक तरह से मेले भरते हैं। इसी माह में तीज का त्यौहार भी आएगा। उसे लेकर भी घरों में तैयारियां शुरू हो गई है।पुलिस के एक अधिकरी ने बताया कि सावन महीने की शुरुआत के साथ ही मंदिरों के बाहर सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है।