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ऐसा हो अग्रसेन धाम जिस पर समाज गर्व करें : रतन शाह

महाराजा अग्रसेन धाम में तैयार चार प्रकल्पों का हुआ लोकार्पण

सच्चिदानंद पारीक

कोलकाता. कर्मयोगी के रुप में समाज की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए आजीवन सक्रिय व प्रयत्नशील रहे विशिष्ट जनसेवी स्व. पुष्करलाल केडिया के सपनों को साकार करते हुए महाराजा अग्रसेन धाम में प्रथम चरण में तैयार हुए चार प्रकल्पों का बांग्ला नववर्ष के अवसर पर लोकार्पण हुआ. सेवा, शिक्षा, चिकित्सा, ज्ञान, विरासत के श्रद्धा स्थल महाराजा अग्रसेन धाम में तैयार हो चुके इन चार सेवा प्रकल्प -मनोविकास केंद्र (प्रदाता : मुरारीलाल दीवान/ संचालन : मनोविकास केंद्र), चिकित्सा केंद्र (प्रदाता : श्यामसुंदर अग्रवाल/संचालन : रुरल हेल्थ केयर फाउंडेशन), दिव्यांग जन सेवा केंद्र (प्रदाता: दीपक अग्रवाल/ संचालन : महावीर सदन), वाटिका (प्रदाता : निर्मल सराफ/ संचालन : गिनिया देवी सराफ चेरिटेबल ट्रस्ट) के लोकार्पण अवसर पर समाज के अनेकों गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

अध्यक्ष संबोधन में रतन शाह ने समाज से अनुरोध किया कि महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों पर चलते हुए स्व. पुष्करलाल केडिया के सपनों को साकार करने में सहयोग दें और धाम को एक ऐसे आस्था स्थल के रुप में परिणित करें जिस पर सारा समाज गर्व कर सके. स्वागत भाषण देते हुए बासुदेव टीकमानी ने उपस्थित लोगों को अग्रसेन धाम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करायी और सबका अभिवादन किया.

लोकार्पणकर्ता दीनदयाल गुप्ता ने सेवा उद्देश्यों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि महाराजा अग्रसेन धाम भी अग्रोहा धाम की तरह ही राष्ट्रीय स्तर पर कीर्ति अर्जित करेगा. संजय बंसल ने कहा- सेवा के कार्यों में अनुदान देते किसी प्रकार का अहम मन में नहीं आना चाहिए. उन्होंने अपनी तरह से हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया.

श्यामसुंदर बेरीवाल ने कहा कि सेवा कार्य स्थानीय जरुरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, ताकि सभी को इस लाभ मिल सके. निर्मल सराफ, डॉ शारदा फतेहपुरिया, जसवंत मेहता ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे. संचालन मनमोहन केडिया ने किया. प्रंबध न्यासी सूर्य प्रकाश बागला ने तैयार हुए प्रकल्पों के प्रदाताओं के प्रति आभार जताया. सत्यनारायण देवरालिया, रामकुमार अग्रवाल, हरिकिशन चौधरी, कैलाश धानुका, विजय डोकानिया, संदीप गर्ग, ए.एन. रुस्तगी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा इस अवसर पर काफी संख्या में महिलायें भी उपस्थित रहीं.