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राजस्थान की इन टॉप-10 हॉट सीटों पर ये हैं जीत-हार का गणित

जयपुर । राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल में भले ही भाजपा की सरकार बनती हुई नहीं दिख रही है, लेकिन सीएम वसुंधरा राजे अभी आश्वस्त है कि सरकार भाजपा की बनेगी। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में एक बैठक के बाद सीएम राजे ने सिर्फ जाते-जाते इतना ही कहा, चिंता मत करो सरकार भाजपा की ही बन रही है।
वहीं बैठक में मौजूद रहे भाजपा की चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि बैठक में संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी और उन्होंने अपना फीडबैक रखा है। शेखावत ने कहा कि प्रदेश की 199 सीटों में से 60 सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला है, और भाजपा ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आयेगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी सभी तरह की संभावनाओं के लिए तैयार है, रही बात एग्जिट पोल की तो पहले भी एग्जिट पोल फेल हो चुके है। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर दोबारा सरकार बनाने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि यह एग्जिट पोल भी कन्फ्यूज है, सैंपल सर्वे कम और एक-दूसरे को क्रॉस कर रहे है।

जयपुर। 200 सीटों वाली राजस्थान विधानसभा चुनाव की 199 सीटों के लिए 7 दिसम्बर को मतदान हो चुका है और अब सबकी नजरें 11 दिसम्बर को आने वाले चुनाव परिणाम पर टिकी है। राजस्थान में कल हुए कुल 74.12त्न मतदान के बाद आए कमोबेश सभी एग्जिट पोल्स ने राजस्थान में सत्तारूढ़ भाजपा की विदाई होने एवं कांग्रेस की सरकार बनने का अनुमान जताया है। वहीं सूबे में कई ऐसी भी सीटें हैं, जिनके परिणामों पर सभी की नजरें जमी हुई है और ये सीटें प्रदेश की टॉप हॉट सीटों में शुमार हैं। एग्जिट पोल्स में जहां सूबे में कांग्रेस की सरकार बनने का अनुमान जताया गया है, वहीं इन राजस्थान में इन टॉप-10 हॉट सीटों में से अधिकाश सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के जीतने का अनुमान है। हालांकि यह अलग बात है कि कुद सीटों पर कांग्रेस के दिग्गजों पर भाजपा के महारथी भारी पड़ते दिख रहे हैं। ऐसे में जानते हैं कि सूबे की टॉप हॉट सीटों में शुमार इन टॉप-10 हॉट सीटों पर हुए मतदान प्रतिशत और यहां से सियासी समीकरण यहां से किसको जीत का ताज पहना रहे हैं और किसको पराजय का सामना करना पड़ रहा है।

झालरापाटन : वसुंधरा राजे (भाजपा) मानवेन्द्र सिंह (कांग्रेस)

इस सीट से सीएम वसुंधरा राजे चौथी बार चुनाव मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस ने दिग्गज भाजपा नेता जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह को टिकट दिया है। राजपूत समाज के विभिन्न संगठनों ने मानवेंद्र सिंह का समर्थन किया है। वसुंधरा राजे पिछला चुनाव 60, 896 वोटों से जीती थीं। मानवेंद्र सिंह के प्रचार में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता आए, वहीं वसुंधरा राजे अपनी घर-घर पहुंच के बल पर जीत की उम्मीद लगाए बैठी हैं। इस सीट पर सबकी निगाह है। वसुंधरा राजे झालावाड़ से पांच बार सांसद रहीं, वर्तमान में उनके बेटे दुष्यंत सिंह सांसद हैं।


सरदारपुरा : अशोक गहलोत (कांग्रेस) शंभू सिंह खेतासर (भाजपा)

इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने भाजपा के टिकट पर शंभुसिंह खेतासर मैदान में हैं। गहलोत ने पिछले चुनाव भी खेतासर को 18,478 वोटों से हराया था। राजपूत समाज की वसुंधरा सरकार से नाराजगी का असर इस सीट पर दिखाई दे सकता है।

टोंक : सचिन पायलट (कांग्रेस), यूनुस खान (भाजपा)

राज्य की सबसे चर्चित सीटों में से एक टोंक विधानसभा सीट है। यहां से पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, भाजपा ने उनका मुकाबला करने के लिए वसुंधरा राजे सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले परिवहन मंत्री यूनुस खान को मैदान में उतारा है। वैसे तो दोनों ही बाहरी हैं। लेकिन जातिगत समीकरणों को देखते हुए माहौल पायलट के पक्ष में नजर आ रहा है। हालांकि यूनुस खान उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। पायलट पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

नाथद्वारा : डॉ सीपी जोशी (कांग्रेस) – महेश प्रताप सिंह (भाजपा)

यहां से कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ. सीपी जोशी चुनाव लड़ रहे हैं। चार बार विधायक रहे जोशी वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में एक वोट से हारे थे। पिछली बार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा। लोकसभा चुनाव हार गए थे। भाजपा ने उनके सामने महेश प्रताप सिंह को टिकट दिया है। महेश प्रताप सिंह डॉ. जोशी के कभी काफी निकट हुआ करते थे।

सांगानेर : घनश्याम तिवाड़ी (भारत वाहिनी) 1ह्य अशोक लाहोटी (भाजपा) – पुष्पेन्द्र भारद्धाज (कांग्रेस)

यहां से भाजपा से अलग होकर भारत वाहिनी नाम से नई पार्टी बनाने वाले वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने इस सीट से जयपुर के मेयर अशोक लाहोटी और कांग्रेस ने पुष्पेन्द्र भारद्वाज को टिकट दिया है। इस सीट पर मुकाबला बड़ा रोचक हो रहा है।
खींवसर : हनुमान बेनीवाल (आरएलपी)- रामचंद्र उत्ता (भाजपा) 1ह्य सवाई सिंह गोदारा (कांग्रेस)
इस सीट से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल मैदान में हैं। बेनीवाल के खिलाफ उन्हीं की भतीजी चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस प्रत्याशी रतन सिंह और भाजपा के रामचन्द्र मैदान में हैं। बेनीवाल पिछले दो साल में राज्य के प्रमुख जाट नेता बनकर उभरे हैं।
उदयपुर : गुलाब चंद कटारिया (भाजपा) – गिरिजा व्यास (कांग्रेस)
उदयपुर शहर की सीट से पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. गिरिजा व्यास कांग्रेस के टिकट पर मैदान में है। वहीं, उनका मुकाबला प्रदेश के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया से है। इस बार भाजपा और जनसंघ के पुराने नेता कटारिया के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। भाजपा के बागी भी चुनाव मैदान में हैं। इस वजह से इस बार मुकाबला कड़ा होगा।

एकदम सटीक होती है इनकी चुनावी भविष्यवाणी

जोधपुर। फलौदी के सट्टेबाजो ने आज शनिवार को राजस्थान राज्य में कांग्रेस की वापसी का दावा किया, फलोदी के सट्टेबाजों की भविष्यवाणी के मुताबिक, राजस्थान में इस बार भी सरकार रिपीट नहीं होगी। फलोदी के ही एक और सट्टेबाज ने भी कांग्रेस के पक्ष में ही भविष्यवाणी की और कांग्रेस को 120-122 सीटें मिलने का अनुमान लगाया। वहीं बीजेपी को 56 से 58 सीटें दी गईं। फलोदी के तीन सट्टेबाजों ने जो आंकड़े दिए, उनका औसत निकालें तो राजस्थान में कांग्रेस को 121 सीट मिलने की संभावना है, जबकि क्चछ्वक्क को 61 सीट मिलने का अनुमान है। फलोदी के सट्टेबाज़ों का दावा है कि उनके आंकड़े कभी फेल नहीं होते। इसीलिए राजस्थान के आंकड़े बताने के बाद इन बाज़ीगरों ने दूसरे राज्यों के नतीजों के बारे में भी भविष्यवाणी की।
सट्टेबाज़ों ने मध्य प्रदेश के जो आंकड़े बताए वो चौंकाने वाले थे। सट्टाबाज़ार का दावा है कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस को 119 से 121 सीट मिलने वाली है, जबकि बीजेपी को 95 से 97 सीट मिलने का अनुमान है, यानी सट्टाबाज़ार मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार की भविष्यवाणी कर रहा है।(PB)