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महिला सशक्तिकरण को तरसती महिलाएं……

सांसियों का तला में बस स्टेण्ड तो है मगर नही रूकती रोड़वेज की बसें

बाड़मेर। सांसियों का तला जिला मुख्यालय से महज् 8 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग 68 अहमदाबाद रोड़ कुशल वाटिका के पास स्थित होने के बाबजूद आज भी कई सुविधाओं से कोसों दूर है । जिसके चलते यहां के लोगों विशेषकर महिलाओं को साधन-सुविधाओं के दौर में भी कई समस्याओं से आज भी दो-दो हाथ होना पड़ रहा है । एक ओर जहां सरकारें महिला सशक्तिकरण को लेकर तमाम प्रकार के दावे करती आ रही है वहीं सांसियों का तला की महिलाओं को रोड़वेज की बसों में सफर करना भी नसीब नही हो रहा है ।

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राष्ट्रीय राजमार्ग 68 अहमदाबाद मार्ग पर स्थित सांसियों का तला में कहने को बस स्टेण्ड तो बना हुआ मगर राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसें नही रूकती । जिसको लेकर अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर वार्ड मेम्बर ममता सिसोदिया के नेतृत्व में सांसियों का तला की महिलाओं ने गांव में नियमित बस के ठहराव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्य प्रबंधक, बाड़मेर आगार को ज्ञापन भेजा । वार्ड मेम्बर ममता सिसोदिया ने कहा कि हम सभी महिलाएं रोड़वेज विभाग व जिला प्रशसन से मांग करती है कि वे हमारी तकलीफ व मांग को समझे और हमें राजकीय बसों की यात्रा करने का अवसर प्रदान करावें ।

लम्बे समय से रोड़वेज के गांव में नही ठहरने से परेशान होते आ रहे है । अभियान ग्रामोदय के प्रेरक समाजिक कार्यकर्ता मुकेश बोहरा अमन ने बताया कि सांसियों का तला की महिलाओं को बाड़मेर शहर व अन्यत्र स्थानों पर जाने के लिए राजकीय बसों की बजाय निजी बसों अथवा वाहनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है । जो बेहद ही जोखिम भरा रहता है । ऐसे में सांसियों का तला में बने बस स्टेण्ड पर रोड़वेज की बसों का ठहराव सुनिश्चित किया जाना चाहिए ।

इस दौरान वार्ड पंच ममता सिसोदिया, उषा, सुशिला कन्नौजिया, श्रीदेवी, चम्पा सिसोदिया, रामू सिसोदिया, फूलवती, राखी सिसोदिया, करीना, गीता, करमी, पूजा, लक्ष्मी, सरोज, यास्मीन, हीना बानू, केली, ममता, हीना, फिरोजा, अफसाना, जमना दीपक सिोदिया, मदन सिसोदिया, सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, व ग्रामीण उपस्थित रहे ।

”इस सम्बन्ध में हमने मुख्य प्रबंधक रोड़वेज को ज्ञापन सौंपा है, उन्होंनें हमें सकारात्मक जवाब दिया है, मगर सांसियों का तला में रोड़वेज बसों का ठहराव सुनिश्चित होना चाहिए । यही सही मायनों में महिला सशक्तिकरण है, जिसे प्रशासन को प्राथमिकता से करना चाहिए ।”

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