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‘योगमय’ हुआ रेलवे स्टेडियम, योग के माध्यम से दुनिया को एकता और बेहतर स्वास्थ्य का पैगाम

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‘योगमय’ हुआ रेलवे स्टेडियम, योग के माध्यम से दुनिया को एकता और बेहतर स्वास्थ्य का पैगाम

बीकानेर । पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को बीकानेर का रेलवे स्टेडियम ‘योगमय’ हो गया। हजारों लोगों ने सूक्ष्म व्यायाम, विभिन्न आसनों एवं प्राणायामों के माध्यम से पूरी दुनिया को एकता और बेहतर स्वास्थ्य का पैगाम दिया। बच्चों और महिलाओं से लेकर वृद्धजनों में योगाभ्यास के प्रति उत्सुकता दिखी, तो आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित 33 मिनट के योग पाठ्यक्रम के दौरान हजारों लोगों के अनुशासन पूर्ण अभ्यास ने इसके महत्त्व को और अधिक सार्थक कर दिया।
इस अवसर पर वन, पर्यावरण एवं खान मंत्राी तथा जिले के प्रभारी मंत्राी राजकुमार रिणवा ने कहा कि योग की परिकल्पना पूरे विश्व के कल्याण के लिए की गई है। यह किसी देश की सीमा तक सीमित नहीं है, आज पूरी दुनिया ने इसे मान लिया है। उन्होंने कहा कि भारत सदैव ‘सर्वे भवंतु सुखिन सर्वे संतु निरामया’ की परिकल्पना का पोषक रहा है। एक समय स्वामी विवेकानंद ने पूरी दुनिया को योग की महत्ता बताई और आज प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि आज भारत के नेतृत्व में दुनिया के 191 देश योग को अपनाने जा रहे हैं और भारत को पुनः विश्वगुरू के रूप में स्थापित होने के अवसर मिल रहे हैं।
रिणवा ने कहा कि अनियमित दिनचर्या और प्रकृति के सिद्धांतों की अवहेलना से रोग पैदा होते हैं और रोगों का निराकरण योग से किया जा सकता उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है। भारत दुनिया का इकलौता भाग्यशाली देश है, जहां छह ऋतुएं हैं। प्राकृति संसाधनों की दृष्टि से भारत श्रेष्ठ है। इमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग पूरी सावधानी से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मंे गाय का महत्त्व है। हमें गौपालन के प्रति जागृति लानी होगी। उन्होंने पीपल को प्रकृति का वरदान बताया तथा कहा कि अधिक से अधिक पौधारोपण करके हम प्रकृति की रक्षा कर सकते हैं।
संवित् सोमगिरि महाराज ने कहा कि योग हमारे ऋषियों, मुनियों द्वारा आज से हजारों वर्ष पूर्व दिया हुआ विज्ञान है। है। योग से मनुष्य मानसिक एवं शारीरिक रूप से सुदृढ़ होने के साथ-साथ परमतत्व की प्राप्ति कर सकता है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और आदमी को श्रेष्ठता की ओर अग्रसर करता है। यह साधारण व्यायाम नहीं है बल्कि जड़ता से चेतनता की ओर अग्रसर करने का साधन है। इस अवसर पर पतंजलि योग पीठ एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के नरेन्द्र कुमार, आर्ट ऑफ लिविंग के सुरेश कुमार, गायत्राी परिवार के पवन कुमार एवं प्रजापिता ईश्वरीय ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय की बी.के. कमल बहन ने योग और प्राणायाम के महत्त्व को बताया।
खचाखच भर गया स्टेडियम
योग के प्रति आमजन की उत्सुकता देखने लायक थी। रेलवे स्टेडियम में प्रातः 5ः30 बजे से ही लोगों का आना शुरू हो गया। अधिकतर लोग अपनी दरी अथवा चद्दर साथ लेकर आए और मंच के समीप बैठने लगे। ठीक प्रातः सात बजे निर्धारित योग पाठ्यक्रम के समय पूरा स्टेडियम खचाखच भर गया। हजारों की संख्या में लोग बैठे थे तो अनेक लोग पीछे खड़े देख रहे थे। आयोजन से जुड़े लोगों ने पूरी व्यवस्था को संभाल रखा था। आने वाले लोगों को निर्धारित दूरी पर बिठाने और योगाभ्यास के दौरान उनका मार्गदर्शन करने का कार्य योग प्रशिक्षक कर रहे थे।

भंवरों की गुंजन से गूंज उठा स्टेडियम

ठीक सात बजे निर्धारित पाठ्यक्रम की शुरूआत हुई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रारम्भ हुई यह प्रक्रिया विभिन्न सूक्ष्म व्यायामों के माध्यम से आगे बढ़ी तो कपाल भाती और अनुलोम विलोम प्राणायाम के दौरान प्रशिक्षकों ने इनसे होने वाले फायदों की जानकारी दी। भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास के दौरान मानो पूरा स्टेडियम भंवरों की गुंजन से गूंज उठा। प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा, जीव मात्रा के प्रति प्रेम और नियमित योगाभ्यास के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर बीकानेर पश्चिम विधायक डॉ गोपाल जोशी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नंद किशोर सोलंकी, जिलाध्यक्ष विजय कुमार आचार्य, आरएसी दसवीं बटालियन के कमांडेट डॉ रामदेव सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) हरि प्रसाद पिपरालिया, एडीएम सिटी अजय पाराशर, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.एल. मेहरड़ा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और आमजन मौजूद रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने विभिन्न व्यवस्थाओं का संभाला। आयुर्वेद अधिकारी नरेश शर्मा ने आगंतुकों का आभार जताया।
हॉर्डिंग्स से दिया मतदाता सूचियों में आधार लिंक करवाने का संदेश

रेलवे स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान विभिन्न स्थानों पर लगाए गए हॉर्डिंग्स के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण एवं प्रमाणीकरण के लिए चल रहे अभियान ‘एनएआरपीएपी’ के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही मतदाता सूचियों को आधार से लिंक करवाने का आग्रह किया गया। मुख्य समारोह में आए लोगों ने इस अभियान के बारे में जानकारी प्राप्त की।

रामपुरिया महाविद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग शिविर का आयोजन

रामपुरिया महाविद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग शिविर का आयोजन
रामपुरिया महाविद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग शिविर का आयोजन

ब.ज.सि. महाविद्यालय में एन.एस.एस. ईकाई द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस उपलक्ष में महाविद्यालय में पतंजलि योग पीठ के श्री नरेन्द्रजी सुथार ने योग के विभिन्न आसन करवाये तथा ध्यान व प्राणायाम की विभिन्न विधियों के बारे में विस्तार से बताया।
प्राचार्या डॉ. शुक्ला बाला पुरोहित ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुये बताया कि योग के विभिन्न आसनों द्वारा व्यक्ति अपना शरीर स्वस्थ रख सकता है। साथ ही उन्होंने महाविद्यालय के समस्त स्टॉफ व छात्रगणों को शपथ दिलाई की वे अपनी दिनचर्या में थोड़ा समय योग के लिये भी निकाले क्योंकि योग के द्वारा वह युवा अवस्था में अपने शरीर को क्रियाशील बना सकते है।
इस अवसर पर एन.एस.एस. प्रभारी प्रो. आत्माराम शर्मा व सह प्रभारी विक्रम झा ने अपने विचार रखते हुए बताया कि योग मनुष्य को परमात्मा से जोड़ता है और आत्मा की शुद्धि करता है यह शरीर में असीम ऊर्जा पैदा करते हुए व्याध्यिों से मानव शरीर को दूर करता है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रो. उमेश तंवर ने बताया कि योग का भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व रहता है। योग का जनक भारत ही है। संपूर्ण विश्व में भारत को योग गुरू के रूप जाना जाता है तथा आज भारत के लिए गर्व के बात है की विश्व के 191 देश एक साथ योग दिवस मना रहे है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. मनीष मोदी, प्रो. गायत्री सुथार, डॉ. शालीनी आरी, सुरेन्द्र मेघवाल, दिपिका त्रिवेदी, श्री अनूप शाह, सलीम अहमद, अर्जुन सिंह, कल्याणसिंह आदि व एन.एस.एस. के 50 स्वयं सेवक शामिल हुए।