

– पीसीसी के पूर्व सचिव किराडू ने किया नेतृत्व
बीकानेर, । बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय और विश्वविद्यालय अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय (ईसीबी और सीईटी) के कार्मिकों की विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव राजकुमार किराडू के नेतृत्व में पचास स्थानों पर सत्याग्रह किया गया। इस दौरान 11 हजार 47 शहरवासियों ने इन कार्मिकों की मांगों के पक्ष में हस्ताक्षर किए। किराडू ने गांधी पार्क में सत्याग्रह किया। उन्होंने कहा कि कार्मिकांे की प्रत्येक वाजिब मांग के समाधान के लिए सदैव प्रयासरत रहेंगे। विश्वविद्यालय द्वारा इन मांगों को नजर अंदाज किया जा रहा है, जो कि गलत है।


उन्होंने कहा कि इस संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसी कारण सत्याग्रह का कदम उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर क्रमिक सत्याग्रह किया जाएगा। इससे पहले किराडू ने जूम के माध्यम से आॅनलाइन बैठक लेते हुए सभी कार्यकर्ताओं को कोरोना एडवाइजरी की पालना के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की पीएफ की राशि कार्मिक एवं सरकार दोनों तरफ से करवाने, इंजीनियरिंग काॅलेज के कार्मिकों को बकाया वेतन जल्दी दिलाने, प्रतिवर्ष होने वाली वेतन वृद्धि समयबद्ध करने, विश्वविद्यालय-महाविद्यालय के कार्मिकों की वेतन वृद्धि राजुवास और एमजीएसयू के बराबर करने, ईसीबी से हटाए गए 150 कार्मिकों को पुनः नियोजित करने, तथा यूसीईटी के सुरक्षा कर्मियों का वेतन एवं पीएफ समय पर जमा करवाने जैसी समस्याओं के लिए लम्बे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सत्याग्रह में शिवराज व्यास, किशोर पुरोहित, मदन हर्ष, सुरेन्द्र जोशी, रवि शंकर, मनोज व्यास, शिव कुमार व्यास, के.सी. काका, एल कांत, नरेन्द्र आचार्य, किसन सारस्वा, भंवर चावरिया, उदय व्यास, रामस्वरूप एवं समस्त ईसीबी कर्मचारी, कैलाश स्वामी, अनिल, शेखर रंगा, कालू छंगाणी, भगवाना राम, निखिल हर्ष, सुनील झींझा, चंद्रवीर, शिव शंकर बिस्सा, महजबीन बानो, खुशबू पंवार, शहजाद भुट्टो, आनंद सिंह सोढा, नुसरत आरा, जावेद पड़िहार, सुनील कुमार गेदर, अब्दुल वाहिद, शांतिलाल मोदी, प्रफुल्ल हटीला, मनोज बिश्नोई, नंदलाल जावा, ताहिर हसन, गिरधर जोशी, पवन तंवर, जीतू जोशी, रामचंद्र ओझा, राजू पारीक, किशन किराडू, मनोज दहिया, गोपाल व्यास, राहुल चूरा, देवांनद चावरिया, पूनम मेघवाल, शैलेश श्रीमाली, जोगेन्द्र दम्माणी, महेश व्यास, शिव सुथार, उमेश पुरोहित और देवेन्द्र व्यास ने विभिन्न केन्द्रों को संभाला।
